खेल के मैदान में जब कोई एथलीट पदक जीतता है तो वह केवल अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि का उत्सव नहीं मनाता, बल्कि पूरे राष्ट्र का गौरव बढ़ाता है। अमूमन हम देशभक्ति को राष्ट्रगान बजने पर सावधान की मुद्रा में खड़े होने या तिरंगे को सलाम करने तक ही सीमित मान लेते हैं, परंतु वास्तविकता में राष्ट्रभक्ति व्यक्ति की उस सतत सजगता में निहित है, जो वह अपने देश के सम्मान और प्रतीकों के प्रति हर पल रखता है।

भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्य हुई बातचीत इसी सूक्ष्म, किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रप्रेम और नागरिक बोध का एक उत्कृष्ट आख्यान प्रस्तुत करती है। किसी भी राष्ट्र का मानचित्र केवल कुछ भौगोलिक रेखाओं का समूह नहीं होता, बल्कि वह उस देश की अखंडता, संप्रभुता और अस्मिता का सर्वोच्च प्रतीक होता है।

ग्लासगो में 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने ऐसी बात पर आपत्ति जताई थी, जिसने उनकी देशभक्ति और सजगता की मिसाल पेश की। भारतीय बॉक्सिंग दल के लिए आयोजित जश्न के दौरान एक रेस्टोरेंट के लोगो में भारत का गलत नक्शा इस्तेमाल किया गया था। इस नक्शे में भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को जगह नहीं दी गई थी। लवलीना बोरगोहेन ने इसे देखा तो उन्होंने रेस्टोरेंट के कर्मचारियों के सामने विनम्रता से आपत्ति दर्ज कराई। रेस्टोरेंट ने बाद में नक्शे में सुधार भी किया।

‘‘रेस्टोरेंट वाले से झगड़ा कर रही थी?’’

लवलीना बोरगोहेन के इस कदम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल था। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी इस सजगता की सराहना की है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने लवलीना बोरगोहेन से इसी घटना को लेकर बात की। पीएम मोदी ने लवलीना से बातचीत के दौरान मुस्कुराते हुए पूछा, ‘‘क्या हुआ था, वो रेस्टोरेंट वाले से झगड़ा कर रही थी?’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस सवाल पर असम की मुक्केबाज हंस पड़ीं। लवलीना ने घटना के बारे में बताते हुए कहा कि भारतीय दल ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया था और प्रतियोगिता का आखिरी दिन होने के कारण सभी खिलाड़ी जश्न मना रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर रेस्टोरेंट के लोगो में बने भारत के गलत नक्शे पर पड़ी।

लवलीना बोरगोहेन ने कहा कि उन्हें यह देखकर अच्छा नहीं लगा और उन्होंने रेस्टोरेंट के लोगों से विनम्रता से अपनी बात कही। लवलीना ने यह भी बताया कि रेस्टोरेंट ने बाद में नक्शे में सुधार कर दिया। लवलीना बोरगोहेन ने कहा, ‘‘हम लोगों को इतना अच्छा परफॉर्मेंस था। आखिरी दिन था। सब जीतकर गए थे। सब इंडिया के लोग थे। …तो थोड़ा सा मुझे बुरा लगा। …तो मैंने उनको अच्छे से बोला, रिक्वेस्ट किया सर। उन्होंने मान भी लिया। अभी चेंज भी हो गया सर।’’

‘‘यह कोई साधारण वीडियो नहीं’’

लवलीना बोरगोहेन की बात सुनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी प्रतियोगिता खत्म होने के बाद जश्न मना रहे हों, उस समय भी लवलीना ने भारत के नक्शे की अहमियत को पहचाना, यह सामान्य बात नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘‘इस विजय की परिस्थिति में… खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ… और गेम पूरे हो चुके हैं। हंसी, मजाक, मस्ती का मूड है… ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत… सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है, ऐसा नहीं है। भीतर से देश का भाव, मैं सच बता रहा हूं…। यह वीडियो सामान्य नहीं है। लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा।’’

पीएम नरेंद्र मोदी ने इसके बाद लवलीना से पूछा, ‘‘ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं?’’ इस पर लवलीना बोरगोहेन ने कहा, ‘‘जरूर सर। सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल आ रहे थे… और पूरा लास्ट में जैसा धमाका जैसा हो गया बिल्कुल, जिस तरह से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है। हमें बैक टू बैक कॉम्पीटिशन मिल रहा है। वह एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट हैं, वे लोग… सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आये हुए हैं… यह सभी स्पोर्ट्स में बहुत बड़ा बदलाव ला रहा है।’’

VIDEO: ‘मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई…’: भारतीय बॉक्सर ने पीएम मोदी को सुनाया बेहतरीन किस्सा, सबकी छूटी हंसी

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले सभी खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात की। इस दौरान सिल्वर मेडल जीतने वाले मुक्केबाद नरेंद्र बरवाल ने पीएम को एक बेहतरीन किस्सा सुनाया, जिससे सबकी हंसी छूट गई। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें)