महिला पैरा एथलीट ने दी धमकी- कॉमनवेल्थ में मौका न मिला तो कर लूंगी आत्महत्या - Women para power lifter said if her name not considered in Commenwealth games 2018 then she will suicide in front of IOA - Jansatta
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महिला पैरा एथलीट ने दी धमकी- कॉमनवेल्थ में मौका न मिला तो कर लूंगी आत्महत्या

खातून ने कहा "मुझे इससे गहरा दुख पहुंचा है। पिछले चार सालों से मैं इन खेलों का इंतजार कर रही थी। मैंने इनके लिए बहुत मेहनत की है और अब मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं प्रैक्टिस करूं या इस मामले से निपटु। मैं बहुत तनाव में हूं।"

Author बेंगलुरू | February 7, 2018 4:07 PM
राष्ट्रमंडल खेलों की सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए खातून ने पैरालम्पिक कमेटी को पत्र लिखा था।

ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में इस साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की सूची में अपना नाम न होने के बाद पैरा एथलीट ने धमकी दी है कि अगर उसके नाम पर विचार नहीं किया गया तो वह इंडियन ऑलम्पिक एसोसिएशन के सामने आत्महत्या कर लेगी। एएनआई से बातचीत के दौरान पैरा पावर-लिफ्टर सकीना खातून ने कहा “मैं अभी तक देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों की सूची में अपने नाम के दर्ज होने का इंतजार कर रही हैं। मैं इसके खिलाफ आखिर तक लडूंगी। अगर मेरा नाम सूची में शामिल नहीं किया जाता है तो मैं कोर्ट तक जाऊंगी क्योंकि उन्होंने मेरी जिंदगी खराब की है।”

खातून ने कहा “इस मामले को मैं ऐसे नहीं छोडूंगी, इसके लिए मुझे आईओए के सामने आत्महत्या ही क्यों न करनी पड़े।” आपको बता दें कि ग्लासगो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में खातून ने लाइटवेट में कास्य पदक जीता था। खातून अकेली ऐसी पैरा एथलीट हैं जिन्होंने अभीतक इस कैटेगरी में मेडल जीता है। खातून ने कहा “मुझे इससे गहरा दुख पहुंचा है। पिछले चार सालों से मैं इन खेलों का इंतजार कर रही थी। मैंने इनके लिए बहुत मेहनत की है और अब मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं प्रैक्टिस करूं या इस मामले से निपटु। मैं बहुत तनाव में हूं।” राष्ट्रमंडल खेलों की सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए खातून ने पैरालम्पिक कमेटी को पत्र लिखा था।

पैरालम्पिक कमेटी ने खातून से इसके लिए आईओए को पत्र लिखने के लिए कहा। खातून ने कहा कि पत्र लिखने के बाद भी कमेटी और मंत्रालय की तरफ से उन्हें कोई जवाब नहीं आया है। खातून ने कहा “इस मुकाम तक पहुंचने के लिए मैंने बहुत मेहनत की है। मैं एक बहुत ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हूं। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात करते हैं तो क्यों उन्होंने इस बेटी को बीच में छोड़ दिया है। इस सबके बाद मैं अंदर से टूट गई हूं लेकिन फिर भी मैं प्रैक्टिस कर रही हूं। अगर मैं राष्ट्रमंडल खेलों में नहीं जा पाती तो मैं आईओए के सामने आत्महत्या कर लूंगी।”

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