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World cup 2019: विजय शंकर का पूरा परिवार खेलता है क्रिकेट, युवराज सिंह से मिलती है कहानी

world cup: आज से ठीक 6 महीने पहले अगर विश्वकप की टीम का जिक्र किया जाय था तो विजय शंकर का नाम दूर-दूर तक नहीं आता था। लेकिन पिछले कुछ समाय में अपने प्रदर्शन से सबके दिलों में छाप छोड़ने वाले शंकर को चयनकर्ताओं ने विश्वकप खेलने का मौका दिया है।

विजय शंकर को मिला विश्वकप खेलने का मौका। (Photo: AP)

world cup 2019: इंग्लैंड और वेल्स में 30 मई से शुरू होने जा रहे क्रिकेट के महाकुम्भ वनडे विश्वकप के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया गया है। बीसीसीआई की सीनियर चयनसमिति ने सोमवार को 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। टीम में जहां ऋषभ पंत का चयन नहीं होना सब को चौंकाने वाला था वहीं इस टीम में एक नाम ने फैंस को उस से भी ज्यादा आश्चर्य चकित किया। वो नाम था ऑलराउंडर विजय शंकर का। आज से ठीक 6 महीने पहले अगर विश्वकप की टीम का जिक्र किया जाय था तो विजय शंकर का नाम दूर-दूर तक नहीं आता था। लेकिन पिछले कुछ समाय में अपने प्रदर्शन से सबके दिलों में छाप छोड़ने वाले शंकर को चयनकर्ताओं ने विश्वकप खेलने का मौका दिया है।

विजय एक क्रिकेट-प्रेमी परिवार से आते हैं, उनके पिता, एच शंकर एक पूर्व क्लब क्रिकेटर हैं और उनके भाई भी लीग क्रिकेट खेलते हैं। उनके पिता ने अपने बेटे की क्रिकेट की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मदिपक्कम में स्थित अपने दो मंजिला घर की छत पर नेट-प्रैक्टिस की सुविधा उपलब्ध कराई थी। उनके पिता ने अपने घर की छत पर नेट्स लगवाए हैं। इतना ही नहीं शंकर के लिए वहां उन्होंने टर्फ विकेट के साथ-साथ बॉलिंग मशीन भी उपलब्ध कराई है। उनकी कहानी भारतीय दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह से मेल खाती है। युवी के पिता योगराज ने तीन दशक पहले अपने चंडीगढ़ के घर पर ऐसा ही कुछ किया था। युवी ने 2011 में भारत को विश्वकप जिताने में मुख्य भूमिका निभाई थी। ऐसे में क्या शंकर भी यह कर पाएंगे?

शंकर को बल्लेबाज अंबाती रायडू के स्थान पर मौका दिया गया है। ऐस में कयास लगाए जा रहे हैं कि शंकर विश्वकप में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं। शंकर ने विश्व कप टीम में जगह बनाने के बाद कहा कि उनका सपना सच हो गया और वह आईपीएल टीम के साथी भुवनेश्वर कुमार के साथ इस महासमर का दबाव झेलने की कला सीख रहे हैं। शंकर ने आईपीएल के अपने साथी भुवनेश्वर का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैं भारतीय विश्व कप टीम का हिस्सा बनकर काफी खुश हूं। यह सपने के साकार होने जैसा है। यहां सनराइजर्स हैदराबाद में भी कुछ सदस्य विश्व कप विजेता टीम के हैं और मैंने उनसे इस बारे में यह समझने के लिए बात की है कि विश्व कप टीम में खेलना कैसा लगता है और फिर इसे जीतने का अहसास क्या होता है। मैंने उनसे काफी कुछ सीखा है कि इस तरह के महासमर में दबाव से निपटने के क्या तरीके हैं। ’’ शंकर को बल्लेबाजी क्रम में जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल किए जाने की उम्मीद है, विशेषकर चौथे नंबर पर। तमिलनाडु के इस खिलाड़ी ने अपनी त्रिआयामी काबिलियत के बूते यह स्थान हासिल किया जिसके पहले अम्बाती रायुडू के पास जाने की उम्मीद थी।

(भाषा इनपुट्स के साथ)

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