ताज़ा खबर
 

अगर रिटायर हो जाएं महेंद्र सिंह धोनी… टीम इंडिया को खलेगी इनकी कमी

अगर महेंद्र सिंह धोनी वनडे और टी-20 क्रिकेट से संन्‍यास का ऐलान करते हैं तो क्‍या भारत के पास उनका विकल्‍प मौजूद है?

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी। (Photo : Express Archive)

क्‍या महेंद्र सिंह धोनी सीमित ओवरों के क्रिकेट से संन्‍यास लेंगे? इंग्‍लैंड और भारत के बीच वनडे सीरीज के बाद इस सवाल ने जोर पकड़ा है मगर इसके बाद एक और सवाल पैदा होता है- क्‍या भारत धोनी के रिटायरमेंट के लिए तैयार है? अगर कोई दूसरे सवाल का जवाब दे सकता है तो फिर पहले सवाल का जवाब खुद-ब-खुद मिल जाएगा। फिलहाल अगर धोनी संन्‍यास का ऐलान करते हैं तो भारत ने को इन तीन का विकल्‍प खोजना होगा।

रणनीति बनाने में माहिर: धोनी के पास क्रिकेट की दुनिया का सबसे तेज दिमाग है। यह उनके विरोध में खेले टीमों के खिलाड़ी कहते हैं। खेल के बारे में इतनी जानकारी जुटा लेने के बाद धोनी भारतीय टीम के सबसे बेहतरीन रणनीतिकार साबित हुए हैं। कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने ‘कूल’ अंदाज से धोनी ने आलोचकों तक को प्रशंसा पर मजबूर किया है। सही समय पर सही फैसला लेना, धोनी की खासियत रही है। धोनी के रिटायर होने के बाद, वनडे और टी20 में धोनी को ऐसे दिमाग की कमी खलेगी जो मैदान पर मौजूदगी से ही विरोधी को पस्‍त कर दे।

अद्भुत विकेटकीपिंग स्किल्‍स: धोनी का नाम क्रिकेट इतिहास के दिग्‍गज विकेटकीपर्स की लिस्‍ट में यूं ही नहीं शामिल किया जाता है। अपने कॅरिअर में धोनी ने विकेटकीपर के काम को एक नए सिरे से परिभाषित किया है। स्‍टंप्‍स के पीछे धोनी की चपलता का नमूना दुनिया कई बार देख चुकी है। उनके नाम पर अंतरराष्‍ट्रीय मैचों में सबसे ज्‍यादा स्‍टंपिंग का रिकॉर्ड दर्ज है जो बताता है कि बल्‍लेबाज की जरा सी गलती धोनी के लिए काफी होती है। धोनी के रिटायरमेंट के बाद ऐसी विकेटकीपिंग स्किल्‍स वाला खिलाड़ी भारत को मिलना मुश्किल है।

PHOTOS: अंदर से कैसा है महेंद्र सिंह धोनी का फार्महाउस, साक्षी ने दिखाईं झलकियां

स्पिनर्स का मसीहा: विकेटों के पीछे से गेंदबाज को निर्देश देने का काम पहले भी विकेटकीपर्स करते रहे हैं, मगर धोनी ने इसमें क्रांतिकारी बदलाव किया। पिच और बल्‍लेबाज को पढ़ने की गजब की क्षमता के चलते धोनी कई मौकों पर गेंदबाजों के लिए बेहद मददगार साबित हुए हैं। कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को जिस तरह विकेटों के पीछे से धोनी ने तराशा है, सीमित ओवरों के क्रिकेट में दोनों स्पिनर्स का प्रदर्शन इसका गवाह है। डीआरएस को तो ‘धोनी रिव्‍यू सिस्‍टम’ ही कहा जाने लगा है क्‍योंकि धोनी से डीआरएस में गड़‍बड़‍ियां ना के बराबर होती हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App