जब इरादों में मजबूती, विरासत में संस्कार और परिवार का आशीर्वाद साथ हो तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। कंस्ट्रक्शन साइट पर गार्ड की नौकरी करने वाले हरिकेश सिंह के बेटे हिमांशु सिंह की सफलता की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।
दाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के ऑफ-ब्रेक गेंदबाज हिमांशु सिंह प्रोफेशनल क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने के लिए मुंबई चले गए। हिमांशु सिंह ने रणजी ट्रॉफी में मुंबई क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए नेट-बॉलर के तौर पर भी बुलाया गया।
हिमांशु सिंह अब यूपी टी20 लीग में लगातार दो अर्धशतक लगाने के बाद सुर्खियों में हैं। हिमांशु सिंह ने पहले काशी रुद्राक्ष के खिलाफ महज 31 गेंद में नाबाद 50 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। फिर गोरखपुर लायंस के खिलाफ 41 गेंद में 64 रन बनाकर इकाना क्रिकेट स्टेडियम में मौजूद लोगों का दिल जीता।
अमेठी जिले के ब्लॉक संग्रामपुर के ग्राम खरेथु निवासी स्वर्गीय भारत सिंह गांधी के नाती हिमांशु सिंह की सफलता में उनकी मेहनत के साथ-साथ परिवार का भी योगदान शामिल है।
हिमांशु सिंह की काबिलियत का पहला प्रमाण अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की कप्तानी वाली लखनऊ फाल्कन्स में चुने जाना था। इसके बाद हिमांशु सिंह ने अपनी टीम को लगातार दो मैच जिताने में अहम भूमिका निभाईं और टीम मैनेजमेंट के फैसले को सही साबित किया।
संघर्ष, संस्कार और दादा का सपना
साल 2011 में हिमांशु सिंह के दादा (बाबा) ने उनके अंदर छिपे क्रिकेट के हुनर को पहचान लिया था। अपने पौत्र को देश का बड़ा क्रिकेटर बनते देखने के लिए उन्होंने हिमांशु सिंह की पारंपरिक पढ़ाई पर ब्रेक लगवाकर उन्हें पेशेवर क्रिकेट की ट्रेनिंग के लिए भेजा।
हिमांशु सिंह के पिता हरिकेश सिंह नई इमारतों के निर्माण स्थलों पर गार्ड की नौकरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी आमदनी ज्यादा नहीं है, लेकिन उन्होंने अभावों के बावजूद कभी बेटे के सपनों में संसाधनों की कमी को आड़े नहीं आने दिया।
परिवार में देश सेवा और मेहनत का जज्बा कूट-कूटकर भरा है। हिमांशु के भाई प्रियांशु सिंह भारतीय वायुसेना में रहकर देश की सुरक्षा में लगे हुए हैं। वहीं हिमांशु क्रिकेट के मैदान पर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से परिवार, जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
UPT20 लीग ने बदला ग्रामीण युवाओं का भविष्य
हिमांशु के मामा शौर्य प्रताप सिंह भी बड़ा क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते उनका सपना अधूरा रह गया। वह भांजे हिमांशु सिंह में अद्भुत प्रतिभा देखते हैं। शौर्य प्रताप सिंह ने जनसत्ता को बताया, ‘‘जब मैं क्रिकेट खेलता था तब उत्तर प्रदेश में इस स्तर की सुविधाएं और एक्सपोजर नहीं था।’’
शौर्य प्रताप सिंह मानते हैं कि आईपीएल और यूपी टी20 लीग के आने से ग्रामीण युवाओं के लिए भी रास्ते खुले हैं। शौर्य प्रताप सिंह ने बताया, ‘‘इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और खासतौर पर यूपी टी20 लीग के आने से स्थितियां पूरी तरह बदल गईं हैं। हिमांशु जैसे ग्रामीण अंचल के खिलाड़ियों को जो मंच मिला है, उससे उनके लिए आईपीएल और भारतीय राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खुल गए हैं।’’
अमेठी की क्रिकेट विरासत में नया सितारा
राजनीतिक रूप से देश का वीवीआईपी क्षेत्र माने जाने वाले अमेठी का क्रिकेट इतिहास भी काफी समृद्ध रहा है। पंकज सिंह अमेठी से निकलने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर थे। पंकज सिंह भारतीय टीम के अलावा आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए भी खेले। उनके बाद युवा खिलाड़ी प्रशांत वीर यूपी टी20 लीग में शानदार प्रदर्शन के दम पर आईपीएल 2026 के लिए हुई नीलामी में सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी बने।
प्रशांत वीर को चेन्नई सुपर किंग्स ने 14 करोड़ 20 लाख रुपये की रिकॉर्ड कीमत में खरीदा था। अब इस कड़ी में नया नाम हिमांशु सिंह का भी जुड़ गया है। खरेथु की मिट्टी से निकलकर यूपी टी20 लीग में शानदार प्रदर्शन करने वाले हिमांशु सिंह की कहानी उत्तर प्रदेश के उन लाखों ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अभावों के बीच अपने सपनों को साकार करने की राह देख रहे हैं।
जिंदगी ने बैकफुट पर धकेला, लेकिन यश ढुल ने नहीं मानी हार; U19 वर्ल्ड कप के हीरो की दमदार वापसी
अंडर-19 विश्व कप में भारत को चैंपियन बनाने वाले यश ढुल के लिए IPL 2023 का सीजन निराशाजनक रहा था। चार मैचों की तीन पारियों में वह सिर्फ 16 रन बना पाए थे। अब डीपीएल 2026 में यश ढुल ने नौ पारियों में 410 रन और 214.66 के स्ट्राइक रेट के साथ जोरदार वापसी की है। 47 गेंदों में शतक ने उनकी वापसी को और खास बना दिया। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें)
