आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 में टीम इंडिया का इरादा साफ है। सामने कोई भी टीम हो, बल्लेबाजी का अंदाज आक्रामक ही रहेगा। सुपर-8 चरण में जिम्बाब्वे के खिलाफ 256 रन का स्कोर बनाने के बाद भारतीय ड्रेसिंग रूम से एक ही संदेश निकला, ‘विपक्षी टीमों में खौफ पैदा करना है।’

मुख्य कोच गौतम गंभीर के स्पष्ट मंत्र और तिलक वर्मा की बेबाक चेतावनी ने साफ कर दिया कि पावरप्ले में विकेट गिरें या दबाव बने, टीम इंडिया अब पीछे हटने वाली नहीं है। लक्ष्य सिर्फ जीत नहीं, बल्कि विपक्षी गेंदबाजों के मन में डर बैठाना है।

भारत ने गुरुवार 26 फरवरी 2026 की रात जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया। भारतीय क्रिकेटर तिलक वर्मा ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘हम बस ऐसा ही प्रदर्शन चाहते थे। हम एक टीम के रूप में अच्छा स्कोर बनाना चाहते थे। हमने इस पर चर्चा की कि अगर हम पावर प्ले में तीन या चार विकेट भी खो दें तब भी आक्रामक अंदाज में ही बल्लेबाजी करेंगे।’

इस संदर्भ में तिलक वर्मा ने संजू सैमसन की प्रशंसा की। रिंकू सिंह के स्थान पर अंतिम एकादश में शामिल किए गए संजू सैमसन ने 15 गेंद पर 24 रन बनाए और अभिषेक शर्मा के साथ पहले विकेट के लिए 3.4 ओवरों में 48 रन जोड़े।

तिलक वर्मा ने कहा, ‘जब सलामी बल्लेबाज अच्छी शुरुआत देते हैं तो इससे तीसरे, चौथे और पांचवें नंबर के बल्लेबाजों का भी आत्मविश्वास बढ़ता है। संजू ने शानदार शुरुआत की। हमने इसको लेकर चर्चा की थी और हम विपक्षी गेंदबाजों में यह खौफ देखना चाहते हैं कि भारतीय बल्लेबाज हर गेंद पर जोरदार शॉट लगाने के लिए तैयार हैं।’

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर 8 के अपने पहले मैच में भारतीय बल्लेबाज बुरी तरह लड़खड़ा गए थे। तिलक वर्मा ने कहा कि खिलाड़ियों ने चेपॉक में खेले गए मैच से पहले पिछले टी20 मैचों के वीडियो देखे।

तिलक वर्मा ने कहा, ‘हमने मैच से ठीक पहले चर्चा की थी कि हम सकारात्मक मानसिकता के साथ मैदान में उतरेंगे। हमने पिछले एक साल में टी20 क्रिकेट में अपने प्रदर्शन को देखा। इन वीडियो को देखने के बाद हम सभी का आत्मविश्वास बढ़ा।’

तिलक वर्मा ने कहा कि मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी टीम के सदस्यों को बिना किसी झिझक के अपना स्वाभाविक खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। तिलक वर्मा ने कहा, ‘गौतम सर ने यह भी कहा कि परिस्थिति चाहे कैसी भी हो, बस उस तरह की क्रिकेट को याद रखें जो हमने पिछले साल से तथा न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू शृंखला में खेली थी।’

तिलक वर्मा ने कहा कि पिछले मैचों के वीडियो देखने और गौतम गंभीर के प्रेरणादायक शब्दों से बल्लेबाजों की मानसिकता में बदलाव आया। उन्होंने कहा, ‘अहमदाबाद और दिल्ली दोनों की पिचें अच्छी थीं, लेकिन इस खेल में मानसिकता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुझे लगता है कि हमारी मानसिकता यह थी कि अगर कोई विकेट गिरता है तो हम बड़े शॉट खेलने के लिए थोड़ा समय लेंगे। हम पहले भी उस टीम के खिलाफ खेल चुके थे।’

तिलक वर्मा ने कहा, ‘उस समय हम खेल का पूरा आनंद ले रहे थे और सारा दबाव विपक्षी गेंदबाजों पर होता था। अगर विकेट गिरता तो हम अगली ही गेंद पर छक्का मार देते थे, इसलिए हमारी सोच कुछ इस तरह की थी। हमने चर्चा की कि अगर पहली गेंद हमारी जद में आती है तो हम उस पर छक्का मारने में नहीं हिचकिचाएंगे।’