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हितों का टकराव: विराट कोहली के खिलाफ जांच शुरू, BCCI के ऐतराज के बावजूद एथिक्स ऑफिसर ने लिया एक्शन

डीके जैन का कार्यकाल पिछले महीने ही एक साल के लिए बढ़ा दिया गया था। दूसरे कार्यकाल में उनके लिए यह सबसे बड़ा मामला है। उन्हीं के पास द्रविड़, लक्ष्मण, गांगुली और सचिन के खिलाफ भी शिकायत दर्ज करवाई गई थी।

विराट कोहली ने फिलहाल इस मामले में अभी तक कुछ नहीं कहा है। (सोर्स – सोशल मीडिया)

हितों के टकराव के मामले में विराट कोहली की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के एथिक्स डीके जैन ने रविवार को कहा कि वह मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता की शिकायत के आधार पर कोहली के खिलाफ हितों के टकराव की जांच कर रहे हैं। संजीव गुप्ता ने इससे पहले भी कई पूर्व खिलाड़ियों के खिलाफ ऐसे आरोप लगाए थे जिसे बाद में खारिज कर दिया गया था।

गुप्ता ने हितों के टकराव को लेकर डीके जैन को मेल किया था। गुप्ता ने मेल में लिखा था कि कोहली टीम इंडिया के कप्तान होने के साथ-साथ दो अन्य कंपनियों के डायरेक्टर भी हैं। यह लोढा समिति के सिफारिशों का उल्लंघन है। एमपीसीए के सदस्य गुप्ता बीसीसीआई के संविधान के जानकार हैं। इससे पहले द्रविड़, लक्ष्मण, गांगुली और सचिन के खिलाफ भी शिकायत उन्होंने ही दर्ज करवाई थी। मेल मिलने के बाद डीके जैन ने कहा, ‘‘मुझे एक शिकायत मिली है। मैं इसकी जांच करूंगा और फिर देखूंगा कि उनके खिलाफ मामला बनता है या नहीं। अगर हां, तो मुझे जवाब देने के लिए उन्हें (कोहली) एक मौका देना होगा।’’

दूसरी ओर, बीसीसीआई के एक अधिकारी ने ऐतराज जताते हुए कहा था, ‘‘यह नाम कमाने के लिए एक प्रोपेगैंडा है। एक तरह से ब्लैकमेल करने की कोशिश है। एक बार आप जब शिकायतों को देखेंगे तो पता चल जाएगा कि यह शिकायतें प्रेरित हैं। कोई न कोई बीसीसीआई अधिकारियों को घेरने की कोशिश कर रहा है और अब वह भारतीय टीम के कप्तान को किसी कारण से घेर रहा है। जो बीते छह साल में हुआ है, यह पैटर्न साफ दिखाई दे रहा है। आप ईमेल और उसकी भाषा को देख लीजिए, मंशा साफ पता चल रही है कि यह सफल लोगों के दामन पर दाग लगाने की कोशिश है।’’

गुप्‍ता के मुताबिक भारतीय कप्तान एक ही साथ दो पदों पर काबिज हैं। यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित बीसीसीआई के नियम 38 (4) का उल्‍लघंन है। अगर कोई दोषी पाए गए तो उन्हें एक पद छोड़ना होगा। गुप्‍ता ने एथिक्स ऑफिसर से अनुरोध किया है कि वे कोहली को किसी एक पद से हटने का आदेश दें। इससे बोर्ड के नियमों का पालन हो सकता है। गुप्ता ने डीके जैन को भेजे मेल में लिखा है कि भारतीय कप्तान की सक्रियता विराट कोहली स्पोर्ट्स एलएलपी कंपनी (VIRAT KOHLI SPORTS LLP) और कॉर्नरस्टोन वेंचर पार्टनर एलएलपी (CORNERSTONE VENTURE PARTNERS LLP) में है।

डीके जैन का कार्यकाल पिछले महीने ही एक साल के लिए बढ़ा दिया गया था। दूसरे कार्यकाल में उनके लिए यह सबसे बड़ा मामला है। CORNERSTONE कंपनी भारत के कप्तान कोहली के अलावा केएल राहुल, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा, उमेश यादव और कुलदीप यादव सहित उनके कई अन्य साथियों के व्यावसायिक हितों का प्रबंधन करती है। कोरोनावायरस के कारण टीम इंडिया मैदान से लंबे समय से दूर है, लेकिन घर बैठे ही कप्तान कोहली एक मुसीबत में घिर गए हैं।

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