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पिता को याद कर भावुक हुए सहवाग, पढ़िए संन्‍यास के वक्‍त लिखा उनका संदेश

सहवाग ने कहा कि कल (सोमवार को) मेरे रिटायरमेंट की बात काफी बढ़ा-चढ़ा कर की गई। हालांकि, मैनें हमेशा वही किया है जो मुझे सही लगा है। फील्‍ड पर भी और जिंदगी में भी..

Author नई दिल्ली | October 20, 2015 18:00 pm
वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि क्रिकेट मेरी जिंदगी रही है और आगे भी रहेगी। भारत के लिए खेलना यादगार सफर रहा। (पीटीआई फोटो)

सहवाग ने कहा कि कल (सोमवार को) मेरे रिटायरमेंट की बात काफी बढ़ा-चढ़ा कर की गई। हालांकि, मैनें हमेशा वही किया है जो मुझे सही लगा है। फील्‍ड पर भी और जिंदगी में भी। कुछ समय पहले हमने फैसला लिया था कि 37वें जन्‍मदिन पर संन्‍यास ले लूंगा। सो, आज मैंने पूरा दिन परिवार के साथ बिताया। और, मैं हर तरह के अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग से संन्‍यास की घोषणा कर रहा हूं।

क्रिकेट मेरी जिंदगी रही है और आगे भी रहेगी। भारत के लिए खेलना यादगार सफर रहा। मैंने कोशिश की इसे अपने साथी खिलाड़ियों और क्रिकेट फैंस के लिए यादगार बना सकूं। इसके लिए मैं अपने सभी साथी खिलाड़ि‍यों को शुक्रिया कहना चाहता हूं। इनमें से कई तो महान खिलाड़ी हैं। मैं अपने सभी कप्‍तान का धन्‍यवाद करना चाहता हूं, जिन्‍होंने मुझमें विश्‍वास किया और मेरा साथ दिया। मैं अपने सबसे बड़े पार्टनर, क्रिकेट फैंस को उनके प्‍यार, सपोर्ट और यादों के लिए शुक्रिया कहना चाहता हूं।

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उन्होंने बयान में कहा,‘‘मैने हमेशा महान खिलाड़ियों के खिलाफ खेला और यह सम्मान की बात रही। मैने अपनी ख्वाहिशें पूरी की और दुनिया के बेहतरीन मैदानों पर खेला। मैं मैदानकर्मियों, क्लबों, संघों और हर किसी को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने मैदान तैयार किये।’’

नजफगढ़ के नवाब ने अपने परिवार और शुरुआती कोचों को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा,‘‘मुझे आज अपने पिता की कमी खल रही है। वह मेरे सफर की शुरुआत में मेरे साथ थे। काश, वह आज होते लेकिन मुझे पता है कि मैने उन्हें गौरवान्वित किया। वह आज भी जहां है, वह मुझे फख्र से देख रहे हैं। मैं अपने कोच ए एन शर्मा सर को धन्यवाद देना चाहता हूं जो एकमात्र कोच थे जो मुझे ऐसा खिलाड़ी बना सके।’’

सहवाग ने कहा,‘‘मैं किसी और कोच के साथ स्कूल के लिये भी इतना अच्छा नहीं खेल पाता। मेरी मां, मेरी पत्नी आरती और बच्चे आर्यवीर और वेदांत मेरी सबसे बड़ी ताकत रहे। मेरे जीवन में उनकी मौजूदगी मुझे निर्भीक बनाती है और आत्मविश्वास देती है।’’

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सहवाग ने इतने साल से मिल रहे सहयोग के लिये बीसीसीआई को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा,‘‘मैं दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ को धन्यवाद देना चाहता हूं। खासकर अरुण जेटली को जिन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया। उन्होंने हमेशा हमारा फीडबैक मांगा और खिलाड़ी जो चाहते थे, वह किया।’’

उन्होंने हरियाणा क्रिकेट संघ को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने दिल्ली टीम छोड़ने पर उन्हें अपनी टीम का कप्तान बनाया। उन्होंने आईपीएल टीम दिल्ली डेयरडेविल्स और किंग्स इलेवन पंजाब को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा,‘‘मैं इतने साल में क्रिकेट से जुड़ी सलाह देने वालों को धन्यवाद देना चाहता हूं और माफी मांगता हूं कि उनमें से अधिकांश पर मैने अमल नहीं किया। मैंने अपने तरीके से खेला।’’

सहवाग ने कहा कि अब वह झज्जर में अपने स्कूल में अधिक समय बितायेंगे। उन्होंने कहा,‘‘मैं झज्जर स्थित सहवाग इंटरनेशनल स्कूल में सभी को बताना चाहता हूं कि अब मैं वहां अधिक आया जाया करूंगा।’’

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