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ANALYSIS: Canberra ODI में भी टीम इंडिया ने दोहराईं वहीं पांच गलतियां

348 रन का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने शिखर धवन(126) और विराट कोहली (106) की पारियों के बूते जोरदार शुरुआत की और जीत की तैयारी कर ली थी। लेकिन 38वें ओवर की तीसरी गेंद पर धवन के आउट होते ही टीम इंडिया का मिडिल ऑर्डर ढह गया।

Author January 20, 2016 18:11 pm
Canberra ODI में भारतीय गेंदबाज एक बार फिर ऑस्‍ट्रेलियाई टीम के सामने बेबस नजर आए और 348 रन लुटा बैठे। (Photo: AP)

ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों का चौथा वनडे भी भारत ने गंवा दिया। 348 रन का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने शिखर धवन(126) और विराट कोहली (106) की पारियों के बूते जोरदार शुरुआत की और जीत की तैयारी कर ली थी। लेकिन 38वें ओवर की तीसरी गेंद पर धवन के आउट होते ही टीम इंडिया का मिडिल ऑर्डर ढह गया। भारत ने 35 रन के अंतराल में सात विकेट गंवा दिए। भारतीय पारी ताश के पत्‍तों की तरह ढह गई और एक ऐतिहासिक जीत हार में बदल गई। इस सीरिज में टीम इंडिया पहली बार लक्ष्‍य का पीछा करने उतरी थी और पहली बार जीत की बड़ी दावेदार लग रही थी। पहले खेलते हुए ऑस्‍ट्रेलिया ने आरोन फिंच के शतक(107) की मदद से आठ विकेट पर 348 रन बनाए। इसके जवाब में रोहित शर्मा और शिखर धवन ने जोरदार शुरुआत दी। रोहित के जाने के बाद धवन और कोहली ने मोर्चा संभालते हुए दूसरे विकेट के लिए 212 रन जोड़े। 38वें ओवर में बेन हेस्टिंग्‍स का ओवर मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस ओवर तीसरी गेंद पर धवन और आखिरी पर धोनी बिना खाता खोले आउट हो गए।

मैच में भारत की हार के पांच कारण:
मैच में जिस तरह से भारत लक्ष्‍य का पीछा कर रहा था उससे जीत तय थी लेकिन ऐन मौकों पर हुई गलतियों ने मैच का नतीजा बदल दिया। ये गलतियां टीम लगातार पांच छह महीने से कर रही है।

फिनिशर की कमी
इस सीरिज हार की जो सबसे बड़ी वजह रही, वह एक बार फिर जीत के आड़े आ गई। लगभग एक साल से भारतीय टीम फिनिशर की कमी से जूझ रही है। कप्‍तान महेन्‍द्र सिंह धोनी अब बूढ़े शेर हो चुके हैं जिनका रूतबा अब फीका पड़ता जा रहा है। वे इस मैच में बिना खाता खोले आउट हो गए। गुरकीरत सिंह मान अभी अनुभवहीन है तो रवीन्‍द्र जडेजा इस भूमिका में अपने आप को फिट ही नहीं करना चाहते। भारत के पास इस क्रम पर खेलने वाले बल्‍लेबाजों के ऑप्‍शन भी कम है। सुरेश रैना को ही ऐसी परिस्थितियों में खेलने का अनुभव है लेकिन वे टीम से बाहर है। इसी साल भारत में होने वाले टी20 वर्ल्‍ड कप से पहले भारत को यह कमी दूर करनी होगी नहीं तो मुश्किल और बढ़ जाएगी।

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जीतने लायक स्‍कोर
ऑस्‍ट्रेलियाई टीम ने कैनबरा वनडे में साबित कर दिया जीतने के लिए कितना स्‍कोर पर्याप्‍त होता है। भारतीय टीम ने पहले तीन वनडे में पहले बल्‍लेबाजी की और 300 के करीब रन बनाए लेकिन हार झेलनी पड़ी। कप्‍तान धोनी ने भी माना था कि टीम 10-20 रन कम बना रही है। वहीं ऑस्‍ट्रेलिया टीम ने कैनबरा में औसत स्‍कोर से 30-40 रन ज्‍यादा बनाए जो कि आखिर में हार जीत का अंतर साबित हुए। जबकि लक्ष्‍य 300 के लगभग होता तो भारत आसानी से जीत दर्ज कर लेता।

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गेंदबाजों का लचर प्रदर्शन
एक विकेट पर 277 रन बनने के बाद भी कंगारू गेंदबाजों ने उम्‍मीद नहीं छोड़ी। उन्‍होंने आखिरी के ओवर्स में जोरदार गेंदबाजी करते हुए हार को जीत में बदल दिया। ऑस्‍ट्रेलिया के दूसरे दर्जे के गेंदबाजों ने साबित किया कि लक्ष्‍य का बचाव कैसे किया जाता है। जबकि ऐसे मौकों पर भारतीय गेंदबाजों ने सीरिज में लगातार गलतियां की। मेलबर्न वनडे में भी टीम इंडिया के बॉलर्स ने गैर जिम्‍मेदाराना गेंदबाजी की जिससे जीत हाथ से फिसल गई। वहीं कैनबरा वनडे में उन्‍होंने स्‍लॉग ओवर्स में रन लुटाए जिससे कि कंगारू टीम का स्‍कोर 350 के करीब चला गया।

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बल्‍लेबाजों के गैर जिम्‍मेदाराना शॉट
शतक लगा चुके शिखर धवन और विराट कोहली लापरवाही पूर्वक शॉट खेल आउट हुए। इसके चलते फॉर्म में चल रहे अजिंक्‍या रहाणे फील्डिंग के दौरान चोटिल हो गए और उनके टांके लगाने पड़े। इसके चलते धवन का विकेट गिरने पर धोनी को चौथे नंबर पर उतरना पड़ा। उनकी नाकामी के बाद रहाणे चोट के बावजूद बल्‍लेबाजी को उतरे लेकिन कामयाब नहीं रहे। बाकी बल्‍लेबाज गैर जिम्‍मेदाराना शॉट खेलकर आउट हो गए। गुरकीरत मान और रिषी धवन ने क्रीज पर समय गुजारने के बजाय आते ही गेंद को उड़ाने का प्रयास किया और विकेट गंवाए। इसके चलते टीम 25 रन से हार गई।

धोनी की फॉर्म
धोनी लंबे समय से अपनी फॉर्म में निरंतरता नहीं रख पा रहे हैं। लक्ष्‍य का पीछा करने में उनके पास खासा अनुभव है, जिसकी टीम को आज जरूरत थी। आज के मैच में जब वे क्रीज पर आए तब भारत की जीत महज औपचारिकता लग रही थी लेकिन वे असफल रहे। नतीजा रहा कि बाद के बल्‍लेबाज लक्ष्‍य के पीछा करने के दबाव को सह नहीं पाए और घुटने टेक बैठे।

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