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ट्रेंट बोल्ट-टिम साउदी के अलावा यह गेंदबाज बन सकता है भारत के लिए खतरा, पूर्व गेंदबाज ने बताईं टीम इंडिया की चुनौतियां

स्टार स्पोर्ट्स के शो ‘गेम प्लान’ पर अगरकर ने भारत उन चुनौतियों पर चर्चा की जिनका सामना भारत को करना पड़ सकता है। अगरकर ने कहा, ‘निश्चित तौर पर न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजी आक्रमण में काफी विविधता है।’

Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: June 10, 2021 7:49 PM
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज अजित अगरकर का मानना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में भारत की राह आसान नहीं होगी।

भारत के पूर्व तेज गेंदबाज अजित अगरकर का मानना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में भारत की राह आसान नहीं होगी क्योंकि विरोधी टीम के पास मजबूत तेज गेंदबाज गेंदबाजी आक्रमण है और इंग्लैंड के हालात उनके अनुकूल होंगे। डब्ल्यूटीसी फाइनल साउथम्पटन में 18 से 22 जून तक खेला जाएगा।

स्टार स्पोर्ट्स के शो ‘गेम प्लान’ पर अगरकर ने भारत उन चुनौतियों पर चर्चा की जिनका सामना भारत को करना पड़ सकता है। अगरकर ने कहा, ‘निश्चित तौर पर इसमें (न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजी आक्रमण में) काफी विविधता है। मेरे कहने का मतलब ऐसा इसलिए है कि क्योंकि आप काइल जेमीसन जैसे गेंदबाज को देखिए जो लंबा है और अलग तरह की चुनौती पेश करता है।’ अगरकर ने ट्रेंट बोल्ट और टिम साउदी की अनुभवी तेज गेंदबाजी जोड़ी के अलावा नील वैगनर की सराहना की जो अपनी तेज गति से किसी को भी हैरान करने की क्षमता रखते हैं।

उन्होंने कहा, ‘ट्रेंट बोल्ट और टिम साउदी दोनों दाएं हाथ के बल्लेबाज को गेंदबाजी करते हुए एक गेंद बाहर निकालते हैं तो दूसरी अंदर लेकर आते हैं। इसके बाद वैगनर, जब कुछ मदद नहीं मिल रही होती और पिच सपाट होती है तो वह आकर विकेट हासिल करता है और नियमित तौर पर वह ऐसा कर रहा है। इसलिए चुनौती अलग तरह की होगी।’

अगरकर जानते हैं कि एजिस बाउल के हाथों न्यूजीलैंड टीम के अधिक अनुकूल होंगे। उन्होंने कहा, ‘हालात भी उनके पक्ष में होंगे, क्योंकि जब आप इंग्लैंड में खेलते हैं, तो ये लगभग वैसे ही होते हैं जैसे न्यूजीलैंड में होते हैं। इससे ड्यूक गेंद के साथ आसानी हो जाती है, जो स्विंग करती है, इसलिए यह काफी चुनौतीपूर्ण होगा।’

अगरकर ने कहा, ‘इसके अलावा भारत ने हाल के समय में कोई टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है, ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद भारत विदेशी सरजमीं पर नहीं खेला है। ऑस्ट्रेलिया के हालात पूरी तरह अलग थे। इसलिए यह सबसे बड़ी चुनौती है। और यही कारण है कि मेरा मानना है कि तैयारी महत्वपूर्ण होगी।’

भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी सरजमीं और इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू मैदान दोनों जगह पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए जीत दर्ज की। हाल के वर्षों के भारत के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए अगरकर ने कहा कि टीम इंडिया का मजबूत पक्ष विभिन्न खिलाड़ियों के साथ जीतने की क्षमता है। अगरकर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि जज्बा और अपनी तथा टीम की क्षमता पर विश्वास अहम है। इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला को देखिए, हमने भारत के जीतने की उम्मीद की थी।’

उन्होंने कहा, ‘हां, हालात भारत और उसकी स्पिन गेंदबाजी के अनुकूल थे लेकिन उन्होंने पहला टेस्ट आसानी से गंवा दिया। उन्होंने वापसी की और अगले तीन टेस्ट में इंग्लैंड को आसानी से हराया।’ अगरकर ने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ श्रृंखला को देखिए, भारत ने पहला टेस्ट गंवाया, 36 रन पर पूरी टीम आउट हो गई, कई अहम खिलाड़ियों को गंवाया, फिर वह टीम में आपका सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज विराट कोहली हो या सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज मोहम्मद शमी।’

उन्होंने कहा, ‘श्रृंखला के अंत में आपके पास शार्दुल ठाकुर, टी नटराजन, मोहम्मद सिराज थे, जो ऑस्ट्रेलिया की मजबूत टीम के खिलाफ गेंदबाजी कर रहे थे। आप उन हालात में भी जीत दर्ज करने का तरीका ढूंढने में सफल रहे। इसलिए काफी अनुभवी नहीं होने के बावजूद टीम की गहराई काम आई। टीम में आने वाले खिलाड़ियों को विश्वास था कि वे अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। यह भारत का मजबूत पक्ष है।’

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