खेल मंत्रालय ने बुधवार 12 अगस्त 2026 को टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) की मान्यता निलंबित कर दी। इसके अलावा खेल मंत्रालय ने इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) से कहा कि वह टेबल टेनिस खेल के कामकाज को संभालने के लिए एक तदर्थ समिति (एड-हॉक कमेटी) बनाए। खेल मंत्रालय ने टीटीएफआई (TTFI) में कामकाज से जुड़ी कमियों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है।

खेल मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि पहले जारी किए गए ‘कारण बताओ नोटिस’ का ‘संतोषजनक जवाब’ नहीं मिलने और समय पर चुनाव न कराने की वजह से भारतीय टेबल टेनिस महासंघ की मान्यता निलंबित की गई है।

खेल मंत्रालय के आदेश में यह भी कहा गया, ‘‘आईओए (IOA), इंटरनेशनल टेबल टेनिस फेडरेशन (ITTF) से सलाह-मशविरा करके एक आंतरिक नियामक प्रणाली बनाने के लिए उचित कदम उठाएगा। इन कदमों में एक तदर्थ समिति का गठन किया जाना भी शामिल है, ताकि TTFI में सही तरीके से कामकाज का ढांचा फिर से बहाल हो सके।’’

वर्तमान में भारतीय टेबल टेनिस महासंघ की अध्यक्ष मेघना अहलावत हैं। वह फेडरेशन की पहली महिला अध्यक्ष हैं। मेघना अहलावत हरियाणा में ऊंचा कला विधानसभा से विधायक और जननायक जनता पार्टी के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला की पत्नी हैं। दुष्यंत चौटाला हरियाणा के उप मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। वह टीटीएफआई के पूर्व अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला के पुत्र हैं। मेघना अहलावत नवंबर 2022 से टीटीएफआई की अध्यक्ष हैं।

टीटीएफआई पिछले कुछ महीनों से उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। जनवरी में इसने अपने महासचिव और पूर्व खिलाड़ी कमलेश मेहता को वित्तीय गड़बड़ी के आरोप में निलंबित कर दिया था। कमलेश मेहता यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट ले गए। दिल्ली हाई कोर्ट ने उनका निलंबन रद्द कर दिया।

कमलेश मेहता के निलंबन की वजह TTFI में सत्ता को लेकर अंदरूनी खींचतान को माना गया, लेकिन संस्था ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह फैसला सिर्फ पारदर्शिता, सामूहिक फैसला लेने की प्रक्रिया और भारतीय टेबल टेनिस के लंबे समय के हितों की रक्षा के लिए लिया गया था।

कुछ महीनों बाद टीटीएफआई तब चर्चा में आई जब स्टार खिलाड़ी मनिका बत्रा को एशियन गेम्स की टीम से बाहर कर दिया गया। इसकी वजह घरेलू स्तर पर जरूरी मैच न खेलना बताया गया। मनिका बत्रा ने इस फैसले की सार्वजनिक रूप से आलोचना की और खेल मंत्रालय से दखल देने की मांग की। मनिका बत्रा ने आरोप लगाया कि फेडरेशन की चयन प्रक्रिया अस्पष्ट और अनुचित थी।

खेल मंत्रालय ने TTFI से जुड़ी सभी समस्याओं पर ध्यान दिया और उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया। खेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, टीटीएफआई का जवाब संतोषजनक नहीं था। खेल मंत्रालय ने कहा कि टीटीएफआई खिलाड़ियों के कल्याण को सुनिश्चित करने की अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहा। इसका एक उदाहरण पिछले साल देर से राष्ट्रीय चैंपियनशिप आयोजित कराना भी शामिल था।

टीटीएफआई को इस साल चुनाव कराने हैं, लेकिन यह प्रक्रिया कब शुरू होगी, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। खेल मंत्रालय ने कहा कि एक राष्ट्रीय खेल महासंघ से जवाबदेही और लोकतांत्रिक कामकाज के जिन सिद्धांतों की उम्मीद की जाती है, उनका पालन नहीं किया गया। खेल मंत्रालय ने यह भी कहा कि टीटीएफआई ने उसके द्वारा जारी निर्देशों और गाइडलाइंस की बार-बार अनदेखी की।

इससे पहले फरवरी 2022 में दिल्ली हाई कोर्ट ने TTFI को निलंबित कर दिया था। उस समय प्रशासक की नियुक्ति का आदेश देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था कि वह TTFI के खराब हालात को देखकर हैरान है। नए चुनावों के बाद दिसंबर में फेडरेशन को बहाल कर दिया गया था।

‘‘मुझे जगह नहीं, जवाब चाहिए’’: एशियन गेम्स टीम से बाहर होने पर बोलीं मनिका बत्रा, कानूनी कदम उठाने की चेतावनी भी दी

एशियन गेम्स टीम से बाहर किए जाने के बाद मनिका बत्रा ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी विशेष छूट की मांग नहीं कर रहीं, बल्कि चयन के आधार की स्पष्ट जानकारी चाहती हैं। जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाने की बात कही है। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें)

एशियाड से पहले भारतीय निशानेबाजी में विवाद, राष्ट्रीय शॉटगन कोच पर हितों के टकराव के आरोप; साई ने बैठाई जांच

एशियाई खेल 2026 से पहले भारतीय शूटिंग में विवाद गहरा गया है। राष्ट्रीय शॉटगन कोच पर चेन्नई शूटिंग रेंज निर्माण के ठेके को लेकर हितों के टकराव के आरोपों की जांच साई कर रहा है। वहीं हाई परफॉर्मेंस राइफल कोच मनोज कुमार भी निजी कोचिंग और कथित भेदभाव के आरोपों के कारण जांच के घेरे में हैं। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें)