साक्षी राज। हमने अपने घरों में अक्सर छोटे भाई-बहनों को बड़ों की नकल करते देखा होगा। कभी बड़ों को यह कहते सुना होगा कि अपने बड़े भाई/बहन से कुछ सीखो, लेकिन इसी महीने ताइवान ओपन चैंपियनशिप की विजेता बनी तन्वी शर्मा की कहानी थोड़ी अलग है। तन्वी शर्मा ने बड़ी बहन राधिका शर्मा की तरह बैडमिंटन खिलाड़ी बनने का हठ तो जरूर किया, लेकिन सीखने के मामले में बड़ी बहन राधिका शर्मा की प्रेरणा बन गईं।

तन्वी शर्मा ने महज 17 साल की उम्र में ताइपे ओपन के महिला सिंगल्स का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। साइना नेहवाल के बाद इस उपलब्धि को हासिल करने वाली वह दूसरी भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। साथ ही वह ताइपे ओपन का खिताब जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी भी बनीं।

तन्वी शर्मा से तकरीबन तीन साल बड़ी राधिका शर्मा वर्तमान में बैडमिंटन विश्व महासंघ की मिश्रित युगल रैंकिग में सात्विक रेड्डी के साथ 70वें स्थान पर हैं। राधिका शर्मा ने बताया कि उन्हें अपनी छोटी बहन से प्रेरणा मिलती है। राधिका शर्मा नें इंडियन एक्सप्रेस से कहा, तन्वी को खिताब जीतते देखना कभी भी प्रेशर नहीं बनाता। हम दोनों में से किसी ने भी एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के तौर पर नहीं देखा। मैं उसे देखकर गर्व महसूस करती हूं। जब हम घर पर होते हैं तो एक-दूसरे के खेल से बहुत कुछ सीखते हैं। उसे खिताब जीतते और रिकॉर्ड बनाते देखकर मैं प्रेरित होती हूं। मैं जब भी निराश होती हूं, मुझे उससे प्रेरणा मिलती है।

राधिका शर्मा और तन्वी शर्मा की मां मीना शर्मा चंडीगढ़ में बैडमिंटन अकादमी में कोच हैं। राधिका शर्मा ने सात साल की उम्र से ही अपनी मां के मार्गदर्शन में बैडमिंटन खेलने की शुरुआत की, तब तन्वी शर्मा सिर्फ चार साल की थी। राधिका शर्मा बताती है कि बचपन में जब वह बैडमिंटन प्रैक्टिस के लिए जाने लगती थीं तब तन्वी भी खेलने की जिद किया करती थी।

राधिका शर्मा ने कहा, मुझे याद है जब मैंने खेलना शुरू किया था और अभ्यास के लिए कोर्ट जाती थी तब तन्वी भी रैकेट छीन कर खेलने की जिद किया करती थी। राधिका शर्मा ने भविष्य के लक्ष्य के बारे में बात करते हुए बताया कि वह मिक्स्ड डबल्स में विश्व में शीर्ष पर पहुंचना चाहती हैं। राधिका शर्मा ने कहा, मेरा उद्देश्य मिक्स्ड डबल्स रैंकिंग में दुनिया की शीर्ष जोड़ी बनना है। अन्य अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में खेलने को लेकर राधिका शर्मा ने बताया कि वह इस महीने लागोस इंटरनेशनल क्लासिक में खेलेंगी।

नोट: इस खबर को साक्षी राज ने लिखा है। साक्षी राज जनसत्ता में इंटर्न हैं।

विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप: बंदरों से निपटने का उपाय, लंगूर की आवाज निकालने वालों की ली जाएगी सेवा

बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के लिए भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने मिलकर इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम का व्यापक कायाकल्प किया है। जनवरी में इंडिया ओपन के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई आलोचना हुई थी। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें)