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…जब चिन्नास्वामी में गूंजा ‘एबीडी’, ‘एबीडी’

चिन्नास्वामी स्टेडियम में लगभग 20 हजार दर्शक एबी डिविलियर्स के लिए ‘एबीडी, एबीडी’ चिल्लाकर अपना सौवां टैस्ट मैच खेल रहे इस दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज का..

Author बंगलुरु | November 15, 2015 01:18 am
डिविलियर्स ने कहा कि विश्व भर में मोटी धनराशि देने वाले टी20 टूर्नामेंट की भरमार खिलाड़ियों को आकर्षित कर रहे हैं। (फाइल फोटो)

भारतीय दर्शक ‘सचिन, सचिन’ के नाम से स्टेडियम को गुंजायमान करने के लिए मशहूर रहे हैं लेकिन चिन्नास्वामी स्टेडियम में शनिवार को नजारा पूरी तरह से बदला हुआ था और लगभग 20 हजार दर्शक किसी भारतीय के नहीं बल्कि एबी डिविलियर्स के लिए ‘एबीडी, एबीडी’ चिल्लाकर अपना सौवां टैस्ट मैच खेल रहे इस दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज का अभिवादन कर रहे थे। इसमें कोई हैरानी नहीं कि स्टेडियम में मौजूद डिविलियर्स के माता पिता भी इससे भाव विभोर हो गए। डिविलियर्स इंडियन प्रीमियर लीग में इसी शहर की फ्रेंचाइजी से खेलते हैं और यहां उनके प्रशंसकों की कमी नहीं है।

सचिन तेंदुलकर ने जब से 200वां टैस्ट मैच खेला तब से 100 टैस्ट खेलना बहुत बड़ी उपलब्धि नहीं रही लेकिन जब किसी भारतीय स्टेडियम का माहौल डरबन के किंग्समीड या केपटाउन के न्यूलैंड्स जैसा हो तो साफ है जिस खिलाड़ी के इतने गुणगान हो रहे हैं उसने कितने दिलों को जीता है। इसे आप आइपीएल का प्रभाव कह सकते हैं लेकिन किसी विदेशी खिलाड़ी के लिए अर्धशतक पूरा करने पर कभी दर्शकों ने खड़े होकर तालियां नहीं बजाई होंगी और फिर जब यह बल्लेबाज अपने सौवें टैस्ट मैच में 15 रन से शतक से चूक जाता है तो स्टेडियम भी खामोश हो जाता है। अब तक केवल आठ बल्लेबाज ही अपने सौवें टैस्ट में शतक बना पाए हैं।

अपनी पत्नी मिली के साथ मीडिया बॉक्स में पहुंचे एबी डिविलियर्स सीनियर (यही एबीडी के पिता का नाम है) ने कहा कि मुझे एबीडी, एबीडी सुनकर आश्चर्य हुआ। जब एबी आउट हुआ तो वे दुखी थे। हम सभी जानते हैं कि बंगलुरु एबी का दूसरा घर है क्योंकि वे रॉयल चैलेंजर्स बंगलूर के लिए लंबे समय से आइपीएल में खेल रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि अब वे भारतीय भाषाएं सीखेंगे। डिविलियर्स की मां मिली ने बताया कि उनका बेटा बचपन से ही टीम मैन रहा है। उन्होंने कहा कि वे जब युवा था तो अच्छा गोल्फ खेलते थे। मैंने जब उन्हें गोल्फ खेलते हुए देखा तो सपना देखने लगी कि मेरा बेटा एक दिन एर्नी एल्स बनेगा। वे अच्छा टेनिस खिलाड़ी भी थे। उनकी मां ने कहा कि लेकिन हमें अहसास होने लगा कि एबी व्यक्तिगत खेलों के लिए नहीं बना है क्योंकि उन्हें अपने आसपास लोगों की मौजूदगी और टीम में होना पसंद है। और वे उतना शांत भी नहीं है जितना मैदान पर दिखता है।

किसी ने उनके पिता से पूछा कि वे चाहते थे कि उनका बेटा डॉक्टर बने, उन्होंने मुस्कराते हुए कहा कि हमारे परिवार का अकादमिक रेकार्ड अच्छा रहा है। मैं चाहूंगा कि मेरा बेटा कभी कोई डिग्री हासिल करे। लेकिन अपने करिअर में उन्होंने जो कुछ हासिल किया, उससे मैं पूरी तरह खुश हूं। डिविलियर्स की उनकी प्रिय पारी के बारे में सीनियर एबीडी ने कहा कि क्या आप लोगों को पता है कि उन्होंने सेंचुरियन में भारत के खिलाफ (2010 में 78 और 75 गेंदों) पर शतक ठोका था। मुझे वह पारी पसंद है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच शतक लगाए हैं। न्यूलैंड्स में एक मैच था जिसमें उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज एंड्रयू मैकडोनाल्ड पर एक ओवर में चार छक्के लगाए थे। यह एक और पारी है जो मुझे पसंद है।

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