लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर ने द हंड्रेड की नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद की टीम सनराइजर्स लीड्स द्वारा पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने पर हुए हंगामे को अश्चर्यजनक नहीं बताया था। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल भारत में हमले के लिए होता है।
गावस्कर का यह बयान पाकिस्तान में जन्में इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी अजीम शफीक को रास नहीं आई है। उन्होंने दिग्गज भारतीय खिलाड़ी को लेकर सवाल किया कि क्या किसी भारत-पाकिस्तान मैच में गावस्कर ने कमेंट्री का बहिष्कार किया है? अजीम शफीक ने एक्स पर कहा, ‘यह बिल्कुल बकवास है और इसकी निंदा होनी चाहिए। यह टिप्पणी कैसे ठीक हैं? मुझे फर्क नहीं पड़ता कि आपने कितने रन बनाए हैं। गावस्कर की घटिया बातें। क्या गावस्कर ने किसी भी मैच में कमेंट्री का बॉयकॉट किया है? नहीं…।’
क्या कहा था गावस्कर ने
गावस्कर ने मिड-डे के कॉलम में कहा, ‘द हंड्रेड में भारतीय मालिक वाली फ्रैंचाइजी के पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने पर हंगामा होना कोई हैरानी की बात नहीं है। नवंबर 2008 में मुंबई हमलों के बाद से भारतीय फ्रैंचाइजियों मालिकों ने आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया है। देर से ही सही लेकिन यह एहसास हुआ है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को दी जाने वाली फीस से उनकी सरकार को इनकम टैक्स मिलता है, जो हथियार खरीदती है।’
भारतीय लोगों के हताहत होने में हिस्सेदारी
गावस्कर ने कहा, ‘अप्रत्यक्ष तौर पर यह भारतीय सैनिकों और आम लोगों की मौत का कारण बनती है। इसी वजह से भारतीय कंपनियां पाकिस्तानी कलाकारों और खिलाड़ियों पर विचार करने से भी बच रही हैं। चाहे वह कोई भारतीय कंपनी हो या भुगतान करने वाली कंपनी की कोई विदेशी सहायक कंपनी हो। अगर मालिक भारतीय है तो उसकी भारतीय लोगों के हताहत होने में हिस्सेदारी है। यह सीधी बात है।’ पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
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