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…तो इस वजह से अनिल कुंबले कहलाए जाने लगे ‘जंबो’

लेग स्पिनर अनिल कुंबले दो दशकों से ज्यादा वक्त तक भारतीय गेंदबाजी की रीढ़ बने रहे। कुंबले ने कुल 403 मैच खेलकर 30.09 के औसत से 956 विकेट लिए।

मैच के दौरान गेंदबाजी करते भारत के पूर्व गेंदबाज अनिल कुंबले।

बेंगलुरु में कृष्णा स्वामी और सरोजा के घर 17 अक्टूबर 1970 को जन्मे अनिल कुंबले भारतीय टीम को महान गेंदबाज रहे हैं। इन्हें जंबो के उपनाम से भी बुलाया जाता है, जिसके पीछे का किस्सा भी बेहद रोचक है। हुआ यूं कि ईरानी ट्रॉफी में दिल्ली के कोटला मैदान पर रेस्ट ऑफ इंडिया की ओर से खेल रहे सिद्धू मिड ऑन में फील्डिंग कर रहे थे। इसी बीच बीच अनिल कुंबले की गेंदों में उछाल आने लगा। इसपर सिद्धू ने उन्हें ‘जंबो जेट’ कह दिया। हालांकि इस उपनाम में से जेट शब्द तो हट गया लेकिन जंबो जुड़ा रहा। तब से कुंबले के साथी उन्हें जंबो कहने लगे और आगे चलकर यही नाम फेमस हो गया।

ये तो रही उपनाम की बात मगर क्या आप ये जानते हैं कि अनिल कुंबले के नाम बेंगलुरु में एक सड़क का नाम भी रखा गया है। ये उनका ही अपना शहर है, जिसके चौराहे का नाम ‘अनिल कुंबले सर्कल’ रखा गया है।

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लेग स्पिनर अनिल कुंबले दो दशकों से ज्यादा वक्त तक भारतीय गेंदबाजी की रीढ़ बने रहे। कुंबले ने कुल 403 मैच खेलकर 30.09 के औसत से 956 विकेट लिए। एक पारी में कुंबले का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 74 रन देकर 10 विकेट रहा। एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट उन्होंने 37 बार लिए। वहीं टेस्ट मैच में आठ बार वो 10 या उससे अधिक विकेट लेने में कामयाब रहे।

बता दें कि कुंबले ने 20 जून 2017 को टीम के मुख्य कोच पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखा कि उन्हें एक दिन पहले बीसीसीआई से पता चला की कोहली को उनके काम करने के तरीके से दिक्कत है, इसलिए वह उन्हें कोच के तौर पर टीम में नहीं देखना चाहते। क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने मुझ पर भरोसा जताते हुए कोच पद पर बने रहने को कहा, इस सम्मान से मैं खुश हूं। पिछले एक साल में जो सफलता हमने हासिल की उसका श्रेय कप्तान, पूरी टीम, कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ को जाता है।”

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