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VIDEO: टीम इंडिया में चुने जाने पर जरा भी रोमांचित नहीं थे श्रेयस अय्यर, जानिए क्या था कारण

श्रेयस अय्यर ने क्रिकबज से बातचीत में अपनी जिंदगी से जुड़े कई राज उजागर किए। इसी दौरान उन्होंने खुलासा किया कि टीम इंडिया की कैप मिलते समय वे जरा भी रोमांचित नहीं थे।

Shreyas Iyerश्रेयस अय्यर ने एक नवंबर 2017 को न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच से टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू किया था।

अपने प्रदर्शन से फैंस और चयनकर्ताओं का भरोसा हासिल करने वाले श्रेयस अय्यर इस समय टीम इंडिया की रीढ़ भी कहे जा रहे हैं। उनके टीम में शामिल होने के बाद से टीम इंडिया 4 नंबर पर बल्लेबाजी की समस्या से लगभग निजात पा गई है। बता दें कि श्रेयस अय्यर के पहले 4 नंबर पर कई बल्लेबाजों को आजमाया गया, लेकिन वे खुद को साबित करने में सफल नहीं हुए है। श्रेयस के आने के बाद टीम मैनेजमेंट की पेशानी पर पड़े बल कम हो गए हैं।

कोरोनावायरस के कारण सभी खिलाड़ी अपने-अपने घरों में कैद हैं। इस बीच, श्रेयस अय्यर ने क्रिकबज से बातचीत में अपनी जिंदगी से जुड़े कई राज उजागर किए। इसी दौरान उन्होंने खुलासा किया कि टीम इंडिया की कैप मिलते समय वे जरा भी रोमांचित नहीं थे। दरअसल, अय्यर से पूछा गया था कि जब आप पुराने दिनों को याद करते हैं तो क्या टीम इंडिया की कैप मिलना उनकी जिंदगी का सबसे रोमांचकारी पल था?

इस पर अय्यर ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो जब मुझे इंडिया कैप मिली तब मैं बिल्कुल भी रोमांचित नहीं था, क्योंकि मुझे लगता था कि यह और पहले मिल जानी चाहिए थी।’ उन्होंने कहा, ‘जब मुझे कैप मिला, तो मुझे लगा कि चलो ठीक है। ओके नॉर्मल। इतना कुछ फील नहीं हुआ मुझे।’ इसी दौरान उनसे पूछा गया कि आपने इतना बदलाव कैसा आया। इस सवाल के जवाब में अय्यर ने कहा, ‘मैंने दूसरे सीजन में 1300 रन बनाए, लेकिन इंडिया टीम के लिए मुझे नहीं चुना गया। जबकि मुझे खुद के चुने जाने की उम्मीद थी।’

उन्होंने कहा, ‘मैं देख रहा था कि अन्य खिलाड़ी आगे निकल रहे थे और सेलेक्ट हो रहे थे, जबकि उनकी परफॉर्मेंस मेरे जितनी अच्छी नहीं थी। इसलिए मैंने सेलेक्टर्स से पूछा कि मुझे क्या कमी है। तब मुझे कहा गया कि आप ओवर एग्रेसिव प्लेयर हैं। इसके बाद मैंने फैसला किया कि जैसे वे (चयनकर्ता) चाहते हैं मैं वैसा खेलूंगा। देखता हूं कि इससे क्या मदद मिलती है। मैंने महसूस किया कि यदि मैं ज्यादा समय तक क्रीज पर टिका रहता हूं तो यदि मैं समय विकेट पर गुजारता हूं। उसके बाद मैं ज्यादा कान्सिस्टन्स हुआ।’

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