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सुप्रीम कोर्ट: BCCI अध्यक्ष का चुनाव जनवरी के अंत तक स्थगित हो

आइपीएल प्रकरण से जूझ रहे सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआइ) के अध्यक्ष पद का चुनाव जनवरी के अंत तक स्थगित कर दिया है। इस बीच, बोर्ड ने मुद्गल समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रस्तावित दंड के लिए उच्चाधिकार समिति गठित करने के अदालती प्रस्ताव का विरोध किया है। इससे पहले बोर्ड […]

Author December 11, 2014 11:50 AM
हमारी दिलचस्पी विदेशी बैंकों में गैरकानूनी तरीके से खाता रखने वालों के नामों के खुलासे की बजाए विदेश से काला धन देश में वापस लाने में है: सुप्रीम कोर्ट

आइपीएल प्रकरण से जूझ रहे सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआइ) के अध्यक्ष पद का चुनाव जनवरी के अंत तक स्थगित कर दिया है। इस बीच, बोर्ड ने मुद्गल समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रस्तावित दंड के लिए उच्चाधिकार समिति गठित करने के अदालती प्रस्ताव का विरोध किया है। इससे पहले बोर्ड के निर्वासित अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने बीसीसीआइ के चुनाव की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वे आइपीएल के सभी मामलों से दूर रहेंगे।

बुधवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति तीरथ सिंह ठाकुर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने यह भी सवाल किया कि क्या गुरुनाथ मय्यपन और राज कुंद्रा के खिलाफ कार्रवाई से चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रायल्स की टीमें रद्द नहीं हो जानी चाहिए। न्यायाधीशों ने दिन भर की सुनवाई के अंत में कहा, हम अब भी सुनवाई की प्रक्रिया में है जिसे पूरा होने में कुछ वक्त लगेगा। इसके साथ ही न्यायालय ने बीसीसीआइ के पदाधिकारियों के चुनाव के लिए 17 दिसंबर को बोर्ड की वार्षिक आम सभा की बैठक 31 जनवरी, 2015 तक के लिए स्थगित करने का निर्देश दिया।

न्यायालय ने कहा कि आइपीएल-6 में सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग के मामले में बीसीसीआइ के निर्वासित अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के हितों के टकराव सहित कई मुद्दों का फैसला करने में वक्त लगेगा। श्रीनिवासन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि चूंकि इस मामले की सुनवाई 17 दिसंबर तक पूरी होने की उम्मीद नहीं हैं, इसलिए बोर्ड के पदाधिकारियों का चुनाव स्थगित करना होगा। न्यायालय ने इस पर सहमति व्यक्त करते हुए चुनाव स्थगित करने का निर्देश दिया।

बीसीसीआइ के वकील ने कहा कि चुनाव कराने के लिए बोर्ड को तीन सप्ताह का नोटिस देना होता है। अभी तक वार्षिक आम सभा की बैठक तीन बार स्थगित हो चुकी है। पहले यह बैठक 26 सितंबर से 20 नवंबर और फिर 17 दिसंबर के लिए स्थगित की गई थी।

इससे पहले एन श्रीनिवासन ने बोर्ड के चुनाव की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि वे आइपीएल के सभी मामलों से दूर रहेंगे। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि उनका मुवक्किल यह आश्वासन देता है कि वह प्रस्तावित उच्चाधिकार प्राप्त समिति से क्लीन चिट मिलने तक आइपीएल के सारे मामलों से खुद को अलग रखेगा।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी की घटनाओं के कारण क्रिकेट की हो रही फजीहत पर भी चिंता व्यक्त की। न्यायाधीशों ने कहा, अगर इस खेल में जनता के भरोसे को बरकरार नहीं रखा गया तो क्रिकेट का खेल चरमरा जाएगा।

 

 

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