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Vijay Hazare Trophy: टूर्नामेंट के इतिहास में लगे सबसे ज्यादा 86 शतक, इशान किशन ने बनाया यह खास रिकॉर्ड

Vijay Hazare Trophy 2020-21: इस सीजन मुंबई ने फाइनल में 313 रन के लक्ष्य को हासिल किया। इससे पहले टूर्नामेंट के किसी भी फाइनल में कोई भी टीम 250 से ज्यादा का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई थी।

Author Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: March 17, 2021 1:29 PM
Prithvi Shaw Ishan Kishan Devdutt Padikkal Vijay Hazare Trophyपृथ्वी शॉ और देवदत्त पडिक्कल (दाएं) ने विजय हजारे ट्रॉफी 2020-21 में सबसे ज्यादा 4-4 शतक लगाए। इशान किशन ने बतौर विकेटकीपर अपने नाम एक रिकॉर्ड किया। (ट्विटर बीसीसीआई डोमेस्टिक/सूर्यकुमार यादव)

विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy) 2020-21 में रिकॉर्डों की झड़ी लगी। टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार दो बल्लेबाजों (पृथ्वी शॉ और देवदत्त पडिक्कल) ने 4-4 शतक लगाए। यही नहीं इस बार रिकॉर्ड 86 शतक लगाए। विजय हजारे ट्रॉफी में अब तक किसी भी सीजन में इतने शतक नहीं लगे थे। इस सीजन पहली बार हुआ जब 45 बार टीमों ने 300 से ज्यादा का स्कोर किया।

इस सीजन विजय हजारे ट्रॉफी में सात रिकॉर्ड टूटे। बता दें इस सीजन मुंबई ने उत्तर प्रदेश को हराकर विजय हजारे ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। मुंबई ने चौथी बार यह खिताब अपने नाम किया है। उससे ज्यादा बार खिताब जीतने का रिकॉर्ड तमिलनाडु के नाम है। तमिलनाडु 5 बार विजय हजारे ट्रॉफी पर कब्जा कर चुका है। इस सीजन मुंबई ने फाइनल में 313 रन के लक्ष्य को हासिल किया। इससे पहले टूर्नामेंट के किसी भी फाइनल में कोई भी टीम 250 से ज्यादा का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई थी।

इस सीजन टूर्नामेंट में 86 शतक लगे। इनमें से 8 शतक पृथ्वी शॉ और कर्नाटक के देवदत्त पडिक्कल के नाम हैं। देवदत्त पडिक्कल के कप्तान रविकुमार समर्थ तीन शतक के साथ सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने के मामले में दूसरे नंबर पर रहे। टूर्नामेंट में 9 बल्लेबाजों (तनमय अग्रवाल, तिलक वर्मा, यश नाहर, क्रुणाल पंड्या, रॉबिन उथप्पा, राहुल दलाल, हिम्मत सिंह, श्रेयस अय्यर, फैज फजल) ने 2-2 शतक लगाए। इसके अलावा 57 अन्य बल्लेबाजों ने भी तीन अंकों का आंकड़ा पार किया।

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पृथ्वी शॉ ने विजय हजारे ट्रॉफी के किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने 827 रन बनाए। वह इस प्रतियोगिता और लिस्ट ए टूर्नामेंट के किसी एक सीजन में 800 से ज्यादा रन बनाने वाले पहले भारतीय हैं। देवदत्त पडिक्कल टूर्नामेंट के एक सीजन में लगातार 4 शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने।

45 बार टीमों ने बनाया 300 से ज्यादा का स्कोर

इस सीजन 45 बार टीमों ने 300 से ज्यादा का स्कोर किया। इससे पहले किसी भी सीजन में ऐसा नहीं हुआ था। मुंबई ने ग्रुप स्टेज के मैच में पुडुचेरी के खिलाफ 4 विकेट पर 457 रन का स्कोर किया था। यह टूर्नामेंट के इतिहास में किसी टीम का हाइएस्ट स्कोर है। पृथ्वी शॉ ने पुडुचेरी के खिलाफ ही 227 रन की नाबाद पारी खेली थी। यह टूर्नामेंट के इतिहास में किसी बल्लेबाज का व्यक्तिगत उच्चमत स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड मयंक अग्रवाल के नाम था।

छोटा डायनामाइट ने एक मैच में विकेट के पीछे लपके 7 कैच

छोटा डायनामाइट के नाम से मशहूर इशान किशन ने इस टूर्नामेंट में मध्य प्रदेश के खिलाफ बतौर विकेटकीपर 7 कैच पकड़े। विजय हजारे ट्रॉफी के पिछले 19 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जब किसी टीम के विकेटकीपर ने एक मैच में इतने कैच पकड़े हों।

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