बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में बुधवार 19 अगस्त 2026 का दिन भारतीय शटलरों के लिए मिला जुला रहा। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने महिला एकल में कनाडा की वेन यू झांग को 21-16, 21-17 से हराकर राउंड ऑफ 16 (प्री-क्वार्टर फाइनल) में प्रवेश किया, जबकि भारत के लक्ष्य सेन को पुरुष एकल के दूसरे दौर में अमेरिका के गैरेट टैन से चौंकाने वाली हार का सामना करना पड़ा और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए।

पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय जोड़ी वाकओवर मिलने के बाद प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई। विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में पदार्पण करने वालीं उन्नति हुड्डा महिला एकल के राउंड ऑफ 32 में पहला गेम जीतने के बावजूद कनाडा की 12वीं वरीय मिशेल ली के खिलाफ 21-11, 09-21, 21-23 से हार गईं। पुरुष युगल में हरिहरन अम्साकरुणन और एमआर अर्जुन की जोड़ी को भी राउंड ऑफ 32 के एक अन्य मुकाबले में कांग मिन ह्युक और की डोंग जू की कोरिया की जोड़ी के खिलाफ 17-21, 14-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी।

पीवी सिंधु की एकतरफा जीत

पीवी सिंधु और वेन यू झांग के मैच की बात करें तो भारतीय शटलर ने एकतरफा अंदाज में जीत हासिल की। पीवी सिंधु और वेन यू झांग के बीच अब तक तीन मैच खेले गए हैं और तीनों में ही भारतीय शटलर ने बाजी मारी है। पहले गेम में पीवी सिंधु ने शुरुआत से बढ़त बनाई।

वेन यू ने वापसी की कोशिश की और स्कोर 8-8 कराया, लेकिन इसके बाद भारतीय शटलर ने उन्हें दोबारा बराबरी का मौका नहीं दिया और 21-16 से पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में कनाडाई शटलर ने पीवी सिंधु को कड़ी टक्कर देने की कोशिश की। वेन यू ने एक समय स्कोर 15-15 से बराबर कर लिया था, लेकिन इसके बाद पीवी सिंधु ने फिर उन्हें बराबरी का कोई मौका नहीं दिया और 21-17 से गेम और मैच अपने नाम किया।

पहला गेम जीतने के बाद हारे लक्ष्य

लक्ष्य सेन की बात करें तो उनको टैन की तेज गति और आक्रामक खेल से परेशानी हुई। अमेरिकी खिलाड़ी ने स्मैश का प्रभावी इस्तेमाल किया और बार-बार भारतीय खिलाड़ी के बैकहैंड वाले पिछले कोने को निशाना बनाया। टैन ने जंप स्मैश और चकमा देने वाले शॉट् से भी लक्ष्य को परेशान किया। टैन ने पहले गेम में 4-1 की बढ़त बना ली, लेकिन मुकाबला जल्द ही कड़ा हो गया और स्कोर 5-5 से 18-18 तक पहुंच गया। इसके बाद लक्ष्य ने बढ़त हासिल की और पहला गेम अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में टैन ने अपने आक्रमण को और तेज किया तथा रैलियों पर दबदबा बनाया। टैन ने 4-0 की बढ़त बनाई और पूरे गेम में नियंत्रण बनाए रखा। लक्ष्य सेन ने वापसी की कोशिश करते हुए स्कोर 15-20 तक पहुंचाया और चार गेम पॉइंट बचाए, लेकिन टैन ने आखिरकार गेम जीतकर मुकाबला बराबर कर दिया।

निर्णायक गेम में टैन ने शुरुआत से ही नियंत्रण बनाया और 12-4 की बढ़त हासिल की। हालांकि, लक्ष्य सेन ने फिर जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 15-17 कर दिया। टैन का 17वां अंक एक लंबी और रोमांचक रैली के बाद आया, जिसमें वह आगे की ओर गिर गए और उन्हें मेडिकल टाइमआउट लेना पड़ा। टैन ने इसके बाद जंप स्मैश लगाकर स्कोर 18-16 कर दिया।

कोर्ट पर फिसले लक्ष्य, अमेरिकी शटलर ने नाम किया मैच

इसके बाद लक्ष्य सेन की सर्विस लंबी चली गई और टैन ने क्रॉस-कोर्ट स्मैश लगाकर चार मैच पॉइंट हासिल किये। लक्ष्य सेन ने कुछ अच्छे स्मैश लगाकर खुद को मैच बनाए रखा, लेकिन अगली रैली के दौरान फिसल गए। टैन ने मौके का फायदा उठाते हुए शटल को कोर्ट में गिरा दिया और यादगार जीत दर्ज की।

विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में 49 साल का भारतीय सफर: प्रकाश पादुकोण से पीवी सिंधु तक, 11 खिलाड़ियों के 15 पदकों की कहानी

विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत ने 49 साल में 15 पदक जीते हैं। प्रकाश पादुकोण से शुरू हुआ सफर पीवी सिंधु, साइना नेहवाल और सात्विक-चिराग तक पहुंचा। (पूरी कहानी जानने के लिए क्लिक करें)