सचिन तेंदुलकर को थी नींद में चलने की बीमारी, देखकर डर गए थे सौरव गांगुली; देखें VIDEO

गांगुली ने बताया, ‘हम इंग्लैंड के दौरे पर गए हुए थे। मैं और सचिन रूम मेट थे। एक दिन मैंने रात को देखा कि यह बंदा चल रहा है रूम में। घूम रहा है उठकर। मैंने सोचा बाथरूम गया होगा। यह सोचकर मैं उल्टा साइड जाकर सो गया।’

सचिन तेंदुलकर क्रिकेट का पर्याय कहे जाते हैं। उनके नाम इतने रिकॉर्ड हैं कि सबके बारे में उन्हें भी नहीं मालूम हो। हालांकि, उनके बारे में भी कुछ ऐसी बातें हैं जो शायद फैंस को नहीं मालूम हों। सचिन तेंदुलकर को नींद में चलने की बीमारी है। वह नींद में बोलते यानी बड़बड़ाते भी हैं। यह जानकारी टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली ने गौरव कपूर के यूट्यूब चैनल ब्रेकफॉस्ट विद चैंपियन में सार्वजनिक कर चुके हैं।

गांगुली ने बताया, ‘हम इंग्लैंड के दौरे पर गए हुए थे। मैं और सचिन रूम मेट थे। एक दिन मैंने रात को देखा कि यह बंदा न चल रहा है रूम में। घूम रहा है उठकर। मैंने सोचा बाथरूम गया होगा। यह सोचकर मैं उल्टा साइड जाकर सो गया। अगले दिन उससे कुछ पूछा नहीं। दूसरे दिन फिर देखा कि रात में उठकर चल रहा है वह। तो मैं उठकर बैठ गया। मैंने सोचा यह करता क्या है रात को एक-डेढ़ बजे। वह रूम में गोल गोल घूमता है। घूम-घूमकर चेयर पर बैठता है। फिर आकर बाजू में सो जाता है।’

सौरव सचिन की इस तरह की हरकत देखकर काफी डर गए। उन्होंने अगले दिन सचिन से कहा, ‘तू तो डरा रहा है मुझे। तू कर क्या रहा है रात को उठ-उठकर।’ इस पर सचिन ने कहा, ‘नहीं नहीं मैं रात को चलता हूं नींद में। तो उसको यह आदत थी रात को नींद में चलने की।’ शो के दौरान गांगुली ने तेंदुलकर को लेकर और भी कई खुलासे किए।

सौरव गांगुली ने बताया, ‘सचिन अपने बल्ले को सही रखने के लिए साथ में रंदा और सैंडपेपर रखते थे, खासतौर पर वर्ल्ड कप के दौरान।’ गांगुली ने बताया, ‘करियर के बीच में मैं भी भारी बल्ले से खेलने लगा था। सचिन भी भारी बैट यूज करता था। उसको शायद मेरा बैट का फील पसंद होता था। 1992 वर्ल्ड कप में मैं ड्रॉप हो गया। वर्ल्ड कप टीम में चयन नहीं हुआ।’

गांगुली ने हंसते हुए बताया, ‘लोग जब वापस जाते (टीम में चयन नहीं होता है तब) हैं तो साथी कहते हैं कि घर जाओ। कोई बात नहीं। कूल रहो। अगले टूर पर आकर खेलेंगे। लेकिन सचिन ने मुझसे कहा कि मैं तेरा बैट ले लूं।’ मैंने कहा, ‘भाई ड्रॉप कर दिया। बैट भी ले लिया। अब क्या-क्या करोगे? फिर मैंने उसको बैट दिया वर्ल्ड कप के लिए।’

सचिन की और भी कई खासियतें हैं। जैसे उनके पसंदीदा खिलाड़ी जॉन मैकनरो हैं। वह मैकनरो के इस कदर दीवाने थे कि उनकी तरह बाल बढ़ाकर चोटी बांधने लगे थे। उनको चाय में ग्लूकोज वाला बिस्कुट डुबोकर खाना पसंद है। बिस्कुट के टूटकर गिरने पर वह उसे चम्मच से निकालकर खाते हैं।

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