T20 World Cup: एमएस धोनी और रविचंद्रन अश्विन की जोड़ी फिर मचाएगी धमाल, चैंपियंस ट्रॉफी और IPL का खिताब भी दोनों कर चुके हैं अपने नाम

17 अक्टूबर से यूएई और ओमान में खेले जाने वाले आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप के लिए बुधवार रात भारतीय टीम का ऐलान हो गया है। 15 सदस्यीय टीम में रविचंद्रन अश्विन की चार साल बाद लिमिटेड ओवर टीम में वापसी हुई है। वहीं महेंद्र सिंह धोनी को मेंटोर बनाया गया है। धोनी-अश्विन की जोड़ी एक बार फिर नजर आने वाली है।

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टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में रविचंद्रन अश्विन को चुना गया है, वहीं एमएस धोनी को मेंटोर की जिम्मेदारी दी गई है (Source: Indian Express)

भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा समय में सर्वश्रेष्ठ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की अब टेस्ट के बाद टी-20 टीम में भी वापसी हो गई है। खास बात ये है कि ये वापसी हुई टी-20 वर्ल्ड कप की टीम में। अश्विन ने इससे पहले आखिरी बार 2017 में भारत के लिए वनडे और टी-20 मुकाबला खेला था। यानी चार साल बाद भारत के लिए 615 इंटरनेशल विकेट लेने वाले खिलाड़ी को फैंस नीली जर्सी में देखेंगे।

आपको बता दें बुधवार रात भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की तरफ से टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारत की 15 सदस्यीय टीम का ऐलान किया गया है। इस टीम में सबसे खुशी देने वाले जो दो चयन हुए हैं उनमें से एक है रविचंद्रन अश्विन की वापसी और दूसरा महेंद्र सिंह धोनी को टीम का मेंटोर बनाना।

यानी की 2010 व 2011 आईपीएल और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी में कमाल मचाने वाली धोनी-अश्विन की जोड़ी एक बार फिर आईसीसी इवेंट में साथ नजर आएगी। बस फर्क इतना होगा कि धोनी डगआउट में होंगे और अश्विन मैदान पर । लेकिन दोनों की जोड़ी को लंबे समय बाद एकसाथ मैदान पर देखना काफी दिलचस्प होगा।

अश्विन के करियर पर एक नजर

जहां टेस्ट क्रिकेट में अश्विन इस वक्त भारत के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं वहीं वनडे और टी-20 में उन्हें उतने मौके नहीं मिले। अश्विन ने भारत के लिए 79 टेस्ट मैच खेलते हुए 413 विकेट हासिल किए हैं। वहीं वनडे में उन्होंने 111 मुकाबले खेलते हुए 150 लिए हैं और 46 टी-20 में उनके नाम 52 विकेट दर्ज हैं। यानी उन्होंने भारत के लिए अब तक 615 इंटरनेशल विकेट लिए हैं।

अश्विन और धोनी की जोड़ी कितनी असरदार

गौरतलब है कि 2010 और 2011 में अश्विन के करियर की शुरुआत हुई थी और उस वक्त वे चेन्नई सुपरकिंग्स के स्टार गेंदबाज बन चुके थे। इन दोनों साल में धोनी के कप्तानी में येलो आर्मी ने आईपीएल खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद बात करते हैं 2013 चैंपियंस ट्रॉफी की जो इंग्लैंड में खेली गई थी।

इस समय हरभजन सिंह का पत्ता लगभग-लगभग लिमिटेड ओवर की टीम से कट चुका था और स्पिन गेंदबाजी की कमान थी अश्विन और सीएसके एक और धाकड़ खिलाड़ी रवींद्र जडेजा के हाथों में। दोनों की फिरकी ने भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी और उनका नेतृत्व किया था कप्तान एमएस धोनी ने।

संयोग देखिए 8 साल बाद फिर से जडेजा-अश्विन की जोड़ी और धोनी की तिगड़ी आगामी टी-20 वर्ल्ड कप में देखने को मिलेगी। धोनी की मेंटोरशिप में भारत के टी-20 वर्ल्ड कप अभियान को देखना काफी दिलचस्प होने वाला है। फिर अश्विन की वापसी भी हो चुकी है ऐसे में एक बार फिर धोनी और अश्विन की जोड़ी साथ-साथ भारत के लिए धमाल मचाती हुई नजर आएगी

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