आईपीएल 2026 में कई फ्रेंचाइजी बीच सीजन और सीजन के पहले से ही चोट की समस्याओं से जूझ रही हैं। पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स इससे ज्यादा ही पीड़ित है। टीम ने अभी तक इस सीजन से तीन बड़े खिलाड़ी गंवा दिए हैं। आयुष म्हात्रे बेहतरीन फॉर्म में थे लेकिन अंडर 19 विश्व विजेता भारतीय टीम के कप्तान को भी पूरे सीजन से बाहर होना पड़ा है। इसके बाद रविचंद्रन अश्विन ने सीएसके को खास सलाह दी है। इस सलाह में दिग्गज स्पिनर ने एक ऐसे नियम का जिक्र किया है जो शायद ही कुछ लोग जानते होंगे।
जी, हां यह नियम बीच सीजन आईपीएल में किसी टीम को अन्य टीम से खिलाड़ी उधार लेने की इजाजत देता है, लेकिन इसमें एक खास बात भी है। यह नियम सिर्फ तब तक ही लागू है जब तक फ्रेंचाइजीज ने सीजन के 7-7 मैच (यानी ग्रुप स्टेज के आधे मैच) नहीं खेल हैं। इस लिहाज से सीएसके ने अभी 6 मैच खेले हैं और 7वें मैच से पहले अश्विन की सलाह के मुताबिक वह लोन रूल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्या बोले रविचंद्रन अश्विन?
रविचंद्रन अश्विन ने मंगलवार (21 अप्रैल 2026) को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,”कई चोट की समस्याओं के देखते हुए, लोन विंडो बंद होने से पहले (7 मैचों के मार्क पर पहुंचने से पहले) यह एक अच्छा आइडिया होगा कि आरसीबी से इस (विहान मल्होत्रा की तस्वीर के साथ शेयर) प्रतिभाशाली खिलाड़ी को लोन पर लिया जाएगा। उन्होंने अभी तक एक भी मैच नहीं खेला है और वह लोन पर लिए जा सकते हैं। अगर विहान नहीं तो अभिज्ञान कुंडू एक अच्छा बाएं हाथ का ऑप्शन हो सकते हैं भविष्य के मद्देनजर।”
अश्विन ने अपने पोस्ट में चेन्नई सुपर किंग्स का नाम नहीं लिखा। मगर आयुष म्हात्रे चोटिल होकर सीजन से बाहर हैं और सबसे ज्यादा सीएसके ही बल्लेबाजों को लेकर परेशान है। उनका इशारा साफ है कि सीएसके अगर चाहे तो आरसीबी से विहान मल्होत्रा को लोन पर ले सकती है। या फिर अभिज्ञान कुंडू जो आईपीएल ऑक्शन का हिस्सा नहीं थे, उनके नाम पर भी टीम एक ठोस भविष्य के लिहाज से सोच सकती है। अब ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर यह लोन नियम है क्या?
मैचों की संख्या के साथ-साथ इस नियम की कई अन्य शर्तें भी हैं। आइए इस नियम को जानते हैं विस्तार से:-
क्या है IPL का Loan Player नियम?
आईपीएल 2026 में लगातार सीएसके की टीम इंजरी से परेशान है। ऐसे में अब टीम के लिए एक रामबाण साबित हो सकता है Loan Player नियम। जैसा कि हमने बताया कि यह नियम तब तक ही इस्तेमाल हो सकता है जब तक टीमों ने 7-7 मैच नहीं खेले हैं। एक बार 7-7 मैच पूरे होने के बाद यह नियम नहीं यूज किया जा सकता है। यानी अभी सीएसके के पास मौका है कि वह प्लेयर उधार ले सकते हैं। अब एक-एक करके जानते हैं इस नियम की सभी शर्तें क्या हैं?
- क्या किसी भी खिलाड़ी को लोन के तौर पर लिया जा सकता?
नहीं, सिर्फ अधिकतम 2 मैच खेलने वाले (प्लेइंग 11 में होने या बतौर कनकशन शामिल होने) खिलाड़ी इस नियम के तहत उधार लिए जा सकते हैं। यानी ऐसे खिलाड़ी भी हो सकते हैं जिन्होंने आईपीएल डेब्यू नहीं किया है और किसी अन्य फ्रेंचाइजी का हिस्सा हैं। मगर इसकी कंडीशन एक यह भी है कि जैसे सीएसके किसी एक खिलाड़ी को आरसीबी से लोन पर लेती है, तो वह खिलाड़ी आरसीबी के खिलाफ मैच में नहीं उतर सकता है। साथ ही इस नियम के तहत लोन पर ट्रेड किए जाने वाले प्लेयर की सहमति भी जरूरी होती है। - लोन पर लिए गए खिलाड़ी को कौन सी टीम पैसा देती है?
जिस फ्रेंचाइजी ने आईपीएल ऑक्शन के समय लोन पर ट्रेड होने वाले खिलाड़ी को खरीदा था, वही फ्रेंचाइजी तय कॉन्ट्रैक्ट या बोली के मुताबिक पैसा उस खिलाड़ी को देती है। वहीं लोन के बाद जिस फ्रेंचाइजी ने उसे खरीदा होता है वही टीम प्रति मैच फीस के हिसाब से उस खिलाड़ी का भुगतान करती है। साथ ही जो टीम लोन पर खिलाड़ी को लेती है उसे दूसरी फ्रेंचाइजी के साथ लोन की फीस पर सहमति बनानी होती है। इसका आईपीएल के सैलरी कैप से कोई मतलब नहीं होता है। - कितने खिलाड़ी लोन पर लिए जा सकते हैं?
आईपीएल के नियम के मुताबिक एक फ्रेंचाइजी एक सीजन के लिए सिर्फ अधिकतम दो खिलाड़ियों को ही किसी एक टीम से लोन पर ले सकती है। इस लोन ट्रेड की अवधि सिर्फ उस सीजन के अंत तक ही मान्य होती है। जैसे आईपीएल 2026 में कोई खिलाड़ी लोन पर लिया गया तो सीजन खत्म होने के बाद उसे वापस अपनी मूल टीम के स्क्वाड का ही हिस्सा माना जाएगा।
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