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जानें कौन है प्रो कबड्डी लीग की नीलामी में 1.45 करोड़ में बिकने वाले सिद्धार्थ देसाई

प्रो कबड्डी लीग के छठे सीजन में महाराष्ट्र के सिद्धार्थ देसाई को यू मुंबा ने महज 36.4 लाख रुपये में खरीदा था और इस सीजन लंबी छलांग लगाते हुए वह नीलामी में करोड़पति बनने में सफल रहे।

Author April 9, 2019 12:59 PM
सिद्धार्थ देसाई पीकेएल के इतिहास में सबसे महंगे बिकने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। (Photo: PKL)

प्रो कबड्डी लीग के 7वें सीजन के पहले दिन की नीलामी का आयोजन 8 अप्रैल मुंबई में किया गया। इस नीलामी में सिद्धार्थ देसाई एक ऐसा नाम रहा जिसने सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी। सिद्धार्थ देसाई को तेलुगू टाइटंस ने 1.45 करोड़ रुपए में खरीदा। सिद्धार्थ अपने बेस प्राइज से 5 गुना राशि में बिके। इसके साथ ही वह पीकेएल के इतिहास के दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए। पीकेएल की नीलामी में सबसे महंगे बिकने का रिकॉर्ड मोनू गोयत के नाम दर्ज है। मोनू को पिछले साल हरियाणा स्टीलर्स ने 1.51 करोड़ रुपए में अपनी टीम में शामिल किया था।

पहले दिन की नीलामी में जैसे ही सिद्धार्थ देसाई के नाम का ऐलान हुआ तो मुंबई के होटल के हॉल में बातचीत का स्वर तेज हो गया। पिछले सीजन प्रो कबड्डी लीग में डेब्यू करने के साथ ही धमाल मचाने वाले सिद्धार्थ को हर टीम अपने साथ जोड़ना चाहती थी लेकिन आखिर में तेलुगू टाइटंस बाजी मारने में सफल रही।

पिछले सीजन सिद्धार्थ देसाई को यू मुंबा ने महज 36.4 लाख रुपये में खरीदा था और इस सीजन लंबी छलांग लगाते हुए वह नीलामी में करोड़पति बनने में सफल रहे। अपने पहले पीकेएल सीजन के दौरान सिद्धार्थ को कोई नहीं जानता था लेकिन जैसे ही उन्होंने अपने खेल से विरोधियों को पस्त करना शुरू किया तो हर जगह उन्हीं के नाम की चर्चा होने लगी।

जब पीकेएल लांच हुआ तब महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के चांदगढ़ के रहने वाले सिद्धार्थ देसाई का 5 साल पहले पूरा फोकस खेल पर ही था। सिद्धार्थ ने कहा, “मैं पहले कबड्डी खेलता था, लेकिन पेशेवर नहीं। मैं मिट्टी के कोर्ट में स्थानीय टूर्नामेंट खेलता था। जब पीकेएल शुरू हुआ, तो मैंने इसे गंभीरता से लेना शुरू किया और एक क्लब में प्रशिक्षण के लिए पुणे चला गया।”

देसाई पहले से ही फिटनेस फ्रीक थे जिसने उनके खेल में काफी मदद की। लेकिन फिटनेस पर वह इसलिए काम करते थे ताकि अच्छा दिख सके। उन्होंने कहा, “मैं जब 10वीं क्लास में था तभी से फिटनेस के लिए पागल था। मैं अच्छा और फिट दिखना चाहता था और यह वास्तव में खेल के लिए नहीं था। इसलिए मैं जिम में काफी वर्कआउट और स्ट्रैंथ ट्रेनिंग करता था।”

सिद्धार्थ देसाई बचपन से ही कबड्डी खेलते थे। जिसकी सबसे बड़ी वजह थी कि उनके पिताजी और बड़े भाई भी कबड्डी खिलाड़ी थे। पढ़ाई के साथ-साथ देसाई लोकल कल्ब और टूर्नामेंट में कबड्डी खेला करते थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने प्रोफेशनल तौर पर कबड्डी खेलने का फैसला किया और साल 2018 में महाराष्ट्र की टीम में चुन लिए गए। इस दौरान उन्होंने सीनियर नेशनल ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। इसके कुछ दिन बाद उन्होंने प्रो कबड्डी लीग की नीलामी में भाग लिया जहां उनकी घरेलू टीम यू मुंबा ने उन्हे 36.4 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल कर लिया, जोकि उनके बेस प्राइज से 5 गुना ज्यादा रकम थी।

पीकेएल के छठे सीजन के शुरुआती मैचों में ही देसाई ने बता दिया की इस सीजन की वह सबसे बड़ी खोज हैं। पिछले सीजन सिद्धार्थ 221 पाइंट के साथ टोटल पाइंट टेबल में तीसरे स्थान पर रहे। अब एक बार फिर प्रो कबड्डी लीग के 7वें सीजन में कोल्हापुर के इस होनहार खिलाड़ी पर सभी की नजरें टिकी होंगी, जो इस बार तेलुगू टाइटंस की ओर से खेलते हुए नजर आएंगे।

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