गोंडा में आयोजित हुए राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पहुंची विनेश फोगाट को नियमों के चलते प्रतिभाग करने की अनुमति नहीं मिली। उसके बाद यह मामला और गरमाया और पुराने विवाद को याद करते हुए रेसलर ने कुश्ती महासंघ पर आरोप लगाए। अब इस मामले को लेकर भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह ने सीधा जवाब दिया और बताया है कि क्यों विनेश को हिस्सा लेने की अनुमति नहीं मिली।
पीटीआई से बात करते हुए संजय सिंह ने साफतौर पर कहा कि पहले ही विनेश को नोटिस भेजा जा चुका था कि उन्हें अनुशासनहीनता के चलते हिस्सा लेने की अनुमति नहीं मिलेगी। फिर भी वह वहां गईं और प्रोपेगेंडा खड़ा किया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि आखिरी क्यों विनेश फोगाट पर रेसलिंग से बैन लगाया गया था।
WFI अध्यक्ष संजय सिंह का पूरा बयान
संजय सिंह ने गोंडा में आयोजित इवेंट की जानकारी देते हुए बताया,”टोटल 1400 पहलवान आए थे, लड़कियों और ग्रीको फ्रीस्टाइल में मिलाकर। 250 लड़कियां आईं और 50 का किसी कारणवश वजन सही नहीं था। 200 महिला पहलवान यहां बाउट कर रही हैं।” इसके बाद विनेश फोगाट के आरोपों पर जवाब देते हुए उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी और पूरा कारण बताया कि क्यों विनेश को हिस्सा लेने की परमिशन नहीं मिली।
इसका जवाब देते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष ने कहा,”विनेश फोगाट को यहां आने से पहले ही नोटिस दी जा चुकी थी। उसके बाद भी उनको एक प्रोपेगेंडा करना था उसके लिए वह आई थीं।” इसके बाद विनेश पर लगे बैन के बारे में भी संजय सिंह ने विस्तार से जवाब दिया।
विनेश फोगाट पर क्यों लगाया बैन?
संजय सिंह ने कहा,”बैन नहीं लगाया गया, एक नियम है कि कोई भी खिलाड़ी एक दिन में दो वेट में वजन नहीं दे सकता। और पूरा देश देखा है कि उन्होंने एक दिन में दो वजन में वेट दिया है। उसी को अनुशासनहीनता मान करके उनसे जवाब मांगा गया कि आपने ऐसा क्यों किया?”
इसके बाद विनेश के गोंडा आने पर उन्होंने कहा,”वह जो भी मैसेज देना चाह रही हो हमारे यहां खेल खिलाड़ियों किसी पर कोई असर उसका नहीं पड़ा। वह आईं हम लोगों से संपर्क की। हम लोगों से मिलीं। अपनी बात रखी। उनको उनकी बात का जवाब दिया गया। शांति से वह आईं, शांति से वापस चली गईं और उनको सुरक्षा का डर था। यहां वह पूरा कैंपस घूमी हैं। उनको पूरी सुरक्षा प्रदान की गई और बाकी कहीं कोई असर नहीं था।”
विनेश फोगाट ने कुछ दिन पहले एक्स पर WFI अध्यक्ष प आरोप लगाते हुए कहा था कि जो 90% हाजिरी हुईं थीं ऐसे 13 पहलवानों को निकाल लिया गया जिन्होंने 90% हाजिरी पूरी नहीं की है। इस पर भी WFI अध्यक्ष ने जवाब दिया।
संजय सिंह बोले,”वे भी अनुशासनहीनता का ही पार्ट है। कैंप लगाया जाता है और कैंप में भारत सरकार का खर्चा होता है। पूरे देश के लोगों की दृष्टि होती है। लोगों की भावनाएं जुड़ी होती हैं कि हमारी सरकार इतना खर्च कर रही है। इतना पैसा पहलवान किसी भी खेल में और वहां पर वे कैंप में ना उपस्थित रहें। बाहर जाकर के दंगल लड़े। तो जिसकी उपस्थिति नहीं रहेगी कैंप में उनको ट्रायल में आगे नहीं मौका दिया जाएगा। मैं आज भी इस बात पर अडिग हूं।”
विनेश फोगाट की वापसी पर सियासत तेज: बृजभूषण सिंह बोले- रायता फैलाकर गईं हैं देवीजी, साक्षी मलिक ने लगाई गुहार
विनेश फोगाट की कुश्ती में वापसी को लेकर विवाद बढ़ गया है। साक्षी मलिक ने WFI से ट्रायल कराने की मांग की। बृजभूषण शरण सिंह ने महासंघ का बचाव किया। कांग्रेस नेता दीपेंदर हुड्डा ने इसे साजिश और अन्याय बताया। क्लिक करें और पढ़ें पूरी खबर
