लवलिना बोरगोहेन देश की दूसरी मैरीकॉम बनने की राह पर, ओलंपिक पदक से एक कदम दूर है मोहम्मद अली की फैन

लवलिना विश्व चैंपियनशिप में दो और एशियाई चैंपियनशिप में एक बार की कांस्य पदक विजेता हैं। वह अगले दौर में 30 जुलाई को चीनी ताइपे की निएन चिन चेन से भिड़ेंगी। निएन चिन चेन पूर्व विश्व चैंपियन हैं। क्वार्टर फाइनल में जीत से लवलिना भारत के लिए पदक पक्का कर देंगी।

Lovlina Borgohain Nadine Apetz India 2nd Mary Kom1
भारतीय मुक्केबाज लवलिना बोरगोहेन ने जर्मनी की नेदिन एपेट्ज को हराकर टोक्यो ओलंपिक में बॉक्सिंग में महिलाओं के 69 किग्रा भार वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। (सोर्स- ट्विटर)

ओलंपिक में पहली बार हिस्सा ले रही भारतीय मुक्केबाज लवलिना बोरगोहेन (69 किग्रा) ने मंगलवार यानी 27 जुलाई 2021 को टोक्यो में जर्मनी की अनुभवी नेदिन एपेट्ज को कड़े मुकाबले में हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। अब वह देश की दूसरी मैरीकॉम बनने से सिर्फ एक कदम दूर हैं। उनका क्वार्टर फाइनल मुकाबला 30 जुलाई को होना है। यदि वह उसमें जीत हासिल कर लेती हैं तो एमसी मैरीकॉम के बाद बॉक्सिंग में ओलिंपिक पदक जीतने वाली देश की दूसरी महिला मुक्केबाज बन जाएंगी।

मैरीकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। बॉक्सिंग में सेमीफाइनल में पहुंचते ही पदक पक्का हो जाता है। सेमीफाइनल हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक मिलता है। वहीं, सेमीफाइनल जीतने वाले दोनों खिलाड़ी फाइनल में गोल्ड और सिल्वर मेडल के लिए भिड़ते हैं। टोक्यो ओलंपिक में 27 जुलाई को सिर्फ एक ही भारतीय बॉक्सर लवलिना बोरगोहेन रिंग में उतरी। लवलिना ने प्री क्वार्टर फाइनल में अपने से 12 साल बड़ी नेदिन एपेट्ज को 3-2 से हराया। दोनों खिलाड़ियों का यह पहला ओलंपिक है। इसके साथ ही लवलिना भारत की नौ सदस्यीय टीम से अंतिम आठ में जगह बनाने वाली पहली खिलाड़ी बनीं।

लवलिना ने ओलंपिक के लिए टोक्यो रवाना होने से पहले कहा था, अगर कोई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीतता है तो लोग जल्द ही उसे भूल जाते हैं, लेकिन ओलंपिक मेडल जीतने पर सब हमेशा याद रखते हैं। मेरा लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है। 23 साल की लवलिना अब उस कभी न भूलने वाले पदक से सिर्फ एक जीत की दूरी पर हैं।

लवलिना ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने मोहम्मद अली से प्रभावित होकर मुक्केबाजी खेल को अपनाया था। उनके पिता टिकेन बोरगोहेन एक बार बाजार से अखबार में लपेट कर मिठाई आए थे। अखबार की उस कतरन में मोहम्मद अली के बारे में छपा था। उन्होंने पिता से मोहम्मद अली के बारे में पूछा। उसके बाद से ही वह बॉक्सिंग में करियर बनाने का सपना देखने लगी थीं।

लवलिना और एपेट्ज के बीच चला तनाव भरा मुकाबला

लवलिना और एपेट्ज के बीच मैच की बात करें तो तनाव भरे मुकाबले में भारतीय बॉक्सर ने शानदार जज्बा दिखाया। लवलिना बेहद करीबी अंतर से जीत दर्ज करने में सफल रही। लवलिना ने तीनों दौर में खंडित फैसले से जीत दर्ज की। ओलंपिक की मुक्केबाजी स्पर्धा में क्वालिफाई करने वाली जर्मनी की पहली महिला मुक्केबाज 35 साल की एपेट्ज दो बार विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता और पूर्व यूरोपीय चैंपियन हैं।

राष्ट्रीय महिल कोच मोहम्मद अली कमर ने पीटीआई को बताया, ‘काफी अधिक आक्रामक होने का कोई मतलब नहीं था, लवलीना इतनी स्मार्ट है कि पलटवार करके भी अंक बना सकती है।’ लवलिना विश्व चैंपियनशिप में दो और एशियाई चैंपियनशिप में एक बार की कांस्य पदक विजेता हैं। वह अगले दौर में 30 जुलाई को चीनी ताइपे की निएन चिन चेन से भिड़ेंगी। निएन चिन चेन पूर्व विश्व चैंपियन हैं। चेन को टोक्यो ओलंपिक में चौथी वरीयता दी गई है।

लवलिना को चेन के खिलाफ 2018 विश्व कप सेमीफाइनल में 1-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी थीं। क्वार्टर फाइनल में जीत से लवलिना भारत के लिए एक पदक पक्का कर देंगी। चेन 2019 एशियाई चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता हैं। उन्होंने प्री क्वार्टर फाइनल में इटली की एंजेला करिनी को 3-2 से हराया।

असम की लवलिना ने शुरुआती दौर में आक्रामक खेल दिखाया। इसके बाद रणनीति बदलते हुए इंतजार करने का फैसला किया। इस रणनीति ने काम किया। हालांकि, जर्मनी की मुक्केबाज ने अपने सटीक मुक्कों से कई बार लवलिना को परेशान किया।

लवलिना ने बाएं हाथ से लगाए दमदार मुक्कों से अपना पलड़ा थोड़ा भारी रखा। अली कमर ने कहा, ‘लवलिना ने दिमाग का अच्छा इस्तेमाल किया। शुरुआत में लवलिना जब आक्रमण पर रही थी तो उसे भी मुक्के लग रहे थे। इसके बाद हमने उसे काउंटर अटैक पर खेलने और अपना गार्ड ऊपर रखने को कहा।’

एपेट्ज जर्मनी के मुक्केबाजी जगत में बड़ा नाम है। वह न्यूरोसाइंस में पीएचडी कर रही हैं। ओलंपिक की तैयारी के लिए उन्होंने अपनी पीएचडी से एक साल के लिए ब्रेक लिया था। उन्होंने पिछले साल यूरोपीय क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाकर ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया था।

बुधवार को एशियाई चैंपियन पूजा रानी (75 किग्रा) का सामना अल्जीरिया की युवा मुक्केबाज इचरक चैब से होगा। तीस साल की पूजा ओलंपिक में पदार्पण कर रही हैं।

पढें खेल समाचार (Khel News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट