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IND vs AUS: मैच से पहले हो गया फैसला, मयंक अग्रवाल के साथ हनुमा विहारी करेंगे ओपनिंग

ind vs aus: इस मैच में मयंक अग्रवाल अपना डेब्यू करने जा रहे हैं। टीम इंडिया के लिए हाल फिलहाल के दिनों में सलामी बल्लेबाजी उसकी चिंता का सबब बना हुआ है, टेस्ट मुकाबलों में भारत ने ओपनिंग जोड़ी में इस साल कई प्रयोग किए लेकिन पृथ्वी शॉ को छोड़कर सभी ने निराशाजनक प्रदर्शन किया है।

Author Updated: December 25, 2018 2:56 PM
ईरानी कप, शेष भारत, विदर्भ, नागपुर, हनुमा विहारी, Irani Cup, Hanuma Vihari, Rest of India, Vidarbha, Rest of India vs Vidarbhaहनुमा विहारी (फोटो साभार-twitter)

हनुमा विहारी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बुधवार से मेलबर्न खेले जाने वाले तीसरे टेस्ट में सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभाएंगे जिस पर चयन समिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद ने आश्वासन दिया कि अगर वह नयी जिम्मेदारी में विफल रहते हैं तो उन्हें मध्यक्रम में भी पूरा मौका मिलेगा। लोकेश राहुल और मुरली विजय के विफल होने के बाद टीम प्रबंधन ने डेब्यू कर रहे मयंक अग्रवाल के साथ विहारी को पारी की शुरुआत करने के लिए चुना है। प्रसाद से जब पूछा गया कि क्या यह विहारी के लिए गलत नहीं होगा क्योंकि उन्होंने अभी तक सिर्फ दो टेस्ट खेले हैं और घरेलू प्रथम श्रेणी में भी वह नियमित तौर पर पारी शुरू नहीं करते तो उन्होंने कहा, ‘‘ अगले दो टेस्ट में अगर वह सलामी बल्लेबाज की भूमिका में विफल होते हैं तो भी उन्हें मध्यक्रम में पूरा मौका मिलेगा।’’ घरेलू क्रिकेट में आंध्र के लिए खेलने वाले विहारी को करीब से देखने वाले प्रसाद ने कहा कि उनके पास नयी कूकाबूरा गेंद का सामना करने के लिए अच्छी तकनीक है।

उन्होंने कहा, ‘‘ वह अच्छा है, तकनीकी रूप से हमें लगा की विहारी दक्ष है। ऐसे कई मौके रहे है जब टीम की जरूरत के मुताबिक चेतेश्वर पूजारा ने भी पारी की शुरूआत की है। टीम को अभी इसकी जरूरत है और मैं निश्चित रूप से आश्चस्त हूं कि वह सफल होगा। मैं कह सकता हूं कि यह लंबे समय के लिए समाधान नहीं होगा।’’ विहारी की तरह प्रसाद को भी 1999 के दौरे पर ऐसे जिम्मेदारी दी गयी थी लेकिन वह ब्रेट ली की तेज गेंदों का सामना नहीं कर सके थे। उन्होंने कहा विहारी को यह मौका एक अवसर के रूप में लेना चाहिए।

उन्होंने कहा,‘‘ मुझे हमेशा लगता है कि वह (1999 के ऑस्ट्रेलिया दौर पर) मेरे लिए मौका था जिस पर मैं खरा नहीं उतर सका। हमें लगता है कि रोहित की तुलना में विहारी ऐसा करने में ज्यादा सक्षम है। हम उसकी तकनीक को लेकर आश्वस्त हैं और भरोसा है कि वह लंबे समय तक भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा रहेगा। मयंक को भारत ए के लिए नियमित तौर पर अच्छा प्रदर्शन करने का फायदा मिला है तो वहीं पिछले एक साल से लगातार विफल हो रहे राहुल और विजय के भविष्य पर प्रसाद ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा।

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