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‘विवाद के चलते दूसरे देशों की टी-20 लीग में जा सकते हैं आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी’

आस्ट्रेलिया क्रिकेटर्स एसोसिएशन (एसीए) ने क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) को चेतवानी देते हुए कहा है मौजूदा विवाद के चलते उसने ऐसा माहौल बना दिया है कि उसके खिलाड़ी दूसरे देशों में होने वाली टी-20 टूर्नामेंट में हिस्सा ले सकते हैं।

Author सिडनी | May 23, 2017 6:11 PM
David Warner (BCCI)

आस्ट्रेलिया क्रिकेटर्स एसोसिएशन (एसीए) ने क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) को चेतवानी देते हुए कहा है मौजूदा विवाद के चलते उसने ऐसा माहौल बना दिया है कि उसके खिलाड़ी दूसरे देशों में होने वाली टी-20 टूर्नामेंट में हिस्सा ले सकते हैं। वेबसाइट क्रिकइंफो के मुताबिक, खिलाड़ियों और सीए के बीच मौजूदा अनुबंध 30 जून को समाप्त हो रहा है। साथ ही नए अनुबंध को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा है।

खिलाड़ी इस बात पर अडिग हैं कि मौजूदा अनुबंध को बरकरार रखा जाए जिसमें उन्हें सीए की आय का एक तय हिस्सा मिलता है। वहीं बोर्ड इस अनुबंध को बदलने के मूड में है। कुछ दिनों पहले डेविड वार्नर ने कहा था कि अगर सीए अपने रूख में बदलाव नहीं करता है तो आने वाले ग्रीष्मकालीन सत्र में वह बिना टीम के होगा। आस्ट्रेलिया को इसी साल के अंत में इंग्लैंड के साथ एशेज श्रृंखला भी खेलनी है।

आस्ट्रेलियाई मीडिया में ऐसी खबरें हैं कि अगर आने वाले सत्र में विवाद जारी रहता है तो इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका आने वाली अपनी टी-20 लीग के लिए आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को शामिल करने के लिए जोर लग सकते हैं। इस पर एसीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेस्टर निकोलसन ने कहा है कि इस तरह की खबरें आश्चर्य की बात नहीं है।

निकोलसन ने कहा, “आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को धमकाना अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बोर्ड की कमी को उजागर करता है। समय बदल चुका है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट जगत की वित्तीय सच्चाई यह है कि हमारे खिलाड़ियों की मांग पूरे विश्व में है।”

उन्होंने कहा, “सीए उन्हें बेरोजगार करके अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट जगत को उन्हें आमंत्रित करने का मौका दे रहा है। यह बड़ी गलती है। आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी चाहे वह महिला हों या पुरुष, हर कोई आस्ट्रेलिया के लिए खेलना चाहता है। लेकिन जब आप उन्हें धमकाते हैं तो आप उन्हें नए क्रिकेट जगत में जाने के लिए मजबूर करते हैं।”

उन्होंने कहा, “देश के शीर्ष खिलाड़ी घरेलू खिलाड़ियों, महिला खिलाड़ियों और जमीनी स्तर के खिलाड़ियों के लिए लड़ रहे हैं। वह कुछ अलग नहीं मांग रहे। जो है उसे ही बनाए रखने की मांग कर रहे हैं। खिलाड़ी अपने लिए 22.5 प्रतिशत आय का हिस्सा मांग रहे हैं और इतना ही जमीनी स्तर के खिलाड़ियों के लिए मांग रहे हैं। सीए के पास इसके बाद भी 55 प्रतिशत हिस्सा रहेगा।”

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