पैरा खिलाड़ी भी टोक्यो में रच सकते हैं इतिहास, अब तक पैरालंपिक के इतिहास में भारत को मिले कुल इतने मेडल

24 अगस्त से 5 सितंबर तक चलने वाले टोक्यो पैरालंपिक खेलो में भारत ने 9 इवेंट्स के लिए 54 पैरा खिलाड़ियों का दल टोक्यो भेजा है। भारत ने इससे पहले 11 पैरालंपिक खेलों में भाग लिया है और 1984 के बाद से भारत लगातार इन खेलों में भाग ले रहा है।

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Tokyo Paralympics: अब तक 11 पैरालंपिक खेलों में भारत ने हिस्सा लिया है (Source: Twitter)

टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचने के बाद अब देश की नजरें टिकी हैं पैरालंपियंस पर। देश ने टोक्यो में इस बार ओलंपिक इतिहास के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर जश्न मनाया तो एक बार फिर पैरालंपियंस से भी इतिहास रचने की उम्मीदें जताई जा रही हैं। इस बार भारत ने 9 इवेंट्स के लिए 54 पैरा खिलाड़ियों का दल टोक्यो भेजा है।

24 अगस्त से 5 सितंबर तक चलने वाले इन पैरालंपिक खेलो में भारत के मुकाबले बुधवार 25 अगस्त से शुरू होंगे। भारत ने इससे पहले 2016 के रियो ओलंपिक में 4 मेडल जीते थे। जिसमें 2 स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य शामिल था।

अगर हम पुराने आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत ने अब तक 11 पैरालंपिक खेलों में हिस्सा लिया है और 12 मेडल देश के नाम दर्ज हैं। जिसमें 4 स्वर्ण, 4 रजत और 4 कांस्य शामिल हैं। आपको बता दें पैरालंपिक खेलों की शुरुआत 1960 में हो गई थी, लेकिन भारत ने तेल अवीव पैरालंपिक (1968) में पहली बार भाग लिया था। 1984 के पैरालंपिक से भारत लगातार इन खेलों में भाग ले रहा है।

पैरालंपिक में भारत के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ी

मुरलीकांत पेटकर (1972 हैडिलवर्ग): भारत के लिए पैरालंपिक के इतिहास में पहला मेडल 50 मीटर फ्रीस्टाइल स्वीमिंग में मुरलीकांत पेटकर ने जीता था। पेटकर ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए देश के लिए पहला मेडल और पहला स्वर्ण पैरालंपिक खेलों के इतिहास में जीता था।

जोगिंदर सिंह बेदी और भीमराव केसरकर (1984 स्टोक मंडेविले/न्यू यॉर्क): जोगिंदर सिंह बेदी भारत के लिए पैरालंपिक इतिहास में सबसे ज्यादा मेडल जीतने वाले एथलीट हैं। बेदी ने 1984 के पैरालंपिक खेलों में गोला फेंक में सिल्वर, भाला फेंक और चक्का फेंक में कांस्य पदक जीतकर ये रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इसके अलावा इन्हीं खेलों में भीमराव केसरकर ने भी भाला फेंक में सिल्वर मेडल जीता था।

राजिंदर सिंह राहेलू और देवेंद्र झाझरिया (2004 एथेंस): देवेंद्र झाझरिया ने भाला फेंक प्रतियोगिता में 2004 एथेंस पैरालंपिक खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा इन्हीं खेलों में राजिंदर सिंह राहेलू ने 56 किग्रा वर्ग में पॉवरलिफ्टिंग में भारत के लिए कांस्य पदक भी जीता।

गिरीशा एन. गौड़ा (2012 लंदन): 2008 के बीजिंग पैरालंपिक में भारत को एक भी मेडल नहीं मिला इसके बाद 2012 में हाई जंपर गिरीशा एन. गौड़ा ने भारत के लिए इकलौता मेडल जीता। उन्होंने 1.74 मीटर की छलांग लगाकर भारत को सिल्वर मेडल दिलाया।

झाझरिया, मरियप्पन, वरुण सिंह भाटी, दीपा मलिक (2016 रियो): 2016 के रियो पैरालंपिक खेल भारत के लिए मेडल के लिहाज से अब तक सर्वश्रेष्ठ रहा है। इन खेलों में भारत ने 2 स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीता था। इस पैरालंपिक में भारत के लिए भाला फेंक खिलाड़ी देवेंद्र झाझरिया ने और ऊंची कूद में मरियप्पन थंगावेलु ने गोल्ड मेडल जीता था। इसके अलावा वरुण सिंह भाटी ने भी मरियप्पन के साथ पोडियम शेयर किया और कांस्य पदक जीता।

फिर नाम आता है भारत के लिए पैरालंपिक में पदक जीतने वाली इकलौती महिला खिलाड़ी का। वो हैं गोला फेंक खिलाड़ी दीपा मलिक जिन्होंने रियो ओलंपिक में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता था।

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