भारत मंगलवार (14 जुलाई) से इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में तीन मैचों की वनडे सीरीज के साथ 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी शुरू करेगा। इस दौरान सबसे बड़ी चुनौती सीनियर खिलाड़ियों को रोटेट करना होगा ताकि युवा और कम अनुभवी खिलाड़ियों को ज्यादा खेलने का मौका मिल सके। भारतीय टीम की रोहित शर्मा और केएल राहुल के विकल्प तैयार करने की योजना है।
टाइम्स ऑफ इंडिया को पता चला है कि टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ता कुछ समय से सीनियर खिलाड़ियों को रोटेशन पॉलिसी के बारे में समझाने की कोशिश कर रहे हैं। टीम मैनेजमेंट ने पिछले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे में रोहित शर्मा को आराम देने के बारे में सोचा था ताकि यशस्वी जायसवाल को टॉप ऑर्डर में जगह मिल सके। आखिरकार, कप्तान शुभमन गिल ने नंबर 3 पर बैटिंग करने का फैसला किया।
रोहित पर दबाव होगा
रोहित ने जायसवाल के साथ ओपनिंग की। हालांकि, जायसवाल अपने पिछले तीन वनडे में दो सेंचुरी बनाने के बावजूद इस दौरे पर नहीं चुने गए हैं। ऐसे में रोहित पर दबाव होगा। टीम मैनेजमेंट चाहेगा कि वह सीरीज के शुरुआती स्टेज में ही रन बनाए, न कि सीरीज के आखिरी मैच में बड़ा स्कोर बनाए जैसा कि वह पिछली कुछ सीरीज में कर रहा है।
केएल राहुल को दिया गया था आराम
अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले भारत टीम मैनेजमेंट ने संकेत दिए थे कि वह विराट कोहली की गैरमौजूदगी में इशान किशन,यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल को कैसे रोटेट करेगा। आखिरी वनडे में केएल राहुल को आराम दिया गया था। इशान किशन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी दी गई थी। टीम मैनेजमेंट के लिए केवल वनडे खेलने वाले सीनियर खिलाड़ियों को कुछ मैचों में बाहर बैठने के लिए मनाने कड़ी चुनौती होगी।
रोहित को इंग्लैंड में पूरे मौका मिलेगा
सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘टीम मैनेजमेंट ऐसी परिस्थिति नहीं चाहता कि कोई सीनियर खिलाड़ी चोटिल हो और कोई भी खेलने के लिए तैयार न हो। दिक्कत यह है कि रोहित, कोहली और राहुल वनडे के अलावा ज्यादा इंटरनेशनल व्हाइट-बॉल क्रिकेट नहीं खेलते हैं। रोहित को इंग्लैंड में पूरे मौका मिल सकता है। अगर यहां उनका फॉर्म खराब रहा तो हो सकता है कि उन्हें अगली सीरीज में उतने मौके न मिलें।’
बर्मिंघम में रोहित शर्मा का डंका
रोहित शर्मा ने बर्मिंघम में 6 पारियों में 3 शतक और एक अर्धशतक जड़ा है। उनका औसत 89.4 का है। उन्होंने 447 रन बनाए हैं। पूरी खबर पढ़ें।
