U20 विश्व चैंपियनशिप: 17 साल के अमित खत्री ने 10 किमी मीटर वॉक में पहली बार देश को मेडल दिलाया, सांस लेने में परेशानी के कारण गोल्ड से चूके

भारत के अमित खत्री ने शनिवार यानी 21 अगस्त 2021 को अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की 10,000 मीटर रेस वॉक स्पर्धा में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के इतिहास में भारत ने पहली बार इस इवेंट ने पदक जीता है।

Amit Khatri won silver medal 10000 meter race walk TWITTER AFIINDIA
17 साल के अमित खत्री ने नैरोबी में विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 10 हजार मीटर रेस वॉक में सिल्वर मेडल जीता। (सोर्स- ट्विटर/@AFIINDIA)

भारत के अमित खत्री ने शनिवार यानी 21 अगस्त 2021 को अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की 10,000 मीटर रेस वॉक स्पर्धा में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के इतिहास में भारत ने पहली बार इस इवेंट ने पदक जीता है।

नैरोबी में आयोजित इस प्रतियोगिता में अमित ने 42:17.94 मिनट के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। रेस के अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ने से पहले अमित खत्री सबसे आगे चल रहे थे, लेकिन तभी उन्हें सांस लेने में थोड़ी परेशानी हुई और उन्होंने अंतिम लैप से पहले पानी पीने के लिए ब्रेक लिया। इसका नतीजा यह हुआ कि उनसे पीछे चल रहे केन्या के हेरिस्टोन वान्योनी ने आगे निकल गए और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया।

अमित जैसे ही पानी लेने के लिए रास्ते से हटे, वान्योनी आगे की ओर दौड़े और रेस में मजबूत बढ़त लेने के लिए भारतीय को पीछे छोड़ते हुए आगे निकल गए। केन्या के हेरिस्टोन वान्योनी ने 42.10.84 मिनट का समय निकालकर गोल्ड मेडल जीता। स्पेन के पॉल मैकग्राथ 42.26.11 मिनट के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इस अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का यह दूसरा पदक है। इससे पहले भारत ने 4×400 मीटर मिश्रित रिले स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।

ओवरऑल बात करें तो अमित खत्री का यह पदक अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के इतिहास में भारत का छठा पदक है। उनका यह पदक मौजूदा चैंपियनशिप में भारत का पहला रजत पदक भी है।

अमित खत्री ने रेस खत्म होने के बाद कहा, ‘चूंकि यह अधिक ऊंचाई पर है इसलिए मेरे लिए सांस लेने में समस्या है। यह मेरी पहली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता थी। मैंने देश के लिए रजत पदक जीता। मैं सिल्वर मेडल से खुश हूं, कम से कम मैं भारत की उम्मीदों पर खता तो उतर पाया।’

हरियाणा में रोहतक जिले के रहने वाले अमित खत्री ने कहा, ‘मैंने इस नतीजे की उम्मीद नहीं की थी, लेकिन मैं रजत पदक से खुश हूं। मैं परिस्थितियों से सांमजस्य बिठाने पांच दिन पहले यहां आ गया था, लेकिन ऊंचाई का मुझ पर असर पड़ा।’ उन्होंने कहा, ‘रेस में कहीं कहीं मैं सही से सांस नहीं ले पा रहा था, लेकिन मैं अपने रजत पदक से खुश हूं।’

इस युवा एथलीट का यह पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था। उनके कोच चंदन सिंह ने कहा, ‘अमित ज्यादातर समय रेस में आगे चल रहा था लेकिन केन्या के एथलीट ने अचानक एक-डेढ़ लैप पहले बढ़त ले ली। अमित स्वर्ण पदक जीत सकता था, लेकिन ऊंचे इलाके से असर पड़ा। केन्याई एथलीट ऐसी घरेलू परिस्थितियों में ट्रेनिंग कर रहा था, जिसका उसे फायदा मिला।’

अमित खत्री ने इस साल जनवरी में जूनियर फेडरेशन कप में अपना राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने का चलन जारी रखा था। 17 साल के अमित खत्री ने 40:40:97 मिनट में 10 किमी की रेस पूरी की थी। उन्होंने अपने ही राज्य के परमदीप मोर से लगभग आधा मिनट रेस पूरी कर ली थी। अमित खत्री का यह समय 2019 में राष्ट्रीय युवा चैंपियनशिप में उनके पिछले सर्वश्रेष्ठ 43:36.26 से करीब 3 मिनट कम था।

पढें खेल समाचार (Khel News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

X