वेंकट कृष्णा बी। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-जिम्बाब्वे मैच में गुरुवार (25 फरवरी) को ओस से निपटने के लिए अमेरिका से खरीदा गया एक नया केमिकल ‘ड्यू क्योर’ इस्तेमाल किया जाएगा। चेन्नई में हफ्ते भर में तापमान बढ़ा है। इससे ओस पड़ने की संभावना है। सेमीफाइनल की लिहाज से भारत के लिए यह मैच काफी महत्वपूर्ण है।
टी20 वर्ल्ड कप से पहले चेपक की आउटफील्ड को फिर से तैयार किया गया था तो तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (TNCA) ने यह केमिकल अमेरिका से मंगाया था। इसका इस्तेमाल मेजर लीग बेसबॉल के स्टेडियम में बड़े पैमाने पर होता है। भारत-जिम्बाब्वे मैच के लिए मैदान को तैयार करने के लिए ग्राउंडस्टाफ ने मंगलवार (24 फरवरी) और बुधवार (25 फरवरी) दोपहर को आउटफील्ड पर पानी में मिलाकर ‘ड्यू क्योर’ स्प्रे किया।
ड्यू क्योर का इस्तेमाल मैच से पहले हो सकता है
स्प्रे को गुरुवार (26 फरवरी) को दोपहर में भी स्प्रे किया जा सकता है ताकि मैच शुरू होने तक इसका पूरा असर हो। सत्रों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया,’ड्यू क्योर का स्प्रे से घास की पत्तियों पर नमी न रहती। गीला होते ही सूख जाएगा और घास की पत्ती सूख जाएंगी।’ भारतीय टीम ने बुधवार को लंबा ट्रेनिंग सेशन की। टीम यह देखने के लिए रुकी थी कि ओस कोई भूमिका निभा सकती है या नहीं। पता चला है कि टीम हालात से खुश थी और उन्हें इसकी चिंता नहीं है।
सेमीफाइनल और फाइनल में ‘ड्यू क्योर’ का इस्तेमाल
जानकारी के अनुसार टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल और फाइनल में ‘ड्यू क्योर’ का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, जब अगले महीने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 शुरू होगी, तो बीसीसीआई इसे सभी मैदानों पर जरूरी बनाने पर विचार कर रहा है क्योंकि मैचों का नतीजा तय करने में ओस की बड़ी भूमिका रही है।
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