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सौरव गांगुली पहले ही टेस्ट में हुए थे स्लेजिंग का शिकार, शतक से पहले ‘दादा’ ने नहीं किया था लंच; जमकर की थी अंग्रेज गेंदबाजों की पिटाई

गांगुली ने 1996 में टेस्ट डेब्यू किया था। उन्होंने अपने पहले ही मैच में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में शतक जमाया था। उस मैच से पहले गांगुली को 1992 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वनडे में डेब्यू करने का मौका मिला था।

सौरव गांगुली ने अपने पहले टेस्ट में 131 रनों की पारी खेली थी। (Reuters Photo)

भारतीय क्रिकेट इतिहास के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में से एक सौरव गांगुली ने 1996 में टेस्ट डेब्यू किया था। उन्होंने अपने पहले ही मैच में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में शतक जमाया था। उस मैच से पहले गांगुली को 1992 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वनडे में डेब्यू करने का मौका मिला था। गांगुली के टेस्ट डेब्यू की कहानी काफी रोचक है। उन्हें पहले ही मैच में अंग्रेज खिलाड़ियों के स्लेजिंग का शिकार होना पड़ा था। ‘दादा’ के नाम से मशहूर गांगुली ने शतक से पहले लंच भी नहीं किया था।

गांगुली का डेब्यू टेस्ट मैच 20 से 24 जून के बीच खेला गया था। भारत के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन और इंग्लैंड के माइक अथर्टन थे। बीबीसी के वरिष्ठ पत्रकार रेहान फजल ने वह मैच लाइव देखा था। उन्होंने बीबीसी न्यूज हिंदी के शो ‘खेल के किस्से’ में मैच के बारे में रोचक बातें बताई थीं। रेहान फजल बताते हैं, ‘‘1996 में गांगुली को चार साल बाद भारतीय टीम में चुना गया। जैसे ही ये सूचना आई कि गांगुली को टीम में ले लिया गया है तो उनकी मां उन्हें पकड़कर पूजा घर में ले गईं। वहां उन्होंने कहा कि भगवान का शुक्रिया अदा करो।’’

फजल ने आगे बताया था, ‘‘शुरू में गांगुली इंग्लैंड दौरे पर अच्छा नहीं खेल रहे थे। वनडे मैच होने वाले थे। उस समय के कप्तान अजहरुद्दीन ने उनसे कहा कि तुम तीन नंबर पर बल्लेबाजी करोगे। वहां पर ससेक्स का काउंटी मैच हो रहा था। ससेक्स के कोच थे दुनिया के नामी बल्लेबाज रहे डेसमंड हेंस। गांगुली ने उनसे कहा कि शायद आपको याद नहीं होगा कि मैंने आपके खिलाफ वनडे मैच खेला था। हेंस को यह याद था। गांगुली ने उनसे पूछा कि टिप्स मांगा तो हेंस ने कहा कि इंग्लिश पिचों पर फ्रंटफुट पर खेलो। तुम्हें पता होना चाहिए कि तुम्हारा ऑफ स्टंप कहां है।’’

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तीन मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी मैच में गांगुली को मौका मिला था। गांगुली ने वनडे मैच में 46 रन बनाए थे। इसके बाद लॉर्ड्स टेस्ट में गांगुली को मौका मिला। रेहान फजल ने आगे सुनाया था, ‘‘भारत के लिए दिनेश मोंगिया और विक्रम राठौर ओपनिंग करने उतरे थे। दोनों बहुत ज्यादा रन नहीं बना सके थे। गांगुली तीसरे नंबर पर उतरे थे। इंग्लैंड के एलेक स्टीवर्ट ने आते ही उन्हें स्लेज किया। स्टीवर्ट ने सोचा कि इनका टेस्ट किया जाए कि ये टेस्ट क्रिकेट खेल पाएंगे या नहीं। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने स्लेजिंग की।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘जब दूसरे दिन का खेल समाप्त हुआ तो गांगुली 26 रन बनाकर नॉटआउट थे। जब तीसरे दिन उतरे तो लंच तक वे 65 रन पर नॉटआउट थे। वे लंच रूम में भी नहीं गए थे। उन्होंने लंच इसलिए नहीं किया कि उनका ध्यान भंग हो सकता है। गांगुली ने 131 रन बनाए। जैसे ही शतक लगा सभी दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। जब वे आउट होकर पवेलियन लौट रहे थे तो लॉर्डस के मेंबर्स स्टैंड के बगल से गुजर रहे थे। सारे मेंबर्स ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया था। गांगुली ने इसके बाद ट्रेंटब्रिज टेस्ट में भी शतक लगाया था।’’

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