मैं और विजय टिके रहते तो नतीजा कुछ और होता: विराट

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने आज ऑस्ट्रेलिया के हाथों पहले क्रिकेट टेस्ट में 48 रन की हार के बाद स्वीकार किया कि मुरली विजय का आउट होना मैच का टर्निंग प्वॉइंट साबित हुआ। कोहली से जब पूछा गया कि 99 रन के निजी स्कोर पर विजय का आउट होना क्या टर्निंग प्वॉइंट हो सकता है […]

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विराट कोहली ने कहा, "मैं भारतीय टीम के सदस्यों के बीच मजबूत दोस्ताना माहौल बनाना चाहता हूं।’’ (फ़ोटो-एपी)

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने आज ऑस्ट्रेलिया के हाथों पहले क्रिकेट टेस्ट में 48 रन की हार के बाद स्वीकार किया कि मुरली विजय का आउट होना मैच का टर्निंग प्वॉइंट साबित हुआ।

कोहली से जब पूछा गया कि 99 रन के निजी स्कोर पर विजय का आउट होना क्या टर्निंग प्वॉइंट हो सकता है तो उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा हो सकता है। अगर मैं और विजय लगभग 40 रन और जोड़ लेते तो सब कुछ अलग होता। आपने देखना कि एक मौके का टीम ने कैसे फायदा उठाया। और ऑस्ट्रेलिया ने यही किया।’’

कोहली ने अपने आउट होने के संदर्भ में कहा, ‘‘स्क्वॉयर के सामने मारने का प्रयास कर रहा था लेकिन यह ऐसी गलती है जिसे देखने के बाद मैं कह सकता हूं कि अगर कोई और शॉट खेल सकता था। नाथन लियोन का स्पैल शानदार था और उसने सही क्षेत्रों में गेंदबाजी की।’’

भारतीय कप्तान ने कहा कि उन्होंने टेस्ट मैच जीतने की कोशिश की और उन्हें कोई मलाल नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कल शाम आपसे कहा था कि लक्ष्य चाहे जो भी हो हम उसे हासिल करने की कोशिश करेंगे। अगर आपको देश की ओर से खेलने के लिए चुना गया है तो आपको जज्बे और प्रतिबद्धता के साथ खेलना होगा।’’

कोहली ने इस दौरान बल्लेबाज फिलिप ह्यूज की मौत के सदमे के बीच टेस्ट मैच खेलने के लिए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम को बधाई भी दी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम को बधाई देना चाहता हूं। पिछले 10 दिन में जो हुआ उसके बावजूद यहां खेलना बेहतरीन है। वे ऐसी टीम है जो जज्बे और प्रतिबद्धता के साथ खेलती है।’’

कोहली ने मैच के बाद पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ से टेलीविजन शो के दौरान कहा कि वह रोहित शर्मा के आउट होने के बाद भी लक्ष्य का पीछा करना चाहता थे।

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘मैं काफी हद तक एक ही दिशा में सोचने वालों में से हूं। मैं ड्रॉ के लिए खेलने में विश्वास नहीं रखता। विजय और जिंक्स (रहाणे का निकनेम) के आउट होने के बाद भी साहा की मौजूदगी में मैं लक्ष्य का पीछा करना चाहता था। कर्ण के आने पर मैंने उसे कहा कि मुझे अधिक से अधिक स्ट्राइक दो।’’

अपनी बल्लेबाजी के संदर्भ में कोहली ने द्रविड़ से कहा कि उन्होंने अपने करियर में कभी इतने स्वीप शॉट नहीं खेले। उन्होंने कहा, ‘‘मैं असल में नेट पर लैप शॉट का अभ्यास कर रहा था, स्वीप का नहीं। मुझे याद नहीं कि कभी किसी मैच में मैंने इतने स्वीप शॉट खेले हों।’’

कोहली से जब मैदान पर बहस के दौरान मध्यस्थ की भूमिका निभाने के बारे में पूछा गया जो उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘‘आप समझ सकते हैं कि अगर मैं शांतिदूत की भूमिका निभा रहा हूं तो वहां क्या चल रहा है।’’

ऑस्ट्रेलिया कप्तान माइकल क्लार्क ने कोहली के शतक को शानदार पारी करार दिया और दूसरी पारी के सर्वश्रेष्ठ शतकों में इसे शामिल किया। क्लार्क ने कोहली की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘यह शानदार जीत है और कुछ असाधारण प्रदर्शन देखने को मिले। विराट कोहली। क्या शानदार पारी। यह मेरे द्वारा देखे गए दूसरी पारी के सर्वश्रेष्ठ शतकों में से एक है। कुछ शानदार प्रदर्शन हुए। नाथन लियोन, डेविड वॉर्नर। और अंतिम सत्र में ब्रेड हैडिन की कप्तानी बेजोड़ थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैच जीतने की कोशिश जारी रखने के लिए खिलाड़ियों को पूरा श्रेय जाता है। वे जीतने की कोशिश करते हुए हारने के लिए भी तैयार थे।’’
क्लार्क ने कहा कि पारी घोषित करने के समय को लेकर उनके दिमाग में कोई संदेह नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सोचा कि अगर भारत 360 रन बना सकता है तो उसे इसका पूरा श्रेय जाता है। लेकिन हमारे खिलाड़ियों और गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। हमने फिलिप (ह्यूज) को गौरवांवित किया।’’

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