अमित कामत।
सायप्रस में बुधवार (16 अप्रैल) को कैडिडेट्स टूर्नामेंट का खिताब जीतकर वैशाली रमेशबाबू ने इतिहास रच दिया। वैशाली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शतरंज का दूसरा सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जीता और अपने भाई प्रज्ञानंद की छाये से बाहर निकलीं। अब उनका महिला वर्ल्ड चैंपियनशिप के ताज के लिए जू वेनजुन के साथ मुकाबला होगा।
शतरंज के इतिहास में सिर्फ दूसरी बार कोई भारतीय खिलाड़ी महिला वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताबी मुकाबला खेलेगी। वैशाली से पहले कोनेरू हम्पी के ने 15 साल पहले 2011 में अल्बानिया के तिराना में होउ यिफान से भिड़ी थीं।
वैशाली के भाई प्रज्ञानंद ने टूर्नामेंट का अंत सातवें स्थान पर किया। उन्होंने 14 में से सिर्फ एक मैच जीता, जो टूर्नामेंट का उनका पहला राउंड गेम था।
प्रज्ञानंद और वैशाली दूसरी बार कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में हिस्सा रहे
यह दूसरा मौका था जब प्रज्ञानंद और वैशाली दोनों कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में हिस्सा रहे। 14 राउंड के इवेंट में पांच राउंड के बाद वैशाली दिव्या देशमुख और टैन झोंगयी के साथ आखिरी स्थान पर थीं। वैशाली का टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिव्या और टैन दोनों इवेंट में सबसे नीचे रहीं,लेकन वैशाली तालिका में शीर्ष पर पहुंच गईं।
वैशाली की शानदार वापसी हैरानी की बात नहीं
वैशाली की शानदार वापसी हैरानी की बात नहीं है। दो साल पहले टोरंटो में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में वह लगातार चार गेम हार गई थीं और नौ राउंड के बाद तालिका में सबसे नीचे थी। फिर उन्होंने लगातार आखिरी पांच गेम जीतकर वापसी की। कई ग्रैंडमास्टर्स ने प्रज्ञानंद को ओपन कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने का प्रबल दावेदार बताया था। वैशाली महिलाओं के इवेंट में टूर्नामेंट से पहले दावेदार नहीं थीं।
वैशाली को विश्वनाथन आनंद ने वैशाली को ‘डार्क हॉर्स’ बताया था
पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने चेस डॉट कॉम के लिए इवेंट से पहले हुए वैशाली को तीन ‘डार्क हॉर्स’ में से एक बताया था। वैशाली ने पिछले तीन सालों में तीसरा बड़ा टूर्नामेंट जीता है है। 24 साल की वैशाली ने मुश्किल एफआईडीई ग्रैंड स्विस टूर्नामेंट दो बार जीता है। इसके अलावा वह 2024 में महिला ओलंपियाड जीत का भी हिस्सा रही हैं, लेकिन दूसरे इवेंट्स से इतर वैशाली ने यह इवेंट आखिरी दिन जीता।
वैशाली राउंड 8 से शीर्ष पर
वैशाली राउंड 8 से ही तालिका में शीर्ष पर थीं। चार और खिलाड़ी भी शीर्ष पर थीं। एक राउंड बाद टॉप पर मौजूद खिलाड़ियों की संख्या घटकर दो खिलाड़ी रह गई। वैशाली और झू शीर्ष पर थीं। राउंड 10 के बाद वैशाली टूर्नामेंट में अकेली शीर्ष पर थीं, लेकिन राउंड 12 में वह झू से हार गईं और फिर से शीर्ष स्थान पर दोनों काबिज हो गईं।
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