2025 चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान एक पाकिस्तानी क्रिकेट शो के गेस्ट पैनल में शामिल होने के कुछ ही महीनों बाद दिग्गज भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर पर पाखंड के आरोप लगने लगे हैं। यह आलोचना तब शुरू हुई जब इस अनुभवी भारतीय बल्लेबाज ने ‘द हंड्रेड 2026’ की नीलामी में भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइज़ियों द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन किए जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
दुबई में 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान सुनील गावस्कर पाकिस्तान के एक क्रिकेट शो ‘द ड्रेसिंग रूम’ में मेहमान के तौर पर शामिल हुए। शो के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व कप्तानों वसीम अकरम और वकार यूनिस के साथ मंच साझा किया। सुनील गावस्कर ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, ‘मैंने दुबई में जिस शो में हिस्सा लिया, उसके लिए न तो मैंने कोई पैसे माँगे और न ही मुझे कोई भुगतान मिला।’ ‘मुंबई मिरर’ ने सुनील गावस्कर के हवाले से यह बात कही।
मैं किसी कमेंटेटर को भुगतान नहीं करता: सुनील गावस्कर
सुनील गावस्कर ने आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा, ‘हां, मैं ICC और ACC के कमेंट्री पैनल का हिस्सा रहा हूं। इससे होने वाली कमाई ICC और ACC की तरफ से सभी हिस्सा लेने वाले देशों को जाती थी, लेकिन जहां तक तक मुझे पता है, किसी भारतीय संस्था की तरफ से नहीं। मुझे यह समझ नहीं आता कि आप यह कैसे कह सकते हैं कि मैं इसमें योगदान दे रहा हूं, क्योंकि मैं किसी भी कमेंटेटर को चाहे वह भारतीय हो या किसी अन्य देश का कोई भुगतान नहीं कर रहा हूं।’
भारतीय मालिक पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पैसे देना बंद करें: सुनील गावस्कर
पाकिस्तान के खिलाड़ी कैरेबियन प्रीमियर लीग (CPL) और मेजर लीग क्रिकेट (MLC) जैसी दूसरी लीग्स में भी खेलते हैं। उन लीगों में कई भारतीय मालिकों वाली फ्रेंचाइजी की टीमों में पाकिस्तान के खिलाड़ी शामिल होते हैं। सुनील गावस्कर ने यह भी सुझाव दिया कि उन टीमों को भी पाकिस्तान के खिलाड़ियों को अपनी टीम से निकाल देना चाहिए।
सुनील गावस्कर ने कहा, ‘मैं CPL, ILT20 या SA20 को फॉलो नहीं करता, इसलिए मुझे नहीं पता कि कौन किसके लिए खेल रहा है। हां, अगर मालिक भारतीय हैं और वे पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पैसे दे रहे हैं तो उम्मीद है कि वे ऐसा करना बंद कर देंगे। मुझे दूसरे खेलों के बारे में नहीं पता कि वे क्या कर रहे हैं। मैं तो बस यही दुआ कर रहा हूं कि भारतीय लोग पाकिस्तानियों को पैसे देना बंद कर दें। अगर आपने गौर किया हो तो दशकों से इसका उल्टा कभी नहीं हुआ है या शायद कभी हुआ ही नहीं।’
पाकिस्तान के अबरार अहमद को खरीदने पर मचा था बवाल
इससे पहले मिड-डे में लिखे अपने एक कॉलम में सुनील गावस्कर ने सनराइजर्स लीड्स फ्रेंचाइजी के उस फैसले पर अपनी राय दी थी, टीम ने पिछले हफ्ते नीलामी में पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को एक लाख 90 हजार पौंड (करीब 2 करोड़ 40 लाख भारतीय रुपये) में खरीदा था। सनराइजर्स का मालिकाना हक चेन्नई स्थित सन टीवी नेटवर्क के पास है। सन टीवी नेटवर्क IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) में सनराइजर्स हैदराबाद का भी मालिक है।
सुनील गावस्कर ने कहा था, ‘द हंड्रेड में एक फ्रेंचाइजी के भारतीय मालिक के एक पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदे जाने पर जो हंगामा मचा है, उसमें जरा भी हैरानी की बात नहीं है। नवंबर 2008 में मुंबई हमलों के बाद से ही भारतीय फ्रेंचाइजी मालिकों ने IPL के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है।’
पाकिस्तानी खिलाड़ियों को दी फीस से हथियार खरीदे जाते हैं: सुनील गावस्कर
सुनील गावस्कर ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेटरों को दी जाने वाली फीस उनके देश में सैन्य ऑपरेशंस में मदद कर सकती है। सुनील गावस्कर ने लिखा, ‘भले ही यह अहसास देर से हुआ हो, लेकिन यह बात समझ में आ गई है कि पाकिस्तानी खिलाड़ी को दी जाने वाली फीस, जिस पर वह अपनी सरकार को इनकम टैक्स देता है और सरकार उससे हथियार खरीदती है, वह परोक्ष रूप से भारतीय सैनिकों और नागरिकों की मौत का कारण बनती है।’
सुनील गावस्कर ने कहा, ‘इसी वजह से भारतीय संस्थाएं अब पाकिस्तानी कलाकारों और खिलाड़ियों को अपने साथ लेने के बारे में सोचने से भी कतरा रही हैं। चाहे पेमेंट करने वाली संस्था भारतीय हो या उसी संस्था की कोई विदेशी सहायक कंपनी, अगर उसका मालिक भारतीय है तो वह भारतीय लोगों की जान जाने में अपना योगदान दे रहा है। बात बस इतनी सी है।’
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