बिहार के लाल वैभव सूर्यवंशी भारतीय टीम में चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन गए हैं। उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के अलावा एशियन गेम्स में चुना गया है। 15 साल के वैभव के चुने जाने पर उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने कहा कि वैभव ने बचपन से बहुत मेहनत किया है। इसका फल उन्हें मिला है। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि आईपीएल 2026 के बाद घर पहुंचने पर वैभव से मिलने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी थी। इसके कारण परिवार वाले ठीक से वैभव से बात भी नहीं कर पाए।

वैभव सूर्यवंशी के भारतीय टीम में चुने जाने पर उनके पिता ने कहा, “वैभव का सिलेक्शन हुआ। बचपन से बहुत मेहनत किया और मेहनत का ही फल मिल रहा है और देश के लिए खेलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। बस अब यही इच्छा है कि देश के लिए खूब अच्छा खेले। खूब मैच जिताए खूब रन बनाए।”

वैभव से मिलने के लिए उमड़ी भीड़

संजीव से सवाल हुआ कि उन्होंने हाल ही में मिलने पर वैभव से क्या कहा? इसे लेकर उन्होंने कहा, “मौका नहीं मिला कुछ बातचीत करने का। बहुत भीड़ हो गया। इतने लोग आ गए कि हम लोग बात नहीं कर सके। खाना नहीं खा पाया। उसको शाम में जाना था। सवेरे में लेके भागना पड़ा हमको उससे कुछ नहीं फोन पर आज बात करेंगे अच्छा से।”

वैभव सूर्यवंशी का धाकड़ प्रदर्शन

अगर वैभव सूर्यवंशी को खेलने का मौका मिला तो वह भारत के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी का सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। वैभव को भारतीय टीम में आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के कारण मौका मिला। उन्होंने ऑरेंज कैप अपने नाम किया और अपनी शानदार पावर-हिटिंग से सुर्खियां बटोरी थीं। सूर्यवंशी ने 16 पारियों में 237.30 के स्ट्राइक रेट और 48.50 के औसत से एक शतक और पांच अर्धशतक की मदद से 776 रन बनाए।

बिरले हैं वैभव सूर्यवंशी

भारतीय टीम में पहले भी बिहारी क्रिकेटर खेले हैं। वर्तमान में भी इशान किशन और आकाशदीप जैसे खिलाड़ी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में बिहार का प्रतिनिधित्व करके भारतीय टीम में चुने जाने वाला खिलाड़ियों की संख्या काफी कम है। पूरी खबर पढ़ें