भारत के खिलाफ मैच से पहले नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने बुधवार (11 फरवरी) को भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच से एक दिन पहले टीम को अरुण जेटली स्टेडियम में रात में अभ्यास सत्र नहीं मिलने से नाराजगी जाहिर की। अरुण जेटली स्टेडियम में ही नीदरलैंड्स से हारने के बाद कोच क्रेग विलियम्स की चिंताओं को दोहराते हुए इरास्मस ने कहा कि सूर्यकुमार यादव की मजबूत भारतीय टीम के खिलाफ खेलने से उनकी टीम को हर तरह की मदद की जरूरत थी। नामीबिया के पास घरेलू सरजमीं पर लाइट्स में खेलने का इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है। ऐसे में उसके कई खिलाड़ियों को डे-नाइट मैच खेलने का बहुत कम या कोई अनुभव नहीं है।

ज्यादातर खिलाड़ी लाइट्स में खेलने के आदी नहीं

इरास्मस ने कहा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘नामीबिया में हमें कोई नाइट मैच या डे-नाइट मैच नहीं मिला। इंफ्रास्ट्रक्चर के हिसाब से शायद यही हमारे लिए बड़ी चुनौती है। नेपाल प्रीमियर लीग या आईएलटी20 या पहले वर्ल्ड कप में खेलने वाले खिलाड़ियों को छोड़कर ज्यादातर खिलाड़ी लाइट्स में खेलने के आदी नहीं हैं।’

रात में ट्रेनिंग नहीं मिली

इरास्मस ने कहा, ‘इस मैच से पहले हमें रात की ट्रेनिंग नहीं मिली है। भारत को दो बार ट्रेनिंग मिली और आज कनाडा को (शुक्रवार को यूएई के खिलाफ मैच से पहले) भी ट्रेनिंग मिली है। आप इसे जो चाहें समझ लें। हम नामीबिया के तरीके लड़ेंगे।’

नामीबिया के खिलाड़ियों के करियर का सबसे बड़ा मैच

इरास्मस अभी भी भारत जैसी बेहतरीन टीम का उसकी धरती पर वर्ल्ड कप में सामना करने की उम्मीद से बहुत खुश हैं। वह इस बात से सहमत थे कि टीम के कई खिलाड़ियों के करियर का सबसे बड़ा मैच होगा। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह एक बड़ा पल है। हम खिलाड़ियों से अनजान नहीं हैं। हम उन्हें टीवी पर बहुत देखते हैं। आईपीएल और इंटरनेशनल क्रिकेट में। आपको पता होता है कि आपका सामना किससे होने वाला है, लेकिन मुझे लगता है कि एक्सपोजर के मामले में और इवेंट के हिसाब से युवा खिलाड़ियों के लिए 40,000 शोर मचाने वाले फैंस के सामने लाइट्स में खेलना बहुत अच्छा अनुभव होने वाला है। यह बहुत कूल होने वाला है।’

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