विश्व चैंपियनशिप में रजत जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं अंशु मलिक, सरिता मोर ने कांस्य जीत खत्म किया पदकों का सूखा

19 साल की अंशु मलिक विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पांचवीं महिला पहलवान हैं। उनसे पहले भारत की 4 महिला पहलवान विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने में सफल रही हैं।

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वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में अंशु मलिक अमेरिकी पहलवान से हार गईं। सरिता मोर ने कांस्य प्लेऑफ में स्वीडन की खिलाड़ी को शिकस्त दी। (सोर्स- ट्विटर)

भारत को कुश्ती में अपनी पहली महिला विश्व चैंपियन के लिए इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि गुरुवार को नार्वे के ओस्लो में युवा अंशु मलिक को 57 किलोग्राम फाइनल में 2016 की ओलंपिक चैंपियन हेलेन लूसी मारोली के खिलाफ शिकस्त झेलनी पड़ी। हालांकि, 19 साल की अंशु मलिक विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली देश की पहली महिला पहलवान बन गईं हैं।

अंशु विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने वाली भारत की पहली महिला पहलवान हैं। अंशु मलिक विश्व चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय हैं। उनसे पहले सुशील कुमार और बजरंग पुनिया विश्व चैंपियनशिप का फाइनल खेलने का कमाल कर चुके हैं। हालांकि, सुशील कुमार ही स्वर्ण पदक जीत पाए थे।

अंशु मलिक विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पांचवीं महिला पहलवान हैं। उनसे पहले भारत की 4 महिला पहलवान विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने में सफल रही हैं। गीता फोगाट ने 2012 में (55 किग्रा), बबीता फोगाट ने 2012 में (51 किग्रा), पूजा ढांडा ने 2018 (57 किग्रा) और विनेश फोगाट (53 किग्रा) ने 2019 में कांसे का तमगा जीता था।

दूसरी ओर 59 किग्रा भार वर्ग में भारत की सरिता मोर ने कांस्य जीतकर बड़े स्तर पर अपना पहला पदक हासिल किया। सरिता ने कांस्य प्लेऑफ में स्वीडन की सारा जोहाना लिंडबोर्ग पर 8-2 से जीत के साथ अपने विश्व चैंपियनशिप पदक सूखे को खत्म किया।

भारतीय महिलाओं का विश्व चैंपियनशिप में अब तक यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत ने इस चैंपियनशिप में एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता है। इससे पहले साल 2012 में गीता और बबीता ने दो ही पदक जीते थे, लेकिन दोनों कांस्य पदक थे।

अंशु ने फाइनल में अमेरिका की हेलेन लूसी मारोली के खिलाफ आक्रामक और सकारात्मक शुरुआत की। वह दूसरे पीरियड के बाद 1-0 से आगे थीं, लेकिन दूसरे पीरियड में हेलेन पूरी तरह हावी रहीं। हेलेन ने अंशु का हाथ पकड़ा और फिर टेकडाउन मूव के साथ 2-1 की बढ़त बनाई। उन्होंने अंशु के दाएं हाथ को नहीं छोड़ा और दो और अंक के साथ 4-1 से आगे हो गईं।

कभी एक-दूसरे के ‘खून’ की प्यासी थीं पहलवान सोनम और अंशु मलिक

गत एशियाई चैंपियन अंशु काफी दर्द में दिख रही थीं लेकिन अमेरिकी पहलवान ने अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने दी। उन्होंने भारतीय पहलवान को चित्त करके जीत हासिल की। अंशु को मुकाबले के तुरंत बाद चिकित्सा सहायता लेनी पड़ी। उनकी आंखों में आंसू नजर आ रहे थे।

इससे पहले दिव्या काकरान (72 किग्रा) को सुबह के सत्र में अपने रेपेचेज मुकाबले में शिकस्त झेलनी पड़ी। उन्हें मंगोलिया की दवानासन एंख अमर ने हराया। ग्रीको रोमन पहलवानों ने एक बार फिर निराशाजनक प्रदर्शन किया जो हैरानी भरा नहीं है।

संदीप (55 किग्रा), विकास (72 किग्रा), साजन (77 किग्रा) और हरप्रीत सिंह (82 किग्रा) प्रतियोगिता से बाहर हो गए। सिर्फ साजन एक मुकाबला जीतने में सफल रहे जबकि अन्य तीन पहलवान अपना पहला मुकाबला ही हार गए।

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