माफी मांगने के बावजूद विनेश फोगाट को नहीं मिली वर्ल्ड चैंपियनशिप में उतरने की मंजूरी, एशियन चैंपियनशिप की गोल्ड मेडलिस्ट पर भी लग सकती है रोक

इसके बावजूद एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान विनेश फौगाट को अब तक वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेने की मंजूरी नहीं मिली है। वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप नॉर्वे के नॉर्वे ओस्लो में 2 से 10 अक्टूबर के बीच होनी है।

Sonam Malik Vinesh Phogat Divya Kakran1
भारतीय कुश्ती महासंघ विनेश फौगाट के अलावा सोनम मलिक (बाएं) और दिव्या काकरान को भी वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के ट्रायल में शामिल होने से रोक सकता है।

निलंबित पहलवान विनेश फौगाट ने शनिवार यानी 14 अगस्त 2021 को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) से माफी मांगी। कुश्ती महासंघ ने उन्हें टोक्यो ओलंपिक के दौरान अनुशासनहीनता के आधार पर प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर रोक लगा दी थी। हालांकि, इसके बावजूद एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान विनेश फौगाट को अब तक वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेने की मंजूरी नहीं मिली है।

वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप नॉर्वे के नॉर्वे ओस्लो में 2 से 10 अक्टूबर के बीच होनी है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, यही नहीं, माफी मांगने के बाद भी इस बात की संभावना अधिक है कि डब्ल्यूएफआई उन्हें आगामी विश्व चैम्पियनशिप में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति नहीं देगा। विनेश टोक्यो ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल में हार कर बाहर हो गईं थीं। विनेश ने अपने साथी खिलाड़ियों के साथ ठहरने से ही इनकार नहीं किया था, बल्कि टूर्नामेंट के दौरान उनके साथ ट्रेनिंग भी नहीं की थी।

इसके साथ ही विनेश ने भारतीय दल के आधिकारिक प्रायोजक के बजाय निजी प्रायोजक के नाम का ‘सिंगलेट’ पहना था। इसके बाद डब्ल्यूएफआई ने उन्हें निलंबित कर दिया था।

अपने निलंबन के एक दिन बाद, विनेश ने खेलों के दौरान अपने शारीरिक और मानसिक संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा था कि उनके पास अपने व्यक्तिगत फिजियो की सेवाएं नहीं थीं। इस 26 वर्षीय पहलवान ने शुक्रवार को डब्ल्यूएफआई द्वारा उन्हें भेजे गए नोटिस का जवाब दिया।

इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया, ‘डब्ल्यूएफआई को जवाब मिल गया है और विनेश ने माफी मांगी है।’ उन्होंने कहा, ‘माफी के बावजूद हालांकि इस बात की संभावना अधिक है कि उसे विश्व चैम्पियनशिप के लिए यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाए।’

डब्ल्यूएफआई ओजीक्यू (ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट) और जेएसडब्ल्यू जैसे निजी खेल गैर सरकारी संगठन के काम करने के तरीके से खुश नहीं है। ये संगठन कई भारतीय एथलीट्स को प्रायोजित करते हैं, जिसमें पहलवान भी शामिल है। डब्ल्यूएफआई का मानना है कि ये संगठन उन्हें (भारतीय पहलवानों को) ‘खराब’ कर रहे हैं।

डब्ल्यूएफआई ने कहा है कि वह भविष्य में सीनियर पहलवानों के मामलों में उन्हें दखल नहीं देने देगा। विनेश को ओजीक्यू का समर्थन प्राप्त है, जबकि बजरंग पुनिया को जेएसडब्ल्यू का समर्थन प्राप्त है।

यह भी पता चला है कि अपने बर्ताव के लिए माफी मांगने वाली सोनम मलिक को भी दो से 10 अक्टूबर तक नॉर्वे में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के ट्रायल में शामिल होने से रोका जा सकता है।

डब्ल्यूएफआई ने सोनम को नोटिस जारी किया था। सोनम मलिक ने ओलंपिक खेलों के लिए रवाना होने से पहले अपना पासपोर्ट लेने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) स्टाफ की मदद मांगी थी। ट्रायल इस महीने के आखिरी सप्ताह में होने की उम्मीद है।

सूत्र ने यह भी बताया कि दिव्या काकरान को भी ट्रायल में शामिल होने से रोका जा सकता है। उन्हें तीन महीने पहले खराब व्यवहार के लिए नोटिस भी दिया गया था, वह 68 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा करती हैं। डब्ल्यूएफआई तीनों पहलवानों के भाग्य का फैसला सोमवार या मंगलवार को करेगा।

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