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‘सचिन तेंदुलकर पहली गेंद का सामना नहीं करने के लिए बनाते थे बहाने’, सौरव गांगुली ने किया खुलासा

गांगुली और तेंदुलकर ने वनडे में 176 पारियों में 8227 रन की साझेदारी की थी। इस दौरान उनका औसत 47.55 का था। दोनों के अलावा अब तक कोई भी जोड़ी 6000 से ज्यादा रन की साझेदारी नहीं कर सकी है।

भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने खुलासा किया क्यों सचिन तेंदुलकर ओपनिंग करने के दौरान पहली गेंद का सामना नहीं करते थे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष ने बताया कि तेंदुलकर हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर नॉन-स्ट्राइक पर चले जाते थे। गांगुली के मुताबिक, जब उन्हें सचिन के साथ ओपनिंग करने का मौका मिलता था तब उन्हें ही पहली गेद का सामना करना पड़ता था। सौरव और सचिन की जोड़ी एक समय मशहूर थी। दोनों गेंदबाजों के लिए मुश्किलें पैदा करते थे।

गांगुली ने मयंक अग्रवाल के साथ लाइव चैट के दौरान कहा, ‘‘हां, वो हमेशा मुझे स्ट्राइक लेने के लिए कहते थे। उनके पास हर पर कोई न कोई बहाना होता था और वे जवाब देते थे। मैं उनसे हमेशा कहता था आपको भी पहली गेंद का सामना करना चाहिए। मैं ही हमेशा स्ट्राइक लेता हूं। उनके पास दो जवाब होते थे। जब उनका फॉर्म बढ़िया होता था तो वे चाहते थे कि यह ठीक से रहे। इसके लिए वे नॉन-स्ट्राइक पर ही रहते थे और जब उनका फॉर्म खराब होता था तो वे कहते थे कि मैं नॉन-स्ट्राइकर पर ही रहता हूं ताकि प्रेशर कम हो सके।’’


गांगुली ने आगे कहा, ‘‘तेंदुलकर ने एक या दो बार ही स्ट्राइक लिया होगा। वो भी मैं नॉन-स्ट्राइक पर खड़ा हो गया था तब उन्हें ऐसा करना पड़ा था। उनके पास अच्छे फॉर्म और खराब फॉर्म दोनों के समय कोई न कोई जवाब जरूर होता था। इसके लिए आपको खुद ही नॉन-स्ट्राइक पर जाना होता था। तब टीवी पर मैच लाइव होने के मजबूरी में स्ट्राइक लेना पड़ता था। यह एक या दो ही बार हुआ है।’’ गांगुली और तेंदुलकर ने वनडे में 176 पारियों में 8227 रन की साझेदारी की थी। इस दौरान उनका औसत 47.55 का था। दोनों के अलावा अब तक कोई भी जोड़ी 6000 से ज्यादा रन की साझेदारी नहीं कर सकी है।

तेंदुलकर टेस्ट में सबसे ज्यादा 152921 रन बनाए। उनके नाम 51 शतक हैं। वनडे में सचिन ने 49 शतकों की मदद से 18426 रन बनाए। उन्होंने24 साल के लंबे करियर में छह बार वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वे 2011 में वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के सदस्य थे। दूसरी ओर, गांगुली भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक रहे हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने पहली बार पाकिस्तान को उसके घर में टेस्ट सीरीज हराया। उनके नेतृत्व में भारतीय टीम 2003 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी। गांगुली ने 113 टेस्ट और 311 वनडे खेले। इस दौरान इंटरनेशनल करियर में कुल 18575 रन बनाए।

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