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आर्थिक तंगी झेल रहे विनोद कांबली ने मांगा काम, दोस्त सचिन तेंदुलकर से मदद को लेकर कही ये बात

कंबली को पहचानना तक मुश्किल हो गया है। बीते दिनों वह एमसीए कॉफी शॉप में पहुंचे तो वह काफी दुबले-पतले नजर आ रहे थे। गले में गोल्ड चेन, ब्रेसलेट और धड़ी भी नहीं पहने हुए थे। यही नहीं मोबाईल का स्क्रीन भी टूटी हुई थी।

आर्थिक तंगी झेल रहे विनोद कांबली ने मांगा काम, दोस्त सचिन तेंदुलकर से मदद को लेकर कही ये बात
विनोद कांबली और सचिन तेंदुलकर। (फोटो- एक्सप्रेस आर्काइव)

Vinod Kambli Financial Crisis : टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। उनकी आय का एकमात्र स्रोत भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से मिल रही पेंशन है। 50 वर्षीय कांबली अपने परिवार का खर्च बीसीसीआई से मिल रहे 30,000 रुपये की मासिक पेंशन से चला रहे हैं। ऐसे में उन्हें क्रिकेट से संबंधित काम की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि उनके बचपन के दोस्त लिटिल मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को इसकी जानकारी है, लेकिन वह उनसे मदद की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। उन्होंने हमेशा उनकी मदद की है।

कंबली को पहचानना तक मुश्किल हो गया है। मिड-डे के अनुसार बीते दिनों वह एमसीए कॉफी शॉप में पहुंचे तो वह काफी दुबले-पतले नजर आ रहे थे। गले में गोल्ड चेन, ब्रेसलेट और धड़ी भी नहीं पहने हुए थे। यही नहीं मोबाईल का स्क्रीन भी टूटी हुई थी। वह क्लब भी खुद के कार से नहीं पहुंचे थे। वह किसी के साथ यहां आए थे।

कांबली नेरुल में तेंदुलकर मिडलसेक्स ग्लोबल एकेडमी में युवा क्रिकेटरों को सलाह देते थे। उनको नेरुल जाने के लिए काफ यात्रा करनी पड़ती थी। उन्होंने आखिरी बार 2019 टी 20 मुंबई लीग के दौरान एक टीम को कोचिंग दी थी। मिड-डे से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं सुबह 5 बजे उठता था, कैब से डीवाई पाटिल स्टेडियम जाता था। यह बहुत हेक्टिक था। इसके बाद मैं शाम को बीकेसी मैदान में कोचिंग करने के लिए जाता था। मैं एक रिटायर्ड क्रिकेटर हूं, जो पूरी तरह से बीसीसीआई से मिलने वाली पेंशन पर निर्भर है। इस समय मेरा एकमात्र आय का स्रोत बोर्ड का पेंशन है, जिसके लिए मैं आभारी हूं। इससे मेरे परिवार चलता है। “

कांबली ने आगे कहा, “मैं एमसीए (मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन) से मदद मांग रहा था। मैं सीआईसी (क्रिकेट सुधार समिति) में आया, लेकिन यह एक मानद नौकरी थी। मैं कुछ मदद के लिए एमसीए गया था। मेरे पास एक परिवार है। मैंने एमसीए से कई बार कहा कि अगर आपको मेरी जरूरत है तो चाहे वानखेड़े स्टेडियम में हो या बीकेसी मैं उपलब्ध हूं। मुंबई क्रिकेट ने मुझे बहुत कुछ दिया है। संन्यास के बाद आपके पास क्रिकेट नहीं होता। लेकिन अगर आप जीवन में स्थिर रहना चाहते हैं, तो आपके पास काम होना जरूरी है। मैं एमसीए से इसकी तलाश कर रहा हूं। मैं एमसीए अध्यक्ष डॉ विजय पाटिल और सचिव संजय नाइक से काम देने का अनुरोध कर सकता हूं।”

सचिन तेंदुलकर से मदद को लेकर कांबली ने कहा, ” सचिन सब कुछ जानता हैं, लेकिन मैं उससे कुछ भी उम्मीद नहीं करता हूं। उन्होंने मुझे तेंदुलकर मिडलसेक्स ग्लोबल एकेडमी (TMGA) में काम दिया। मैं बहुत खुश था। वह बहुत अच्छे दोस्त रहे हैं। वह हमेशा मेरे लिए खड़े रहे हैं।” कांबली ने 104 वनडे और 17 टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 1991 और 2000 के बीच चार टेस्ट शतक और दो एकदिवसीय शतक की मदद से 3561 रन बनाए।

कांबली ने कहा कि अगर मुंबई टीम को उनकी जरूरत होगी तो वह उसके मौजूद हैं। उन्होंने कहा, “मुझे ऐसे एसाइनमेंट की जरूरत है, जहां मैं युवाओं के साथ काम कर सकता हूं। मुझे पता है कि मुंबई ने अमोल मजूमदार को अपना मुख्य कोच के रूप में बरकरार रखा है, लेकिन अगर कहीं भी मेरी जरूरत है, तो मैं उपलब्ध हूं। हम एक साथ खेले हैं और हम एक बेहतरीन टीम थे।”

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