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CWC 2015: दक्षिण अफ्रीका को हराने में सक्षम हैं भारत

विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत के अब तक जीत दर्ज करने में नाकाम रहने के बावजूद वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीका को हरा सकती है क्योंकि पाकिस्तान के खिलाफ जीत के बाद टीम का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है और बल्लेबाजी क्रम में डेल स्टेन एंड कंपनी का […]

Author February 17, 2015 5:31 PM
टीम इंडिया के पास कई मैच विनर हैं: गांगुली (फ़ोटो-रॉयटर्स)

विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत के अब तक जीत दर्ज करने में नाकाम रहने के बावजूद वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीका को हरा सकती है क्योंकि पाकिस्तान के खिलाफ जीत के बाद टीम का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है और बल्लेबाजी क्रम में डेल स्टेन एंड कंपनी का सामना करने के लिए पर्याप्त गहराई है।

स्टार स्पोर्ट्स के पैनल में विशेषज्ञों में शामिल लक्ष्मण ने ‘पीटीआई भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में नतीजा भारत के पक्ष में नहीं रहा है लेकिन भारतीय बल्लेबाजों की मौजूदा फॉर्म और पाकिस्तान के खिलाफ पिछले मैच में वे जिस तरह खेले वह उत्साहवर्धक है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह दर्शाता है कि ऑस्ट्रेलिया में ढाई महीने से रहने के कारण वह ऑस्ट्रेलियाई हालात के आदी हो गए हैं और उछाल तथा तेज विकेटों से उन्होंने सामंजस्य बैठा लिया है।’’

लक्ष्मण ने कहा, ‘‘डेल स्टेन, मोर्ने मोर्कल या इमरान ताहिर जैसे गेंदबाजों के खिलाफ खेलना चुनौती है लेकिन भारतीय बल्लेबाजी क्रम में दुनिया के किसी भी गेंदबाजी आक्रमण का अच्छी तरह सामना करने के लिए पर्याप्त गहराई और प्रतिभा है।’’

भारत की ओर से 134 टेस्ट और 86 वनडे खेलने वाले लक्ष्मण का मानना है कि पाकिस्तान के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन से भारतीय गेंदबाजों का मनोबल भी बढ़ा होगा।

हैदराबाद के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के खिलाफ पहला मैच जीतने के बाद भारतीय गेंदबाजों का मनोबल बढ़ा होगा और दक्षिण अफ्रीका के मजबूत बल्लेबाजी क्रम के खिलाफ वे प्रभावी हो सकते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ सभी गेंदबाजों ने रणनीति के तहत गेंदबाजी की और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उमेश यादव और मोहम्मद शमी ने सही क्षेत्रों में गेंदबाजी के साथ रणनीति को शानदार तरीके से लागू किया जबकि रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा ने अपनी स्पिन से पाकिस्तानी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा।’’

भारत को 1992, 1999 और 2011 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा लेकिन लक्ष्मण का मानना है कि अतीत में जो हुआ वह मायने नहीं रखता। उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा भारतीय एकादश के काफी खिलाड़ी पिछले मुकाबलों के दौरान मौजूद नहीं थे और इसलिए पिछले मैचों के नतीजों के आधार पर फैसला करना मुश्किल है।’’

लक्ष्मण ने कहा, ‘‘खिलाड़ियों को विरोधी टीम के कमजोर और मजबूत पक्षों के बारे में पता है और उन्हें आगामी मैच में चुनौतियों से उबरने और अच्छा प्रदर्शन करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार खेलना होगा।’’

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