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एकाग्रताः फ्रेंच ओपन – लाल बजरी पर किसके सिर सजेगा ताज

इस महीने के अंत में शुरू हो रही फ्रेंच ओपन टेनिस प्रतियोगिता नई दिशा तय करेगी। पुरुष वर्ग में जहां चैंपियन को लेकर स्थिति साफ है वहीं महिला वर्ग में कयास लगाना मुश्किल है।

Author May 17, 2018 05:20 am
यह क्ले कोर्ट लंबे कद के राफेल नडाल के लिए मुफीद रहा है।

मनीष कुमार जोशी

इस महीने के अंत में शुरू हो रही फ्रेंच ओपन टेनिस प्रतियोगिता नई दिशा तय करेगी। पुरुष वर्ग में जहां चैंपियन को लेकर स्थिति साफ है वहीं महिला वर्ग में कयास लगाना मुश्किल है। यहां सेरेना विलियम्स अभी भी टॉप पर रहने के लिए शानदार चुनौती पेश कर रही हैं। फ्रेंच ओपन अन्य ग्रैंडस्लैम से अलग है। दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी रोजर फेडरर केवल एक बार 2009 में रोलां गैरां पर खिताब जीत पाए हैं।

रोलां गैरां कोर्ट को कठिन माना जाता है। यह भी सच है कि यहां जीतने वाला दूसरे ग्रैंडस्लैम में उतना सफल नहीं रहता। इसका कारण है कि यहां बेसलाइन से खेलने वाले खिलाड़ी ज्यादा सफल रहते हैं। यहां गेंद टप्पा खाने के बाद धीमी हो जाती है। यहां पर टॉप स्पिन पर शॉट खेलना बेहद मुश्किल होता है। साथ ही सर्व को रिटर्न करना भी मुश्किल होता है।

पुरुषों का सरताज

यह क्ले कोर्ट लंबे कद के राफेल नडाल के लिए मुफीद रहा है। नडाल यहां 10 बार खिताब जीत चुके हैं जबकि अन्य ग्रैंडस्लैम में उनका रेकार्ड इतना अच्छा नहीं है। 2007 तक तो वे फ्रेंच ओपन के अलावा कोई ग्रैंडस्लैम नहीं जीत पाए थे। इसका कारण है कि क्ले कोर्ट के टूर्नामेंट के बाद सीधे ग्रास कोर्ट पर विंबलडन खेलना होता है और विंबलडन जीतने की इच्छा रखने वाले खिलाड़ी फ्रेंच ओपन छोड़ देते हैं। फ्रेंच ओपन के रोलां गैरां पर आपको अलग प्रकार की तकनीक की जरूरत रहती है जो अन्य कोर्ट से भिन्न है। 2018 की शुरुआत में रोजर फेडरर ने आस्ट्रेलिया ओपन जीतकर इतिहास रचा था। इस जीत के साथ ही वे उम्रदराज नंबर एक खिलाड़ी बन गए। रोजर ने इस साल क्ले कोर्ट सर्किट से अपना नाम वापस ले लिया है। इस कारण नडाल इस बार जीत के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। नोवाक जोकोविक से उन्हें यहां कड़ी चुनौती मिल सकती है लेकिन जोकोविक का हाल का प्रदर्शन ठीक नहीं रहा है। इसके बावजूद बेसलाइन का खिलाड़ी होने के कारण उन्हें दूसरा सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है। डेल पेत्रो भी क्ले कोर्ट के बेहतर खिलाड़ी हैं।

महिला दावेदारी

सेरेना विलियम्स को फ्रेंच ओपन के दावेदारों में अव्वल माना जा रहा है। वे तेजतर्रार खिलाड़ी हैं, इसलिए उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। वह क्ले कोर्ट पर 2016 मुगरुजा से पराजित होने के बाद नहीं आई हैं। दुनिया की तीन नंबर की खिलाड़ी ग्रैबियन मुगरुजा क्ले कोर्ट की खिलाड़ी मानी जाती हैं और वे 2016 में सेरेना विलियम्स को हरा कर चैंपियन बनी थीं। इसी तरह मारिया शारपोवा भी क्ले कोर्ट की मजबूत खिलाड़ी हैं। सिमोन हालेप भी कड़ी चुनौती पेश करेंगी।

भारतीयों का सवाल

जहां तक भारतीय खिलाड़ियों का सवाल है। यूकी भांबरी को मुख्य ड्रॉ में जगह मिली है। इसके अलावा मिश्रित युगल और युगल में भारतीय खिलाड़ी कहां तक पहुंच पाते हैं, यह देखना होगा। भारतीय खिलाड़ी क्ले कोर्ट पर इतने सफल नहीं रहे हैं। फ्रेंच ओपन में भारतीय खिलाड़ियों से कोई खास उम्मीद नहीं है।

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