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दूसरे टी20 में वापसी के इरादे से उतरेगा भारत

गेंदबाजों के लचर प्रदर्शन के कारण पहले टी20 में हार झेलने वाली भारतीय टीम अपनी कमजोरियों से निजात पाकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में..

Author कटक | October 5, 2015 9:52 AM
भारत की घरेलू शृंखला की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसे धर्मशाला में पहले टी20 मैच में हार का सामना करना पड़ा। (पीटीआई फोटो)

गेंदबाजों के लचर प्रदर्शन के कारण पहले टी20 में हार झेलने वाली भारतीय टीम अपनी कमजोरियों से निजात पाकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में सोमवार को यहां होने वाले दूसरे टी20 मैच में वापसी करने के लिए उतरेगी।

भारत की घरेलू शृंखला की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसे धर्मशाला में पहले टी20 मैच में हार का सामना करना पड़ा। इससे अब सोमवार का मैच उसके लिए करो या मरो जैसा बन गया है जिससे उस पर और खासकर गेंदबाजों पर काफी दबाव रहेगा। दूसरी तरफ पहली जीत के बाद उत्साह से लबरेज दक्षिण अफ्रीका सीरीज में अजेय बढ़त लेने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगा।

तीन महीने बाद फिर से क्रिकेट में लौटने वाले सीमित ओवरों के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर भारत को फिर से जीत की राह पर लौटाने का बड़ा जिम्मा है। धर्मशाला से उलट यहां और कोलकाता में तीसरे टी20 में धोनी और उनकी टीम के लिए परिस्थितियां आदर्श रहने की उम्मीद है। पिछले कुछ दिनों से बारिश के कारण यहां पिच में गेंद नीची रहने और धीमी गति से बल्लेबाज तक पहुंचने की संभावना है।

दोनों टीमें शनिवार को जब भुवनेश्वर में पहुंचीं तो यहां तेज आंधी के साथ बारिश आ रही थी। इससे स्टेडियम तरणताल में बदल गया। लिहाजा सोमवार के मैच से पहले मैदान की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। मौसम विभाग ने भी अगले 48 घंटों में रुक रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है और ऐसे में कम ओवरों के मैच से इनकार नहीं किया जा सकता। शृंखला के शुरुआती मैच में रोहित शर्मा का टी20 अंतरराष्ट्रीय में पहला शतक और विराट कोहली के 43 रन की पारी से भारत ने 199 रन बनाए जो दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उसका सर्वोच्च स्कोर है। इन बल्लेबाजों से इससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद नहीं की जा सकती। लेकिन उनका यह प्रदर्शन गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन के कारण बेकार चला गया। केवल रविचंद्रन अश्विन ही अच्छी गेंदबाजी कर पाए।

दक्षिण अफ्रीका के सामने 200 रन का लक्ष्य था। हाशिम आमला (36) और एबी डिविलियर्स (51) ने ठोस नींव रखी जिसके बाद जेपी डुमिनी (68) और फरहान बेहारडीन ने 105 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को दो गेंद शेष रहते जीत दिलाई। डुमिनी ने 16वें ओवर में अक्षर पटेल पर लगातार तीन छक्के जड़कर मैच का नक्शा बदला। उस ओवर में 22 रन बने। इसमें दो राय नहीं कि धोनी अमित मिश्रा पर अक्षर पटेल को तरजीह देते हैं क्योंकि बाएं हाथ का यह स्पिनर बल्लेबाजी करते हुए निचले क्रम में कुछ रन जुटा लेता है। लेकिन श्रीलंका में तीन मैचों में 15 विकेट लेकर उत्साह से भरे मिश्रा यहां की धीमी परिस्थितियों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

मिश्रा और अश्विन दोनों मिलकर बल्लेबाजों पर दबाव बना सकते हैं। अश्विन पहले मैच में भी गेंद को टर्न कराने में सफल रहे थे। उन्होंने अपनी गेंदबाजी पर नियंत्रण भी रखा और बड़ी चतुराई से धीमी गेंद पर डिविलियर्स को आउट किया। डुमिनी और बेहारडीन ने हालांकि दूसरे स्पिनर पटेल को निशाने पर रखा और उनकी यह रणनीति कारगर साबित हुई। जहां तक डिविलियर्स की बात है तो वे दुनिया के किसी भी तरह के आक्रमण को छिन्न भिन्न करने की क्षमता रखते हैं। उन पर सटीक गेंदबाजी और सही लाइन से किए गए यार्कर से कुछ हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। लेकिन भुवनेश्वर कुमार और धर्मशाला में पदार्पण करने वाले श्रीनाथ अरविंद पांव को निशाना बनाकर यार्कर करने में नाकाम रहे।

अगर भारत की बल्लेबाजी की बात करें तो रोहित और कोहली के आउट होने के बाद बल्लेबाज अच्छी फिनिश नहीं कर पाए। एक समय लग रहा था कि टीम 220 रन तक पहुंच जाएगी। लेकिन आखिरी पांच ओवर में केवल 41 रन बने। भारत आगे ऐसी किसी स्थिति से बचने की कोशिश करेगा और डेथ ओवरों में अधिक से अधिक रन बटोरना चाहेगा। धोनी की पसंद अंबाती रायुडु हैं लेकिन वे पिछले मैच में खाता भी नहीं खोल पाए थे। जिस तरह से पटेल के स्थान पर मिश्रा बेहतर विकल्प हैं उसी तरह से रायुडु की जगह अंजिक्य रहाणे को रखा जा सकता है। भले ही यह अभी देखना है कि धोनी अंतिम एकादश में कोई प्रयोग करते हैं या फिर पिछली टीम के साथ ही मैदान पर उतरते हैं। अगले साल भारत में टी20 होना है लेकिन भारतीय टीम ने हाल में इस प्रारूप में बहुत अधिक मैच नहीं खेले हैं। पिछले साल बांग्लादेश में टी20 चैंपियनशिप के बाद भारत ने चार जबकि दक्षिण अफ्रीका ने 11 मैच खेले हैं।

टीमें इस प्रकार हैं…

भारत: महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान व विकेटकीपर), रोहित शर्मा, शिखर धवन, विराट कोहली, सुरेश रैना, अंबाती रायुडु, अक्षर पटेल, रविचंद्रन अश्विन, भुवनेश्वर कुमार, मोहित शर्मा, श्रीनाथ अरविंद, अजिंक्य रहाणे, स्टुअर्ट बिन्नी, हरभजन सिंह और अमित मिश्रा में से।

दक्षिण अफ्रीका: फाफ डु प्लेसिस (कप्तान), हाशिम आमला, एबी डिविलियर्स (विकेटकीपर), जेपी डुमिनी, फरहान बेहारडीन, डेविड मिलर, क्रिस मौरिस, कैगिसो रबादा, काइल एबट, मर्चेंट डि लेंगे, इमरान ताहिर, क्विंटन डिकाक, एडी लेइ, एल्बी मोर्कल और कयाया जोंडो में से।

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