भारतीय टीम रविवार (8 मार्च) को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आठवीं बार क्रिकेट वर्ल्ड कप का खिताबी मुकाबला खेलने उतरेगी। भारत 7 में से 4 फाइनल जीता है। फिलहाल उसकी गिनती दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम के तौर पर होती है। हालांकि, एक समय ऐसा था जब भारतीय टीम की गिनती फिसड्डियों में होती थी। भारत 1983 में पहली बार कपिल देव की कप्तानी में क्रिकेट विश्व कप जीता था। उसने फाइनल में तब की सर्वश्रेष्ठ टीम वेस्टइंडीज को हराया था।

कपिल देव की उस टीम को इतना कमजोर आंका गया था कि क्रिकेट की मशूहर पत्रिका विजडन के एडिटर डेविड फ्रिथ ने यह तक कह दिया था कि अगर भारत विश्व कप जीतता है तो वह अपने शब्द खाएंगे। फ्रिथ ने टूर्नामेंट से पहले 1983 विश्व कप में हिस्सा लेने वाली टीमों का विश्लेषण किया। उन्होंने वेस्टइंडीज को खिताब का प्रबल दावेदार बताया। पाकिस्तान और इंग्लैंड जैसी टीमों से चौंकाने वाले प्रदर्शन की उम्मीद जताई थी, लेकिन भारत की काफी आलोचना की।

भारत का 1975 और 1979 में खराब प्रदर्शन

फ्रिथ ने भारत की आलोचना की थी क्योंकि 1975 में वह सिर्फ ईस्ट अफ्रीका से जीत पाया था। 1979 में श्रीलंका जैसी एसोसिएट टीम से हार गया था। खराब रिकॉर्ड देखते हुए फ्रिथ ने लिखा था कि अगर भारत के प्रदर्शन में सुधार नहीं आता है तो अगले विश्व कप में उसे एसोसिएट देशों के साथ खेलकर क्वालिफाई करना चाहिए। फ्रिथ को शायद यह ध्यान नहीं था कि भारतीय टीम वर्ल्ड कप खेलने वेस्टइंडीज को वनडे मैच में हराकर आई थी।

फ्रिथ को निगलने पड़े अपने शब्द

भारत ने वेस्टइंडीज को हराकर वर्ल्ड कप जीता। फ्रिथ का लेख अमेरिका के न्यू जर्सी के निवासी मान सिंह ने भी पढ़ा था। टूर्नामेंट खत्म होने के बाद मान ने विजडन क्रिकेट मैगजीन को पत्र लिखा, जो लेटर्स टू द एडिटर सेक्शन में छपा था। उन्होंने फ्रिथ को लेख की याद दिलाई, और कहा कि वर्ल्ड कप के नतीजे को देखते हुए उन्हें अपने शब्द वापस ले लेने चाहिए। उन्होंन बोला कि सिर्फ बोलकर या लिखकर शब्द वापस लेने कुछ नहीं होगा। फ्रिथ को अपने शब्द खाने होंगे। इसके साथ वह अपनी पसंद का कोई गर्म या ठंडे पेय पी सकते हैं।

1983 वर्ल्ड कप पर बनी फिल्म में भी फ्रिथ का जिक्र

फ्रिथ ने मान सिंह की बात मानी। उसी सेक्शन में विजडन ने अपने एडिटर की एक फोटो छापी जिसमें वह कागज का टुकड़ा खाते दिखे और उनके चेहरे पर मुस्कान थी। 1983 वर्ल्ड कप पर बनी फिल्म में भी फ्रिथ को दिखाया गया है। कपिल देव प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके सवाल का जवाब देते हुए अंग्रेजी में कहते हैं कि वह यहां वर्ल्ड कप जीतने नहीं आए हैं तो क्या करने आए हैं।

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