भारतीय क्रिकेट के लिए रविवार 28 जून 2026 का दिन निराशा से भरा रहा। पुरुष टीम को आयरलैंड के खिलाफ मिली हार और महिला टीम का ऑस्ट्रेलिया के हाथों आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होना, दोनों घटनाओं ने भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को निराश किया।
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने इस दोहरी निराशा पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसा रविवार भारतीय क्रिकेट प्रेमी दोबारा नहीं देखना चाहेंगे। उन्होंने महिला टीम की हार के पीछे खराब फील्डिंग, फिटनेस से जुड़े सवालों और मैदान पर रणनीतिक कमियों को बड़ी वजह बताया।
महिला टीम की हार पर सुनील गावस्कर ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार चौंकाने वाली नहीं थी, लेकिन इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबला भारत के लिए बेहद अहम था। उस मैच में खराब फील्डिंग ने टीम को नुकसान पहुंचाया और भारत मजबूत स्थिति से मैच गंवा बैठा।
सुनील गावस्कर ने महिला टीम के चयन और फिटनेस को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी पूरी तरह फिट नहीं है, लेकिन टीम के लिए मैच जिताने वाला प्रदर्शन करने की क्षमता रखता है तो उसे खिलाना समझ में आता है, लेकिन ऐसी स्थिति में रिजर्व खिलाड़ियों की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं।
सुनील गावस्कर ने कहा कि मैदान पर कुछ खिलाड़ियों को अंगुलियों पर पट्टी बांधे हुए देखना यह संकेत देता है कि वे शायद पूरी तरह फिट नहीं थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल एक धारणा हो सकती है और उम्मीद है कि वास्तविक स्थिति इससे अलग हो।
सुनील गावस्कर ने टीम की रणनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ बल्लेबाजों द्वारा एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से रन बनाने की कोशिशों के बावजूद फील्ड प्लेसमेंट में बदलाव नहीं किया गया। उनके मुताबिक, बल्लेबाजों को जोखिम भरे शॉट खेलने के लिए मजबूर करने की रणनीति अपनाई जा सकती थी।
इस बीच, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला टीम की घोषणा कर दी है। टीम की कमान हरमनप्रीत कौर को सौंपी गई है, जबकि स्मृति मंधाना उपकप्तान होंगी। टीम में शैफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, जी कमलिनी, रेणुका ठाकुर और राधा यादव जैसे खिलाड़ियों को शामिल किया गया है।
वहीं, पुरुष टीम के प्रदर्शन पर सुनील गावस्कर ने कहा कि आयरलैंड के खिलाफ हारना भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे निराशाजनक पलों में से एक है। उनके मुताबिक हार-जीत खेल का हिस्सा है, लेकिन जब हार किसी ऐसी टीम के खिलाफ आती है, जहां भारत से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होती है तो निराशा ज्यादा बढ़ जाती है।
सुनील गावस्कर ने कहा कि अगर आयरलैंड ने असाधारण क्रिकेट खेलकर जीत हासिल की होती तो हार का दर्द थोड़ा कम होता, लेकिन भारत की हार के पीछे ओवरकॉन्फिडेंस और मैदान पर नजर आई लापरवाही बड़ी वजह रही।
सुनील गावस्कर ने इसे 1983 विश्व कप फाइनल में वेस्टइंडीज की हार से जोड़ते हुए कहा कि उस मुकाबले में भी मजबूत टीम के बल्लेबाजों में आत्मविश्वास के साथ एक तरह की सहजता दिखाई दी थी, जिसका फायदा भारत ने उठाया था।
पूर्व भारतीय दिग्गज ने कहा कि क्रिकेट में परिस्थितियों के हिसाब से खेलना बेहद जरूरी है, लेकिन आयरलैंड के खिलाफ भारतीय बल्लेबाज अपनी छवि के मुताबिक आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश करते रहे। उछाल और कैरी वाली पिचों पर यह रणनीति भारी पड़ी और आयरलैंड के गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों को आसानी से आउट किया।
सुनील गावस्कर ने अंत में कहा कि हर हार सीखने का मौका देती है। भारतीय पुरुष और महिला टीम अगर इन गलतियों से सीख लेती हैं, तो आने वाले समय में फैंस को ऐसे निराशाजनक दिन दोबारा देखने को नहीं मिलेंगे।
टेस्ट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले टॉप 10 बल्लेबाज, बेन स्टोक्स संन्यास के बाद भी नंबर 1
टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में बेन स्टोक्स नंबर 1 पर काबिज हैं। जबकि टॉप 10 की लिस्ट में तीन भारतीय खिलाड़ी मौजूद हैं। रोहित शर्मा इस लिस्ट में 10वें स्थान पर हैं। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें)
