Women's Day: Women's player climbs to peak - महिला दिवस: शिखर पर चढ़तीं देश की महिला खिलाड़ी - Jansatta
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महिला दिवस: शिखर पर चढ़तीं देश की महिला खिलाड़ी

महिला खिलाड़ी आज खेलों की दुनिया में अपना अलग मुकाम बनाने में सफल रही हैं। लंदन ओलंपिक में पदक जीतकर इतिहास बनाने वाली एमसी मेरी कॉम पांच बार विश्व चैंपियन और इतनी ही बार एशियाई चैंपियन रहने और तीन बच्चों के परिवार के बावजूद आज भी हार मानने को तैयार नहीं हैं और उन्होंने करीब चार महीने ही एशियाई खिताब जीतकर सबको चौंका दिया।

Author March 8, 2018 5:56 AM
बैडमिंटन में पीवी सिंधू ने पिछले साल छह प्रतियोगिताओं के फाइनल में पहुंचने का कमाल किया, जिनमें से तीन में वह विजयी रहीं और विश्व स्पर्धा का रजत पदक भी उनके नाम रहा।

मनोज जोशी

आज मीराबाई चानू भारोत्तोलन में विश्व विजेता हैं तो नवजोत कौर कुश्ती में एशियाई विजेता। अरुणा बी रेड्डी ने जिम्नास्टिक की वॉल्ट स्पर्धा में पिछले दिनों वह कर दिखाया है, जो आज तक कोई भारतीय इस खेल में नहीं कर पाया। बैडमिंटन में पीवी सिंधू इस समय दुनिया की शीर्ष तीन खिलाड़ियों में शामिल हैं। मिताली राज ने वनडे क्रिकेट में दुनिया में सबसे अधिक रन बनाए हैं तो झूलन गोस्वामी ने इसी फॉर्मेट में सबसे अधिक विकेट अपने नाम किए हैं। महिला क्रिकेट टीम दक्षिण अफ्रीका में एकदिवसीय और टी-20 सीरीज जीतकर लौटी है और इससे पहले यही टीम विश्व कप के फाइनल तक अपनी चुनौती रख चुकी है। महिलाओं की कबड्डी टीम दुनिया की सरताज है जबकि हॉकी टीम एशिया कप की चैंपियन। 16 साल की निशानेबाज हरियाणा की मनु भाकर ने मैक्सिको में आयोजित आइएसएसएफ वर्ल्ड कप की दस मीटर एअर पिस्टल और दस मीटर की एअर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर कमाल कर दिया। पीवी सिंधू और साक्षी मलिक रियो ओलंपिक में पहले ही भारत की लाज बचा चुके हैं।

इस सबके बावजूद भारतीय महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों को आम तौर पर वैसा सम्मान नहीं मिल पाता, जो पुरुषों के खेलों को मिलता है। विराट कोहली की टीम की तरह ही महिला टीम ने भी दक्षिण अफ्रीका में शानदार प्रदर्शन करके सीरीज जीतीं लेकिन महिलाएं हाशिये पर ही रहीं। इसी तरह कबड्डी में विश्व कप जीतने और हॉकी में एशिया कप जीतने की उपलब्धियों को भी वह सम्मान नहीं मिला, जो मिलना चाहिए था। महिला बैडमिंटन के स्तर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ओलंपिक में रजत पदक जीतने और दुनिया में टॉप तीन खिलाड़ियों में जगह बनाने के बावजूद पीवी सिंधू पिछला राष्ट्रीय खिताब भी नहीं जीत पाई थीं। इससे इस खेल में महिलाओं के स्तर का अंदाजा लगाया जा सकता है।

pv sindhu पी वी सिंधु

महिला खिलाड़ी आज खेलों की दुनिया में अपना अलग मुकाम बनाने में सफल रही हैं। लंदन ओलंपिक में पदक जीतकर इतिहास बनाने वाली एमसी मेरी कॉम पांच बार विश्व चैंपियन और इतनी ही बार एशियाई चैंपियन रहने और तीन बच्चों के परिवार के बावजूद आज भी हार मानने को तैयार नहीं हैं और उन्होंने करीब चार महीने ही एशियाई खिताब जीतकर सबको चौंका दिया। वह एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भी इकलौती महिला मुक्केबाज हैं। इसी तरह लंदन ओलंपिक में ही पदक जीतने वाली साइना नेहवाल आज भी न सिर्फ पीवी सिंधू को हरा रही हैं बल्कि मलयेशियाई मास्टर्स ग्रांप्री जीतने के अलावा इंडोनेशियाई मास्टर्स के फाइनल में पहुंचने से पहले दो चीनी खिलाड़ियों हराने में सफल रही हैं।

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इसी तरह भारत की पहली महिला ओलंपियन पहलवान गीता फोगट राष्ट्रमंडल खेल का गोल्ड जीतने के सात साल बाद भी अंतरराष्ट्रीय पदक की आस में जीतोड़ मेहनत करने में जुटी हुई हैं और उनके साथ विश्व का पदक जीत चुकीं उनकी छोटी बहन बबीता ने राष्ट्रमंडल खेल के लिए क्वालीफाई करके अपने तमाम आलोचकों के मुंह पर ताला लगा दिया है। पूजा ढांडा ने पीडब्ल्यूएल के दौरान ओलंपिक और विश्व विजेता हेलन मारोलिस को दो बार हराकर सबको चौंका दिया। पिछले साल साक्षी, विनेश, सरिता और जूनियर से सीनियर में आईं दिव्या काकरान ने एशियाई चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाकर शानदार प्रदर्शन किया। इनमें विनेश ही अपने रजत पदक को बरकरार रख पाईं। ऋतु फोगट ने विश्व अंडर 23 चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने का कमाल किया। हरमनप्रीत कौर ने विश्व कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 171 रन की अपराजित पारी खेलकर सबको अपना मुरीद बना दिया और वे इससे पहले बिग बैश लीग में सिडनी थंडर्स से करार करने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बनीं।

गीता फोगाट- कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को स्वर्ण पदक जीता चुकीं गीता फोगाट के पति पवन कुमार है, जिनकी अभी शादी हुई है। पवन कुमार खुद एक रेसलर हैं और उन्होंने भी कई पदक जीते हैं और उन्होंने कॉमनवेल्थ में कांस्य पदक जीते थे।

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