टी20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने में एक हफ्ते का समय है। इससे पहले भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने कहा है कि 50 ओवर का वनडे वर्ल्ड कप ही असली वर्ल्ड कप है और टी20 वर्ल्ड कप को वैसी हैसियत नहीं होनी चाहिए। मांजरेकर ने टी20 वर्ल्ड कप का नाम तक बदलने का सुझाव दे दिया। उन्होंने कहा कि इसे वर्ल्ड टी20 कहा जाना चाहिए। मांजरेकर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वनडे क्रिकेट धीरे-धीरे अपनी अहमियत खो रहा है। वह टेस्ट और टी20 से बीच फंस गया है।

मांजरेकर ने कहा, ‘मेरे लिए ‘क्रिकेट वर्ल्ड कप’ हमेशा 50 ओवर वाला वर्ल्ड कप ही रहेगा। हर दो साल में होने वाले टी20 वर्जन की वर्ल्ड कप जैसी हैसियत नहीं होनी चाहिए, जो 4 साल में एक बार होता है। मैं इसका नाम बतता हूं – वर्ल्ड टी20।’ इससे पहले पूर्व भारतीय खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन ने भी महीने की शुरुआत में कहा था कि वह 2027 वर्ल्ड कप के बाद वनडे फॉर्मेट के भविष्य को लेकर चिंतित हैं, जो संभवत: विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों का आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है।

अश्विन ने क्या कहा था

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा था, ‘मुझे 2027 वर्ल्ड कप के बाद वनडे के भविष्य पर संकट दिखता है। मैं इसे लेकर थोड़ा चिंतित हू। बेशक, मैं विजय हजारे ट्रॉफी फॉलो कर रहा हूं, लेकिन जिस तरह से मैंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी को फॉलो किया था, उस तरह से इसे फॉलो करना मुझे थोड़ा मुश्किल लग रहा है।’

दर्शक क्या देखना चाहते हैं?

अश्विन ने कहा कि उन्हें लगता है कि टी20 के जमाने में भी टेस्ट क्रिकेट की अपनी जगह बनी रहेगी, लेकिन उन्हें नहीं पता कि फैंस इन दोनों में से किसी की कीमत पर बहुत ज्यादा वनडे क्रिकेट देखना चाहते हैं या नहीं। अश्विन ने कहा, ‘हमें यह भी जानना होगा कि दर्शक क्या देखना चाहते हैं। मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट की अभी भी जगह है, लेकिन वनडे क्रिकेट के लिए मुझे सच में लगता है कि जगह नहीं है।’

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खेल को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए रोहित-विराट की जरूरत

अश्विन ने कहा, ‘देखिए, रोहित और विराट की विजय हजारे ट्रॉफी में वापसी हुई और लोगों ने इसे देखना शुरू कर दिया। हम जानते हैं कि खेल हमेशा किसी व्यक्ति से बड़ा होता है, लेकिन खेल को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए इन खिलाड़ी का होना जरूरी है।’