महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि भारत को साउथ अफ्रीका की पारी से सीख लेनी चाहिए। अपना ईगो (अहम/अहंकार) छोड़ना चाहिए और T20 वर्ल्ड कप मैच में अतिआत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरने और हर चीज पर अपना बल्ला फेंकने के बजाय हालात के हिसाब से ढलना चाहिए। साउथ अफ्रीका ने T20 वर्ल्ड कप में भारत की 12 मैच की जीत का सिलसिला तोड़ा और डिफेंडिंग चैंपियन को 76 रन से हराया।
भारत को अफ्रीका जैसी अप्रोच की जरूरत थी
सुनील गावस्कर ने जियोहॉटस्टार (JioHotstar) पर कहा, ‘डेवाल्ड ब्रेविस और डेविड मिलर ने जिस तरह से अपनी साझेदारी बनाई, उसे देखकर लगता है कि भारतीय बल्लेबाजों को इसी अप्रोच की जरूरत थी। भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसा नहीं किया। वे अतिआत्मविश्वास में रहे। हर चीज पर अपना बल्ला फेंका और विकेट गंवाए। साउथ अफ्रीका ने हर एरिया में भारत को मात दी और यह उनके लिए एक अच्छी जीत थी।’
भारतीयों ने बाउंड्री की उम्मीद में विकेट गंवाए
जल्दी विकेट गिरने के बाद डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस ने 97 रन की साझेदारी की और साउथ अफ्रीका को 187/7 तक पहुंचाया। इसके बाद भारत ने खराब बल्लेबाजी की, निरंतर अंतराल पर विकेट गंवाए और 18.5 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई। सुनील गावस्कर ने कहा, ‘भारत ने साउथ अफ्रीका की पारी से कुछ नहीं सीखा। वे बाउंड्री की उम्मीद में हर गेंद पर अपना बल्ला फेंकते रहे। T20 क्रिकेट ऐसे नहीं खेला जाता।’
विपक्षी टीम से सीखना होगा: सुनील गावस्कर
सुनील गावस्कर ने कहा, ‘आपको विपक्षी टीम से सीखना होगा। अगर उन्होंने इस तरह की मुश्किल पिच पर अच्छा स्कोर किया है तो आपको अपना ईगो (अहंकार) छोड़ना होगा, ध्यान से देखना होगा और अनुकूल चीजें करनी होंगी। भारत ने पावरप्ले के अंदर अपने शीर्ष-3 बल्लेबाज इशान किशन (0), अभिषेक शर्मा (15) और तिलक वर्मा के विकेट गंवा दिए थे और स्कोर 26/3 हो गया था।
उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे तिलक वर्मा
सुनील गावस्कर ने कहा, ‘तिलक वर्मा बहुत ही स्मार्ट बल्लेबाज हैं, लेकिन मैं इस गेम में उनकी अप्रोच से निराश था। इशान किशन ने पहले ओवर में ही अपना विकेट गंवा दिया। आवश्यक रन रेट लगभग 9.5 रन प्रति ओवर था, 15 नहीं। …तो तिलक खुद को और समय दे सकते थे। दूसरे छोर पर अभिषेक शर्मा लगातार डक हो चुके थे, इसलिए तिलक पर टिके रहने, साझेदारी बनाने और पहले 6 ओवर तक टिके रहने की जिम्मेदारी थी, लेकिन वह ऐसा करने में असफल रहे।’
पावरप्ले में बिखरी टीम इंडिया
सुनील गावस्कर ने कहा, ‘आपको हमेशा पावरप्ले में 70 रन बनाने की जरूरत नहीं होती। 55-60 रन भी एक अच्छा प्लेटफॉर्म होता है, लेकिन अहमदाबाद में भारतीय बल्लेबाजों के लापरवाह रवैये की वजह से हार मिली। भारत का अगला मैच जिम्बाब्वे से है। उस मैच को लेकर सुनील गावस्कर ने कहा कि वह पिछले दो गेम मिस करने के बाद अक्षर पटेल की प्लेइंग इलेवन में वापसी देखना चाहेंगे। टीम मैनेजमेंट ने वॉशिंगटन सुंदर को चुना है।’
अक्षर पटेल की वापसी की मांग
सुनील गावस्कर ने कहा, ‘मैं जिम्बाब्वे की लाइन-अप में बाएं हाथ के ज्यादा बल्लेबाजों की कमी को ध्यान में रखते हुए अक्षर पटेल की प्लेइंग XI में वापसी पर विचार करूंगा। आप शायद उन्हें अर्शदीप सिंह की जगह ला सकते हैं, लेकिन उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ बहुत अच्छी बॉलिंग की। आप किसी ऐसे खिलाड़ी को नहीं बदलना चाहेंगे जो इतनी अच्छी रिदम में दिख रहा हो, इसलिए शायद कोई बदलाव न हो और उसी टीम के साथ जाएं।’
वाशिंगटन सुंदर का समय खत्म?
अपनी बात जारी रखते हुए सुनील गावस्कर ने कहा, ‘हालांकि, मुझे लगता है कि वाशिंगटन सुंदर को बाहर बैठना पड़ेगा। उनका सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने सिर्फ दो ओवर फेंके और बल्ले से कुछ नहीं किया। नीदरलैंड्स के खिलाफ वाशिंगटन सुंदर ने चार ओवर फेंके, लेकिन कोई विकेट नहीं लिया। मुझे लगता है कि वाशिंगटन सुंदर के लिए समय खत्म हो गया है। अक्षर पटेल निश्चित रूप से उनकी जगह लेंगे।’
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