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सचिन तेंदुलकर से मिलने के बाद बदला था सुरेश रैना का करियर, बांह पर लिखे टैटू की भी है रोमांचक कहानी

Suresh Raina Sachin Tendulkar: सुरेश रैना के करियर में एक समय ऐसा भी आया, जब उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा था। चीजें सही नहीं हो रही थीं। टीम में उनकी जगह पक्की नहीं हो पा रही थी। इसके बाद उन्होंने सचिन तेंदुलकर से मुलाकात की थी।

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सुरेश रैना और सचिन तेंदुलकर। जन्मदिन पर सुरेश रैना को केक खिलाने वाली यह तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी। (सोर्स- ट्विटर)

मिस्टर आईपीएल के नाम से फेमस सुरेश रैना क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट्स में शतक लगाने वाले पहले भारतीय हैं। हालांकि, उनके करियर में एक समय ऐसा भी आया, जब उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा था। चीजें सही नहीं हो रही थीं। इसके बाद उन्होंने सचिन तेंदुलकर से मुलाकात की थी। इसके लिए वह विशेष रूप से मुंबई गए थे। सचिन की सलाह के बाद उनके करियर का ग्राफ फिर से ऊपर चढ़ गया था।

सुरेश रैना ने यह बात ओकट्री स्पोर्ट्स (Oaktree Sports) के यूट्यूब चैनल (YouTube Channel) पर शेयर की थी। सुरेश रैना ने अपनी आत्मकथा Believe के शीर्षक में सचिन तेंदुलकर की भूमिका, 2011 की विश्व कप जीत, एमएस धोनी के साथ उनके संबंधों और गुजरात लायंस के कप्तान के रूप में अपने समय के बारे में भी बात की थी।

शो के दौरान सुरेश रैना से एंकर गौरव कपूर ने पूछा, ‘ये जो किताब का टाइटल है ‘Believe’ इसकी भी खास कहानी है। यह तो एक तरह से ‘भगवान’ से मिला प्रसाद है। मैं चाहता हूं कि आप इसे बताएं।’ सुरेश रैना ने कहा, ‘बिल्कुल। ‘भगवान’ से वह 6-7 बूंदी मिली हैं प्रसाद की। मैंने अपनी बांह में इसका टैटू भी गुदवा रखा है।’

रैना ने बताया, ‘हम 2013-14 में हम इंग्लैंड गए थे। उससे पहले मैंने सचिन पाजी से रिक्वेस्ट की कि मैं बॉम्बे आ जाऊं। उस समय बरसात का मौसम था। मुंबई में बहुत बारिश हो रही थी। तो उन्होंने कहा कि अरे आजा सुरेश। हम प्रैक्टिस सेशन भी रखेंगे। मैं वहां पहुंचा। मैंने उनकी कंपनी बहुत इन्जॉय की। उन्होंने बहुत अच्छे से ऑर्गनाइज किया था।’

रैना ने बताया, ‘उन्होंने (सचिन पाजी) मुझसे यही बोला कि खुद पर विश्वास (Believe) बनाए रखो। उस समय मैं टीम में अंदर-बाहर हो रहा था। मुझे इंग्लैंड में खुद को प्रूव करना था। मुझे लगता था कि कहीं न कहीं पाजी से थोड़ा बात करेंगे। मैं उनके साथ डेढ़ या दो हफ्ते रहा। तो वहीं उन्होंने मुझसे कहा कि तुम कर सकते हो।’

सुरेश रैना ने बताया, ‘तभी मैंने टैटू गुदवाने की सोची। टैटू गोदने वाले कहा कि आप ऐसा कोई शब्द गुदवाएं जिसका कोई अर्थ होता है। मेरे जेहन में उस समय सचिन पाजी की बातें चल रही थीं। सोच रहा था कि अभी जाना है इंग्लैंड कैसे होगा। तो जब यह बिलीव वर्ड आया तो मैंने कहा कि इसे ही लिख दो मेरी बांह पर। तो इसलिए मैंने बिलीव का टैटू गुदवाया।’

रैना ने बताया, ‘इसी कारण बुक का नाम भी मैंने बिलीव ही सोचा। सचिन पाजी से मिलने के बाद मैंने इंग्लैंड में पहले मैच में ही शतक लगाया। मैं मैन ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया। तब पाजी ने मुझे मैसेज किया। उन्होंने लिखा था कि यह आप हैं। आपने खुद पर विश्वास किया। आपको विश्वास था कि आप कर सकते हैं। मैं बहुत खुश हूं।’ रैना ने कहा, ‘Believe बहुत छोटा सा शब्द है, लेकिन इसके मायने बहुत ज्यादा हैं। इसने पूरा चेंज कर दिया।’

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